Saturday, 23 April 2022

स्वप्नदोष / नाइट फॉल क्या है? और ये क्यों होता है?

                        

नाइट फॉल क्या है?  ये क्यों होता है? जाने डॉ0 बी0 के0 कश्यप से 

स्वप्नदोष / नाइट फॉल (Nightfall) से अधिकतर पुरुष परेशान रहते हैं। यह एक प्रकार की सेक्शुअल प्राब्लम (Sex Problems) है। स्वप्नदोष / नाइट फॉल की दिक्कत को दूर करने के लिए लोग न जाने क्या-क्या करते हैं। मगर जब तक आप स्वप्नदोष / नाइट फॉल क्या होता है? और स्वप्नदोष क्यों होता है? इस बात को नहीं समझेगे  तब तक  इसको दूर नहीं कर सकते हैं।

इसलिए अब हम स्वप्नदोष / नाइट फॉल की समस्या (Nightfall Problems) और उसे दूर करने के उपाय के बारे में जानते हैं।
  
स्वप्नदोष / नाइट फॉल क्या होता है? (What Is Nightfall)

नाइट फॉल (स्वप्नदोष) को  धात की बीमारी भी कहते हैं। नाइट फॉल (स्वप्नदोष) एक ऐसी समस्या होती है, जिसमें किसी पुरुष को सोने के दौरान अचानक ही वीर्य निकलने लगता है। वह व्यक्ति चाहकर भी इसे रोक नहीं पाता। जबतक उसकी नींद खुलती है तब तक उसका अंडरवियर गीला हो जाता है। 
सेक्स पर शोध करने वाले अधिकतर लोग लिखते हैं कि "स्वप्नदोष" दरअसल नींद में 'रंगीन' सपनों के माध्यम से ऑर्गेज्‍म प्राप्त करने का जरिया होता है। जिसका अनुभव करने से वीर्यपात होता है।
 
स्वप्नदोष क्यों होता है? (Why Nightfall)

स्वप्नदोष होने के कई कारण हो सकते हैं। यह व्यक्ति के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। जैसे- कई पुरुष रात को सोने से पहले न्यूड फोटो, पोर्न या कुछ इंटीमेट चीजों को देखकर सोते हैं। इस वजह से भी उनके सपने में ऐसी मनोरम चीजें आती हैं। तब उनका नाइट फॉल हो जाता है। इस तरह से धीरे-धीरे वे ऐसी चीजों के आदी हो जाते हैं।

सोते समय वीर्य का अपने आप निकल जाना ही स्वप्नदोष है। इसके कारण कुछ भी हो सकते हैं। इसलिए डॉक्टर से मिलने के बाद कारण समझकर मरीज का इलाज किया जाता है। बता दें कि स्वप्नदोष / नाइट फॉल के कारण अभी तक अज्ञात हैं।

स्वप्नदोष / नाइट फॉल के नुकसान (Side Effects Of Nightfall)


ऐसा कहा जाता है कि स्वप्नदोष / नाइट फॉल के कारण पुरुषों की आंख के नीचे काले घेरे बनने लगते हैं। इसके अधिक होने से कमजोरी, तनाव आदि की समस्या बनने लगती है। खासकर, शादी के बाद के जीवन के बारे में सोचकर पुरुष परेशान होने लगते हैं। क्योंकि उनको लगता है कि इससे उनकी सेक्स लाइफ बोरिंग हो सकती है।

इतना ही नहीं डॉक्टर बताते हैं कि स्वप्नदोष अधिक होने के कारण शीघ्रपतन, नंपुसकता जैसी समस्या जन्म ले सकती है। इसलिए अगर यह ज्यादा हो रहा है तो इसका इलाज तुरंत करा लेना चाहिए।
 
नीम हकीम के चक्कर में न पड़ें

इस तरह की समस्या से अधिकतर अविवाहित पुरुष परेशान होते हैं। इसलिए वे स्वप्नदोष / नाइट फॉल के बारे में किसी को बताने में शर्माते हैं। इस शर्म के चक्कर में वे किसी नीम-हकीम से चोरी छिपे जाकर मिलते हैं। इस कारण कई बार उनका जीवन खतरे में पड़ जाता है। इसलिए किसी सड़क नीम-हकीम और झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़ें।
 
स्वप्नदोष से कैसे बचें?

