Saturday, 13 July 2019

लिंग के रोग (Panis Disorders)


लिंग के रोग (Panis Disorders)
पेनिस (लिंग) रोग (Panis Disorders) पुरुषों के लिए बहुत गंभीर समस्या है। यह समस्या पुरुष के सम्पूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं । वास्तव में  ऐसी  कई सामान्य बीमारियां हैंजो लिंग को काफी हद तक प्रभावित कर सकती हैं। और आगे चलकर यौन संक्रमित संक्रमण का कारण बनती हैं। अतः लिंग से सम्बंधित समस्या एक पुरुष के सम्पूर्ण जीवन को खतरे में डाल सकती है। प्रत्येक पुरुष को पेनिस (लिंग) से सम्बंधित रोग और उनके लक्षणों के बारे में जानकारी होना अतिआवश्यक है। पेनिस (लिंग) के रोग क्या हैंइनके लक्षण क्या हैंकारणप्रकारउपचार और बचाव की जानकारी दी जा रही है।

लिंग के रोग (Panis Disorders) क्या हैं

पेनिस (लिंग) के रोग पुरुषों में लिंग से सम्बंधित विभिन्न समस्याएं हैंजो यौन समस्याओं का कारण बनते हैं।
एक स्वस्थ व्यक्ति के पास स्वस्थ लिंग होने की निम्न विशेषताएं पाई जाती हैं जैसे – मूत्र त्यागने में सक्षमतरल पदार्थ में संतुलन बनाए रखनायौन संबंध रखने में सक्षम और गर्भ में वीर्य स्थापित करने में सक्षम होना।
लेकिन लिंग के सीधा होने वाली कठिनाईपूर्ण यौन संभोग करने में असमर्थ तथा लिंग में झुकाव ये सभी सामान्य स्थितियाँ लिंग और यौन जीवन को प्रभावित कर सकती है।
पेनिस (लिंग) रोग के लक्षण 
पेनिस रोग (Panis disease) लिंग के आधारशाफ्ट या सिरे को प्रभावित कर सकते हैं। यह फोरस्किन (foreskin) या लिंग की चमड़ी को भी प्रभावित करते है। अतः पेनिस (लिंग) रोग के प्रकारों के आधार पर निम्न लक्षण प्रकट हो सकते हैं ।
Ø  लिंग में दर्द
Ø  लिंग क्षेत्र में खुजली होना
Ø  जलन महसूस होना
Ø  लिंग की नोक पर सूजन
Ø  मूत्र या वीर्य में रक्त की उपस्थिति
Ø  निचली कमर में दर्द होना
Ø  वीर्यपात के दौरान दर्द होना
Ø  लिंग को खड़ा करने या रखने में समस्याएं
Ø  लिंग में घाव आना
Ø  बुखार आना
Ø  लगातार पेशाब आना
Ø  मूत्र त्याग करने में दर्द और जलन महसूस होना
Ø  पेशाब सम्बन्धी तीव्र इच्छा
Ø  मूत्रमार्ग (Urethra) में दर्द होना
Ø  लिंग से रिसाव होना

पेनिस (लिंग) के रोग के कारण

पेनिस के रोग विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के कारण उत्पन्न हो सकते हैंजैसे –
Ø  शराब का अत्यधिक सेवन करने से
Ø  किसी ऐसे व्यक्ति के साथ यौन संबंध रखने सेजिसे पहले से ही संक्रमण हो
Ø  असुरक्षित सेक्स करने से
Ø  अवैध दवाओं का अत्यधिक लम्बे समय तक सेवन करने से
Ø  एक से अधिक भागीदारियों के साथ यौन संबंध रखने से
Ø  लिंग (panis) या रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से
Ø  एक कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली होने पर
Ø  लिंग की नियमित सफाई न करने से
Ø  सेक्स गतिविधियों के दौरान लिंग को नुकसान होने से
Ø  हार्मोन असंतुलनविशेष रूप से टेस्टोस्टेरोन (testosterone) की कमी के कारण ।

पेनिस के रोग के प्रकार 

जब लिंग (पेनिस) में कोई समस्या उत्पन्न होती हैतो यह समस्या यौन जीवन के साथ-साथ सम्पूर्ण स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है। लिंग (Panis) को प्रभावित करने वाली कुछ सबसे सामान्य स्थितियां निम्न हैं:
 प्रियापिज्म