अगर आप हेल्दी सेक्स लाइफ जीना चाहते हैं तो आपको अपनी लाइफस्टाइल बदलनी होगी। तब जाकर आप स्वप्नदोष या किसी अन्य प्रकार की सेक्स संबंधित बीमारी / समस्या से बच सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित बातों को फॉलो करें-

· हर दिन कसरत करने की आदत डालें

· हेल्दी फूड्स खाएं

· सोने से पहले इंटीमेट करने वाली चीजों को न देखें और न बात करें

· नाइट ड्रेस लूज ही पहनें

· रात्रि पोशाक को साफ रखें

· पोर्न की लत न लगाएं

 
स्वप्नदोष दूर करने के उपाय (Treatment Of Nightfall)

स्वप्नदोष दूर करने के उपाय इंटरनेट पर हजारों मिल जाएंगे। मगर आपको बिना कारण समझे किसी भी उपाय को नहीं अपनाना चाहिए। इसलिए किसी जानकार डॉक्टर, सेक्सोलॉजिस्ट, सायकाइट्रिस्ट से मिलना चाहिए। ये एक्सपर्ट आपको आपकी जरूरत के हिसाब से बेहतर उपाय बता सकते हैं।






Monday, 11 April 2022

ये 6 कोर एक्सरसाइज अपनायें और आनंद ले अलग -अलग सेक्स पोजीशन और हार्डकोर का - डॉ0 बी0 के0 कश्यप



सेक्स (Sex) वह फिजिकल एक्टिविटी है,  पुरुष और महिला एक-दूसरे के साथ जब किसी रिलेशन में होते हैं, तो वे आपसी सहमति से सेक्स करते हैं।

सेक्स के कई फायदे भी होते हैं। जैसे,

· फिटनेस सही रहती है

· स्ट्रेस कम होता है

· इम्युनिटी बढ़ती है

· उम्र बढ़ती है

· नींद की क्वालिटी बढ़ती है

· ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है

· हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है

आदि। 

बॉयफ्रेंड हो या पति हर कोई चाहता है कि उसकी पार्टनर या पत्नी सेक्स के समय उससे सेटिस्फाई हो।  वे कामसूत्र की सेक्स पोजिशन  भी ट्राय करते हैं, जिससे उन्हें काफी मजा आता है।

इसके अलावा, कुछ लोग भरपूर मजे लेने के लिए हॉट सेक्स पोजिशन (Hot sex position) ट्राय करते हैं। अलग-अलग सेक्स पोजिशन के वक्त कुछ बातों का ध्यान  रखना जरूरी होता है।

जिसमें सबसे महत्वपूर्ण है, उस पोजिशन के लिए फिजिकल तौर पर तैयार होना। जैसे, जिसने भी कभी खड़े होकर सेक्स करने की कोशिश की है, वह जानता होगा कि कुछ समय बाद उस पोजिशन को बनाए रखने के लिए कितनी ताकत की जरूरत होती है।

रिसर्च बताती हैं, कि सेक्स और पोजिशन का मजा लेने के लिए आपको कुछ ऐसी एक्सरसाइज करना चाहिए, जिससे उस सेक्स पोजिशन को करते समय आपकी ताकत जवाब न दे जाए।

इसलिए, अलग-अलग पोजिशन में सेक्स पसंद करने वाले और हार्डकोर सेक्स का आनंद लेने वालों को कुछ ऐसी एक्सरसाइज करनी चाहिए, जो उन्हें अलग-अलग सेक्स पोजिशन करने के लिए मजबूत बनाती हैं और बेहतर बॉडी कंट्रोल भी देती हैं।


· सेक्स पोजिशन इम्प्रूव करने और बॉडी कंट्रोल बढ़ाने के लिए उपयोगी एक्सरसाइज



· प्लैंक (Plank)

· हॉलो होल्ड (Hollow hold)

· जंपिंग स्क्वॉट (Jumping squat)

· माउंटेन क्लाइंबर (Mountain climber)

· कीगल (Kegel)

· हिप थ्रस्ट (Hip thrust)


सेक्स पोजिशन इम्प्रूव करने और बॉडी कंट्रोल बढ़ाने के लिए मजबूत कोर की जरूरत होती है। कोर में एब्स (Abs), ग्लूट्स (Gluts), लोअर बैक (Lower back), डायफ्राम (Diaphragm), इरेक्टर स्पाइना (Erector spinae), रेक्टस एब्डोमिनिस (Rectus abdominis), मल्टीफ्यूडिस जैसी कई मसल्स होती हैं।

मजबूत कोर रीढ़ की सुरक्षा तो करता ही है, चोट के जोखिम को भी कम करता है। ये शरीर के नियंत्रण में सुधार करता है और आपको लंबे समय तक खड़े रहने में मदद करता है। इसलिए अगर आप अपने कोर को स्ट्रांग करते हैं, तो इससे सेक्स पोजिशन में काफी मदद मिलती है।

1-प्लैंक एक्सरसाइज  

प्लैंक एक्सरसाइज कोर पर टेंशन क्रिएट करने के लिए सबसे अच्छी बॉडी वेट एक्सरसाइज है। इसे कोई भी और कहीं भी कर सकता है।

बस इसे करते समय ध्यान रखें कि पेट खाली रहे। इसे करने के लिए किसी भी इक्यूपमेंट की जरूरत नहीं होती है।

प्लैंक करते समय ध्यान रखें, कि ब्रीदिंग नॉर्मल रहे और अधिक से अधिक देर तक प्लैंक होल्ड कर सकें।

 2- हॉलो होल्ड एक्सरसाइज 

हॉलो होल्ड एक्सरसाइज को योग की भाषा में नौकासन कहते हैं। ये भी कोर की मजबूती और स्ट्रेंथ बढ़ाने के लिए काफी अच्छी एक्सरसाइज है।

इस एक्सरसाइज को करते समय भी ब्रीदिंग का खास ख्याल रखें। और कम से कम 30 सेकंड और अधिक से अधिक जितना हो सके, उतना होल्ड करने की कोशिश करें।

 


3. जंपिंग स्क्वॉट एक्सरसाइज (Jumping squat)

जंपिग स्क्वॉट करने से ग्लूट और कोर मसल्स को अधिक फायदा मिलता है। इसके साथ-साथ क्वार्ड, हैमस्ट्रिंग और काव्स मसल्स के साथ अपर बॉडी की मूवमेंट भी बेहतर हो जाती है।

इस एक्सरसाइज को करने से स्टैंडिंग सेक्स पोजिशन में काफी मदद मिलेगी। इसलिए इसे भी अपने एक्सरसाइज रूटीन में शामिल करें।


 
4. माउंटेन क्लाइंबर एक्सरसाइज  (Mountain climber)



इस एक्सरसाइज की प्रारंभिक पोजिशन लगभग प्लैंक जैसी होती है। इसे करने से फुल बॉडी मूवमेंट होता है।

इसे करने से ग्लूट, शोल्डर, कोर, ट्राइसेप्स और लेग्स मसल्स पर टेंशन क्रिएट होती है और उनकी स्ट्रेंथ भी बढ़ती है।

इसे करने से मुख्य रूप से कोर मसल्स टारगेट होता है, जिससे कोर स्ट्रेंथ बढ़ाने में काफी मदद मिलती है।





 
5. कीगल  एक्सरसाइज (Kegel)

कीगल एक्सरसाइज करने से सेक्स टाइमिंग बढ़ती है, इस बात को एक्सपर्ट भी मानते हैं। कीगल एक्सरसाइज के दौरान करने वाले कॉन्ट्रेक्शन और रिलेक्शेसन से सेक्स परफॉर्मेंस पर काफी अच्छा असर देखने को मिलता है।