यह समस्या लिंग में स्थिर दृढंता (Priapism) का कारण बनती है। प्रियापिज्म (Priapism) एक गंभीर स्थिति हैजिसमें एक आदमी का लिंग चार घंटे से अधिक समय तक खड़ा रहता है या अपनी वास्तविक स्थिति में नहीं आता है। यह काफी दर्दनाक हो सकता हैतथा यह घंटों या कई दिनों तक रह सकता है। इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर को दिखाने की ज़रूरत होती है।
फाइमोसिस 
एक ऐसी स्थिति जिसमें लिंग के सिर को कवर करने वाली अतिरिक्त त्वचा (foreskin) बहुत अधिक टाइट होती है। जिसके कारण इसे वास्तविक स्थिति से हटाकर लिंग के सिरे को देखना मुश्किल हो जाता है। फाइमोसिस (Phimosis) का इलाज करने के लिए सर्जरी का उपयोग किया जा सकता है।
 पैराफिमोसिस 
 यह तब होता हैजब फोरस्किन (foreskin) या चमड़ीलिंग के सिर के पीछे फंस जाता हैऔर अपने वास्तविक स्थान पर वापस नहीं आ सकती है। यह चिकित्सा आपातकालीन स्थिति हैजो इलाज नहीं किए जाने पर गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है।
पेरोनी रोग 
यह एक ऐसी स्थिति हैंजो लिंग के भीतरी अस्तर पर घावऊतक में कठोर गांठ के अतिरिक्त लिंग के खड़ा होने पर एक तरफ झुकने का कारण बनती है। इस बीमारी का कारण ज्ञात नहीं है। उपचार के बिना भी यह बीमारी ठीक हो जाती है। लेकिन गंभीर मामलों में सर्जरी का आवश्यकता पड़ती है।
 रेट्रोग्रेड स्खलन 
 इस समस्या का संबंध उस स्थिति से हैजब संभोग किए जाने के दौरान वीर्यलिंग की नोक से बाहर आने की बजाय मूत्राशय में प्रवेश करता है। यह एक “शुष्क संभोग” की ओर संकेत करता है। चूंकि रेट्रोग्रेड स्खलन (Retrograde ejaculation) हानिरहित होता हैलेकिन यह पुरुष बांझपन (male infertility) का कारण बन सकता है।
पेनिस में सूजन बैलेनाइटिस 

 बैलेनाइटिस (Balanitis) को लिंग के सिर या फोरस्किन (foreskin) की सूजन या संक्रमण के रूप में जाना जाता है। यह लिंग में लालिमारिसाव, खुजली और दर्द का कारण बनता है। यह स्थिति गंभीर नहीं हैपरन्तु दर्दनाक हो सकती है। इसे दवाओं का उपयोग करके ठीक किया जा सकता है।

क्रोनिक नॉनबैक्टीरियल प्रोस्टटाइटिस 
क्रोनिक नॉनबैक्टीरियल प्रोस्टेटाइटिस एक ऐसी स्थिति हैजो पुरुषों में निचले मूत्र पथ और पौरुष ग्रंथि (prostate) में दर्द और सूजन का कारण बनती है।

पुरुष गुप्त रोग जननांग हरपीज 
जेनिटल हर्पीज़ (Genital Herpes) एक यौन संक्रमित बीमारी है। यह हर्पस घावों (herpes sores) या दाद जैसे घावों का कारण बनती हैजो दर्दनाक फफोले (तरल पदार्थ से भरे हुए) के रूप में हो सकते हैं।
 यूरेथ्राइटिस 
यूरेथ्राइटिस (Urethritis) एक ऐसी स्थिति हैजिसमें मूत्रमार्ग (urethra) या ट्यूबजो मूत्राशय से मूत्र को शरीर के बाहर ले जाती हैमें सूजन और परेशान का कारण बनती है। यह समस्या मूत्रमार्ग (urethra) में संक्रमण के कारण उत्पन्न होती है।
पुरुष खमीर संक्रमण 
यीस्ट संक्रमण (Yeast infections) महिलाओं में एक सामान्य समस्या हैलेकिन यह संक्रमण पुरुषों में भी हो सकता हैयह यौन संचारित बीमारी है। लिंग की नोक पर लालिमाखुजली और जलन इसके लक्षणों को प्रगट करते हैं। यीस्ट संक्रमण (Yeast infections) का इलाज ओवर-द-काउंटर एंटीफंगल मलहम (antifungal ointment) के साथ किया जा सकता है।
लिंग का रोग सिफलिस 
सिफलिस (Syphilis), ट्रेपेनेमा पैलिडम (Treponema pallidum) नामक बैक्टीरिया के कारण होने वाला एक यौन संचारित रोग (sexually transmitted disease) है। प्रारंभिक संक्रमण की अवस्था में यह आमतौर पर लिंग या अंडकोश की थैली पर एक साधारणगोल आकर में और दर्द रहित अल्सर (छाले) का कारण बनता है। लेकिन समय के साथ यह शरीर के अन्य हिस्सों में फैलता हैऔर कई अंगों को नुकसान पहुंचाता है।