जैसे-जैसे आपकी सेक्स परफॉर्मेंस बढ़ती है, वैसे-वैसे आपमें कॉन्फिडेंस बढ़ता जाता है और फिर सेक्स पोजीशन में भी मजा आने लगता है।




 
6. हिप थ्रस्ट एक्सरसाइज  (Hip thrust)

ये सिर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पुरुषों के लिए भी काफी अच्छी एक्सरसाइज मानी जाती है। इस एक्सरसाइज को करने से ग्लूट और कोर मसल्स पर टेंशन क्रिएट होती है।

इस एक्सरसाइज को करने से सेक्स पोजिशन में काफी इम्प्रूवमेंट देखने को मिलेगा।


 

निष्कर्ष (Conclusion):  इन  एक्सरसाइज से  शरीर के कोर  स्ट्रॉंग होते  है जिससे  हमे  सेक्स पोजिशन को इम्प्रूव करने में मदद मिलती है  अगर आप भी पार्टनर के साथ अलग-अलग सेक्स पोजिशन और हार्डकोर का मजा लेना चाहते हैं, तो ऊपर दी हुई एक्सरसाइज को करें।




Thursday, 20 January 2022

सेक्शुअल डिसफंक्शन क्या होता है?




सेक्शुअल डिसफंक्शन क्या है ? (What Is Sexual Dysfunction?)

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के अनुसार, इच्छा होने पर भी सेक्स संबंध बनाने में असमर्थ होना ही सेक्शुअल डिसफंक्शन है।

सेक्स करने में आमतौर पर 4 चीजें शामिल होती हैं। जैसे,

यौन उत्तेजना महसूस होना

पेनिस का ​सख्त होना 

चरम पर पहुंचना या ऑर्गेज्म

मन की मजबूती

इच्छा और उत्तेजना दोनों ही सेक्शुअल रेस्पॉन्स के पहले वाले चरण के हिस्से हैं। लेकिन पुरुष हमेशा इन दोनों स्टेप्स से नहीं गुजरते हैं।

हालांकि, रिसर्च से पता चलता है कि यौन रोग बहुत आम हैं, लेकिन लोग इसके बारे में बात करना पसंद नहीं करते हैं। सेक्स संबंधी समस्याओं को दूर करने का एकमात्र तरीका यही है, कि अपनी या पार्टनर की सेक्स समस्याओं के बारे में खुलकर डॉक्टर से बात की जाए।

सेक्शुअल डिसफंक्शन के कारण (Causes of Sexual Dysfunction)

सेक्शुअल डिसफंक्शन या यौन रोग तब होते हैं, जब आपको कोई ऐसी समस्या होती है जो आपमें सेक्शुअल एक्टिविटीज की इच्छा पैदा होने या उनका आनंद लेने से रोकती है। 

यौन रोग का मतलब स्थायी नपुंसकता से ब​हुत अलग है। ये कभी भी हो सकता है। सभी उम्र के लोग यौन समस्याओं का अनुभव करते हैं, हालांकि उम्र बढ़ने के साथ इसकी संभावना बढ़ जाती है।

तनाव या स्ट्रेस यौन रोग का एक सामान्य कारण है। अन्य कारणों में शामिल हैं:

सेक्शुअल ट्रामा

मनोवैज्ञानिक समस्याएं

डायबिटीज

हृदय रोग या अन्य मेडिकल कंडीशन

नशीली दवाओं के प्रयोग से

ज्यादा शराब का सेवन

कुछ दवाओं के सेवन से

आदि।

सेक्शुअल डिसफंक्शन के प्रकार (Types Of Sexual Dysfunction) :

पुरुषों में होने वाले सेक्शुअल डिसफंक्शन को आमतौर पर 2 कैटेगरी में बांटा जाता है। जैसे

1. डिजायर डिसऑर्डर (Desire Disorders)

डिजायर डिसऑर्डर या यौनेच्छा विकार होने पर इंसान के मन से सेक्स करने की इच्छा ही खत्म या कम हो जाती है। वो न तो सेक्स करना चाहता है और न ही उसे इन कामों में किसी प्रकार की रुचि रह जाती है।

2. एराउजल डिसऑर्डर (Arousal Disorders)

 

एराउजल डिसऑर्डर या यौनोत्तेजना विकार होने पर इंसान के शरीर में उत्तेजना का अनुभव नहीं होता है। इसके अलावा, उसे सेक्शुअल एक्टिविटी में किसी प्रकार का आनंद भी नहीं मिलता है।

सेक्शुअल डिसफंक्शन पुरुषों को कैसे प्रभावित करता है? (How Does Sexual Dysfunction Affect Men?) :

सेक्शुअल डिसफंक्शन के कारण पुरुषों को मुख्य रूप से 3 समस्याएं होती हैं। इनमें शामिल हैं,

स्खलन में होने वाली समस्याएं (Ejaculation Disorders)

यौनोत्तेजना में होने वाली समस्याएं Erectile Dysfunction

यौनेच्छा की कमी (Low Libido)

आइए अब इन समस्याओं के बारे में विस्तार से जानते हैं

1. स्खलन में होने वाली समस्याएं (Ejaculation Disorders)

स्खलन में होने वाली समस्याएं निम्नलिखित हैं

1. शीघ्रपतन (Premature Ejaculation / PE)

अगर योनि में लिंग के प्रवेश करते ही या बहुत जल्दी ही वीर्य निकल जाता है, तो इसे शीघ्रपतन या प्री-मैच्योर इजेक्युलेशन या पीई कहा जाता है। 

शीघ्रपतन (पीई) का सही कारण अभी तक ज्ञात नहीं है। लेकिन कई मामलों में पीई सेक्स के दौरान परफॉर्मेंस के दबाव के कारण भी हो सकता है। इसके कई अन्य फैक्टर्स भी हो सकते हैं। जैसे

तनाव या स्ट्रेस

अस्थायी तनाव 

लंबे समय तक सेक्स की इच्छा को दबाए रखने से

आत्मविश्वास की कमी

पार्टनर से संवाद की कमी

पार्टनर के साथ हुए अनसुलझे झगड़े

आदि। 

कई स्टडी से पता चलता है कि सेरोटोनिन (एक प्राकृतिक रसायन जो मूड को प्रभावित करता है) के ब्रेकडाउन के कारण शीघ्रपतन की समस्या हो सकती है। 

कुछ एंटी डिप्रेसेंट दवाओं के सेवन से भी ये समस्या हो सकती है। कई बार पीठ या रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण होने वाला नर्व्स डैमेज भी शीघ्रपतन का कारण बन सकता है।

2. स्खलन देर से होना या न होना (Inhibited or Delayed Ejaculation / DE)

इस समस्या के होने पर स्खलन या तो होता ही नहीं है या बहुत लंबा समय लगता है। स्खलन न होने या देर से होने के पीछे के शारीरिक कारणों में

पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं

दवा के साइड इफेक्ट

शराब ज्यादा पीने

कुछ खास सर्जरी

शामिल हो सकती है।

कई बार ये समस्या मनोवैज्ञानिक फैक्टर्स, जैसे 

डिप्रेशन

एंग्जाइटी

तनाव

रिश्ते में होने वाली समस्याओं 

के कारण भी हो सकती है।

3. उल्टा स्खलन होना (Retrograde Ejaculation / RE)

इस समस्या के बारे में न तो ज्यादा बात की जाती है और न ही ज्यादा लोगों को पता होता है। लेकिन, इसमें सेक्स पूरा होने के बाद वीर्य लिंग से बाहर की ओर नहीं निकलता है, बल्कि वापस मूत्राशय या ब्लैडर में चला जाता है। 