पेनिस कैंसर 

लिंग कार्सिनोमा (Carcinoma) या लिंग कैंसर (penile cancer) एक काफी दुर्लभ स्थिति है। यह त्वचा पर या लिंग के ऊतकों में अनियमित और दर्द रहित गांठ या अल्सर (छाले) के रूप में शुरू होता है। यह आमतौर पर लिंग के बाकी हिस्सों में तेजी से बढ़ता है।
अतः लिंग से सम्बंधित अधिकतर मामलों में उपचार संभव हैं। इनमें से कुछ स्थितियों को अच्छी स्वच्छता रखकर रोका जा सकता है। चूंकि लिंग से सम्बंधित कुछ स्थितियां चिकित्सा आपातकालीन स्थिति हैंइसलिए इन समस्याओं के लक्षणों को पूरी तरह से जानना महत्वपूर्ण होता है।

पेनिस रोग होने पर डॉक्टर को कब दिखायें ?


लिंग (Panis) से सम्बंधित निम्न समस्याएं उत्पन्न होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए:
Ø  लिंग में दर्दसूजन या कोमलता आने पर
Ø  इरेक्‍शन (erection) या लिंग के खड़े होने का समय, 4 घंटे या उससे अधिक तक रहने पर
Ø  एक फोरस्किन (foreskin) या लिंग की चमड़ी का बहुत टाइट होने पर
Ø  मूत्र या वीर्य में रक्त निकलने पर
Ø  एक असामान्य रिसाव या स्खलन होने पर
Ø  लिंग के क्षेत्र में खुजलीफफोलेघाव या छोटे लाल धब्बे आने पर

लिंग में दर्द की रोकथाम
लिंग में दर्द (Panis Pain) विकसित होने की संभावनाओं को कम करने के लिए निम्न उपाय अपनाये जा सकते हैंजैसे कि:
Ø  यौन संबंध रखते समय कंडोम का उपयोग करें
Ø  सक्रिय संक्रमण (active infection) वाले किसी भी व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाने से बचना चाहिए
Ø  यौन संभोग के दौरान लिंग के झुकाव या घुमाव वाली किसी भी तरह की गतिविधियों से बचना चाहिए।
Ø  संक्रमण या फोरस्किन (foreskin) से सम्बंधित समस्याओं को कम करने के लिए फोरस्किन या लिंग की त्वचा के नीचे परिशुद्ध करण (circumcision) या सफाई करनी चाहिए।

पेनिस के रोग को दूर करने के उपाय 
लिंग स्वास्थ्य को बनाए रखने एवं लिंग से सम्बंधित समस्याओं को रोकने के लिए निम्न कदम उठाये जा सकते हैं:

लिंग को साफ रखें 

कम साबुन का उपयोग कर धीरे-धीरे लिंग को पानी से साफ करना चाहिए। तथा यदि संभव हो तो फोरस्किन के नीचे भी साफ करना सुनिश्चित करें।

नियमित रूप से लिंग की जांच करें

 प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से सभी यौन अंगों जैसे कि अंडकोष और अंडकोश की थैली (Scrotum) आदि में असामान्यता की जाँच करनी चाहिए।

सेक्स भागीदारों को कम करें

 अधिक व्यक्तियों के साथ यौन संबंध रखने से बचें तथा बच्चे के लिए प्रयास ना करने के दौरान प्रत्येक बार सेक्स करते समय कंडोम का प्रयोग करें।

धूम्रपान बंद करें 

धूम्रपान मानव के सम्पूर्ण स्वास्थ्य और लिंग (Panis) के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है। अतः धूम्रपान और शराब के सेवन से बचना चाहिए।

स्वास्थ्य प्रबंधन

 विभिन्न चिकित्सकीय स्थितियां और दवाएं का प्रभाव सम्पूर्ण स्वास्थ्य पर होता है जो कि लिंग के कार्य को भी प्रभावित कर सकती हैं।
खेल और अन्य गतिविधियों के दौरान प्रत्येक व्यक्ति को लिंग (Panis) की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए सुरक्षात्मक सामग्री का उपयोग करना चाहिए।
यदि कोई व्यक्तिलिंग (Panis) में किसी भी तरह के बदलाव का अनुभव कर रहा हो तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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Saturday, 6 July 2019

यौनरोग: प्रियापिज्म या प्रोलॉंग इरेक्शन


 यौनरोग:  प्रियापिज्म या प्रोलॉंग इरेक्शन 

प्रियापिज्म या प्रोलॉग इरेक्शन में किसी पुरुष को चार-चार घंटों तक बिना सेक्सुअल सेंसेशन के लिंग में तनाव बना रहता है। यह एक कष्टप्रद समस्या है, जिसके होने पर जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

प्रियापिज्म या प्रोलॉग इरेक्शन क्या होता है ?


बहुत सारे लोग इरेक्शन नहीं होने की शिकायत करते हैं लेकिन प्रियापिज्म या प्रोलॉग इरेक्शन (Priapism or prolonged erection) समस्या इसके ठीक उलट होती है। इसमें पुरुष के लिंग में उत्तेजना चार-चार घंटों तक रहती है लेकिन उसमें कोई सेक्सुअल सेंसेशन नहीं होती है। ऐसी स्थिति में लिंग में खून जमा होने लगता है। महिलाओं में इस स्थिति को क्लिटोरिस्म कहा जाता हैं। 

प्रियापिज्म या प्रोलॉग इरेक्शन से  क्या समस्या  होती है ?


प्रियापिज्म या प्रोलॉग इरेक्शन एक असामान्य स्थिति होती है,  इसमें लिंग में रक्त फंस जाता है और शिश्न की धमनियों से होकर निकलने में असमर्थ हो जाता है। जिसमें जल्द ही मेडिकल अटेंशन की जरूर होती है। ऊतकों को नुकसान पहुंचने से बचाने के लिए तत्काल चिकित्सा की जरूरत होती है, क्योंकि इसके कारण इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है। 

प्रियापिज्म किस आयु में होता है ?


प्रियापिज्म की समस्या 5 से 10 साल के लड़कों तथा 20 से 50 साल के पुरुषों में अधिक होती है। यह समस्या कष्टदायक होती है। और कई सेक्स संबंधी समस्याओं को उत्पन्न कर सकती है। 

प्रियापिज्म के क्या लक्षण होते है ?


प्रियापिज्म, असामान्य रूप से लगातार बिना किसी यौन उत्तेजना से संबंधित जननांग के तनाव का कारण बनता है। प्रियापिज्म के लक्षण इसके प्रकार के आधार पर भिन्न हो सकते हैं। प्रियापिज्म के सामान्यत: दो प्रकार, इस्कीमिक और नॉनइस्कीमिक (Ischemic & nonischemic priapism) प्रकार होते हैं।  

नॉनइस्कीमिक प्रियापिज्म


जब लिंग में खून का बहाव बहुत तेज होता है, तब नॉनइस्कीमिक प्रियापिज्म होता है। इसमें सामान्यतः दर्द नहीं होता। इसमें कम से कम चार घंटे तक इरेक्शन होता है। या फिर इरेक्शन तो होता है लेकिन संवेदना नहीं होती है। 

इस्कीमिक प्रियापिज्म


इस्कीमिक प्रियापिज्म को लो फ्लो प्रियापिज्म भी कहा जाता है। इसमें भी अवांक्षनीय इरेक्शन चार घंटों तक हो सकता है। आमतौर पर यह दर्दनाक या निविदा लिंग वाला होता है। इसके दौरान भी कोई संवेदना नहीं होती है। 

 प्रियापिज्म का कारण


हालांकि प्रियापिज्म का कारण अभी तक ज्ञात नहीं है। लेकिन यह तंत्रिका क्षति या कुछ प्रकार की दवाओं के सेवन के पक्ष प्रभाव के के काण हो सकता है। यह रक्त को प्रभावित करने वाली स्थितियों, जैसे सिकल सेल एनीमिया या ल्यूकेमिया या फिर लिंग या जननांग क्षेत्र की किसी चोट के कारण भी हो सकता है। शराब और अवैध ड्रग्स भी इसका कारण हो सकते हैं। 

प्रियापिज्म का उपचार


प्रियापिज्म के उपरोक्त में से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। ऐसी स्थिति में आइस पैक भी लगा सकते हैं। कुछ गंभीर या पुराने मामलों में सर्जरी की भी सलाह        
दी जाती है। इसका उपचार दवाओं या फिर लिंग से खून बाहर निकालकर  किया जा सकता है             


वैकल्पिक चिकित्सा उपचार

कुछ सामान्य व्यायाम जैसे ऐसे जॉगिंग या साइकलिंग आदि को नियमित रूप से करने पर इसके लक्षणों में कमी आती है। गुनगुने पानी से स्नान करने के बाद भी मदद मिल सकती है। मूत्र त्याग करने से भी इस समस्या में आराम होता है। लेकिन जल्द आराम न होने पर तुरंत डॉक्टरी मदद अवश्य लेनी चाहिए। 




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