ये समस्या ज्यादातर डायबिटीज से पीड़ित पुरुषों में सबसे आम है। कई बार जब डायबिटीज के कारण नर्व्स डैमेज हो जाती हैं तो ये समस्या बढ़ जाती है। 

मूत्राशय और मूत्राशय के जोड़ की नसों में जब समस्या होती है तो ये वीर्य को आगे बढ़ने की बजाय पीछे की ओर बहने के लिए मजबूर करती हैं। कुछ अन्य पुरुषों को ये समस्या दवाओं के साइड इफेक्ट या ब्लैडर नेक या प्रोस्टेट का ऑपरेशन करवाने के बाद हो सकती है।

2. इरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile Dysfunction / ED)

इरेक्टाइल डिसफंक्शन या ईडी में पार्टनर से सेक्स करने के लिए या तो पेनिस हार्ड ही नहीं होता है, या फिर, लंबे समय तक हार्ड बनाए रखने में असमर्थता होती है। ये समस्या काफी आम है, स्टडी से पता चलता है कि 40 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग आधे अमेरिकी पुरुष इससे प्रभावित होते हैं।

इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कारणों (Causes of Erectile Dysfunction) में शामिल हैं,

ब्लड फ्लो को प्रभावित करने वाले रोग जैसे धमनियों का सख्त होना।

नर्व्स संबंधी डिसऑर्डर

तनाव, रिलेशनशिप की समस्याएं, डिप्रेशन और परफॉर्मेंस से जुड़ी एंग्जाइटी

पेनिस में चोट लगना

डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी होना

अनहेल्दी आदतें जैसे स्मोकिंग, बहुत अधिक शराब पीना, अधिक भोजन करना और वर्कआउट न करना

आदि।

3. यौनेच्छा की कमी (Low Libido)

लो लिबिडो या यौनेच्छा की कमी का मतलब है, कि आपकी इच्छा या रुचि सेक्स में कम हो गई है। ये स्थिति अक्सर मेल हार्मोन टेस्टोस्टेरोन के लो लेवल से जुड़ी होती है। 

टेस्टोस्टेरोन सेक्स ड्राइव, शुक्राणु के उत्पादन, मांसपेशियों, बालों और हड्डियों की सेहत को बनाए रखता है।टेस्टोस्टेरोन का लो लेवल आपके शरीर और मूड को प्रभावित कर सकता है।

यौनेच्छा की कमी भी डिप्रेशन, एंग्जाइटी या रिलेशनशिप में समस्याओं के कारण हो सकती है। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशन, और एंटी डिप्रेसेंट जैसी कुछ दवाएं भी सेक्स करने की चाहत को कम कर सकती हैं।

सेक्शुअल डिसफंक्शन का उपचार क्या है? (Treatments For Male Sexual Dysfunction)

सेक्शुअल डिसफंक्शन या यौन रोग के कई मामलों को इसके कारण होने वाली मानसिक या शारीरिक समस्याओं का इलाज करके ठीक किया जा सकता है। इन समस्याओं के उपचार में शामिल हैं:

1. दवाएं (Medications) :

ऐसी सभी दवाएं जो लिंग में रक्त के प्रवाह को बढ़ाकर सेक्शुअल फंक्शन को बेहतर बनाने में मदद करती हैं, सेक्शुअल डिसफंक्शन के उपचार में मदद कर सकती हैं

 

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के अनुसार, इच्छा होने पर भी सेक्स संबंध बनाने में असमर्थ होना ही सेक्शुअल डिसफंक्शन है। सेक्शुअल डिसफंक्शन या यौन रोग के उपचार में आमतौर पर किसी इंसान को 6 महीने या उससे अधिक का समय भी लग सकता है। इसलिए, धैर्य बनाए रखें और अपने डॉक्टर की सलाह को सही ढंग से फॉलो करें।


अधिक जानकारी के लिए Dr.B.K.Kashyap से संपर्क करें 9305273775



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Thursday, 9 December 2021

डायबिटीज का यौन स्वास्थ (sex life)पर पड़ने वाला प्रभाव

                         



डायबिटीज का यौन स्वास्थ  (sex health)पर पड़ने वाला प्रभाव-



Diabetes and Sexual Health:

डायबिटीज़ (Diabetes) एक हार्मोन्स से जुड़ी गडबड़ी है, जिसकी वजह से रक्त में शुगर की मात्रा बहुत बढ़ जाती है। यह बढ़ा हुआ ग्लूकोज़ लेवल आपकी शारीरिक और मानसिक सेहत को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाता है। लेकिन इस बीमारी का असर लोगों की सेक्स लाइफ पर भी पड़ता, जिसके बारे में बहुत कम बातें की जाती हैं। डायबिटीज सेक्स लाइफ को कई तरीकों से प्रभावित करती है। यही नहीं यह महिलाओं और पुरूषों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करती है। सेक्स लाइफ पर डायबिटीज के साइड-इफेक्ट्स में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन
 (erectile dysfunction) से लेकर वजाइनल ड्राईनेस (vaginal dryness) यानि योनि में सूखापन जैसी कई समस्याएं होती हैं।

5 मुख्य  सेक्सुअल प्रॉब्लम्स जो डायबिटीज के मरीजों को अक्सर महसूस होती हैं।



लो सेक्स ड्राइव: डायबिटीज के मरीज़ों में धीरे-धीरे सेक्स की इच्छा खत्म हो जाती है। अगर, किसी व्यक्ति को यह समस्या महसूस हो रही हो तो, उसे अपने ब्लड शुगर लेवल चेक करने चाहिए। सेक्सुअल डिज़ायर की कमी (Lack of Sexual Desire) के साथ ऑर्गैज़्म तक न पहुंचना और संतुष्टि महसूस ना करने जैसी समस्याएं भी डायबिटीज के मरीज़ों में बहुत अधिक देखी जाती हैं।



इरेक्टाइल डिस्फंक्शन : डायबिटीज से पीड़ित आधे से अधिक पुरुषों को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या आती है। इसमें, टाइप 1 डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज, दोनों के मरीज़ शामिल हैं। दरअसल, पेनिस और जेनाइटल एरिया की तरफ ब्लड सर्कुलेशन कमज़ोर होने और नसों को नुकसान पहुंचने की वजह से लोगों को यह समस्या होती है।



नर्व डैमेज़ (Nerve damage): हाई ब्लड शुगर (High blood sugar levels) की वजह से आपको नर्व डैमेज़ जैसी परेशानी हो सकती हैं। इसकी वजह से सेक्सुअल अराउजल यानि उत्तेजना कम हो जाती है। जिससे, लोगों को सेक्स में दिक्कतें आती हैं।



लो स्पर्म क्वालिटी (Sperm quality):
कुछ स्टडीज़ का दावा है कि डायबिटीज के मरीज़ों में हाई ब्लड शुगर लेवल ना केवल इरेक्टाइल डिस्फंक्शन बल्कि स्पर्म क्वालिटी से जुड़ी समस्याएं भी पैदा करते हैं। हाई ग्लूकोज़ लेवल की वजह से स्पर्म मोटिलिटी (sperm motility) और सीमेन यानि वीर्य (semen) की क्वालिटी कम हो सकती है। 


योनि में सूखापन: वजाइनल ड्राईनेस (Vaginal dryness) डायबिटीज से पीड़ित महिलाओं में बहुत अधिक होती है। इसके अलावा इन महिलाओं को वजाइना में इंफेक्शन का रिस्क भी बहुत अधिक होता है। कैंडिडाइसिस (candidiasis) यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (urinary tract infection) का रिस्क ऐसी महिलाओं में अधिक होता है जिन्हें डायबिटीज़ की समस्या होती है।






स्वप्नदोष / नाइट फॉल क्या है? और ये क्यों होता है?

                         नाइट फॉल क्या है?  ये क्यों होता है? जाने डॉ0 बी0 के0 कश्यप से  स्वप्नदोष / नाइट फॉल (Nightfall) से अधिकतर पुरुष पर...