Sunday, 22 December 2019


 सेक्स टाइमिंग बढ़ाना चाहते है तो करें लाइफस्टाइल में बदलाव :-


सेक्स के दौरान अपने पार्टनर की अपेक्षा जल्दी से क्लाइमेक्स पर पहुँच जाना एक बहुत कॉमन बात है, तो इसकी वजह से खुद को कम न आँकें। खुशकिस्मती से, ऐसे वो सारे लोग, जो इस तरह से जल्दी क्लाइमेक्स पर पहुँच जाते हैं, वो बेड पर ज्यादा वक़्त तक ठहरे रहना सीख सकते हैं। एक्सर्साइजेज़ और लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव लाने से, इसके ऊपर कंट्रोल पाने में मदद मिल सकती है और लंबे समय तक टिके रहने के लिए ऐसी बहुत सारी टेक्निक्स मौजूद हैं, जिन्हें आप सेक्स के दौरान यूज कर सकते हैं। क्लाइमेक्स को कंट्रोल करने वाले प्रोडक्ट्स और दवाइयों को भी इस्तेमाल करके देखा जा सकता है। अगर आपका पार्टनर बहुत जल्दी रुक जाता है, तो उसके साथ मिलकर, एक टीम की तरह, इस टॉपिक पर  बात करें। उसके ऊपर सारा दोष मढ़ने से बचें और उसे ये मालूम होने दें, कि आप उसके साथ मिलकर फिजिकल और इमोशनल इंटिमेसी को सुधारने के लिए  काम करना चाहते हैं।


लाइफस्टाइल में बदलाव करना 

रिलेक्स रहें और खुद को प्रोत्साहित करें: चिंता और अपने ऊपर भरोसे की कमी, मूड को बरबाद करने की सबसे बड़ी वजह होती हैं, तो इसलिए आशावादी नजरिया अपनाने की कोशिश करें। सेक्स की तरफ कोन्फ़िडेंस, सेल्फ रिस्पेक्ट और पॉज़िटिव एटिट्यूट के साथ अप्रोच करना, आप दोनों ही पार्टनर के बीच में एक काफी बड़ा बदलाव ला सकता है। अपने परफ़ोर्मेंस से जुड़े हुए नेगेटिव विचारों को अपने  ऊपर मत हावी होने।


मास्टरबेशन के दौरान लंबे वक़्त तक टिके रहें:
मास्टरबेशन के दौरान जल्दी से जल्दी क्लाइमेक्स पर पहुँचने की कोशिश करना भी आपके शरीर को जल्दी से रुकने या सबकुछ जल्दी खत्म करने की आदत डाल देता है। हफ्ते में कुछ बार और सेक्स के कुछ घंटे पहले मास्टरबेशन करना, क्लाइमेक्स को कुछ वक़्त तक आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है, खासकर कि अगर आप मास्टरबेट करते वक़्त लंबे वक़्त तक बने रहने की प्रैक्टिस करते आ रहे हों।


पेल्विक फ्लोर (pelvic floor) एक्सर्साइज़ करना शुरू करें: शीघ्रपतन (ejaculation) को कंट्रोल करने वाली मसल्स की एक्सर्साइज़ करना, आपको लंबे वक़्त तक टिकाए रखने में मदद करेगा। इन मसल्स की पहचान करने के लिए, यूरिन करते वक़्त बीच में रुक जाएँ और उन मसल्स को टाइट कर लें, जो गैस को पास होने से रोकती हैं। इनकी एक्सर्साइज़ करने के लिए, इन्हें 3 सेकंड्स के लिए टाइट करके रखने की कोशिश करें, 3 सेकंड्स के लिए रिलेक्स करें, फिर इसे 5 से 10 बार दोहराएँ।

इन एक्सर्साइजेज़ को शुरुआत में लेटकर या बैठकर करना आसान लगेगा, लेकिन इन्हें खड़े होकर भी करने की कोशिश करें। जब आप मसल्स को स्ट्रेंथ दे रहे हों, रोजाना 10 रिपीटीशन के 3 सेट्स करने का लक्ष्य बनाएँ।

एक्सर्साइज़ करते वक़्त नॉर्मल तरीके से साँस लें और अपनी साँसों को रोककर रखने से बचें।

अल्कोहल या और दूसरे ड्रग्स को लेना कम करें: अल्कोहल और इसी तरह के दूसरे सब्सटेन्स प्रीमेच्योर इजेक्यूलेशन (शीघ्रपतन), इरेक्टाइल डिसफंक्शन (erectile dysfunction) और परफ़ोर्मेंस से जुड़ी दूसरी प्रॉब्लम्स को खड़ा कर देती हैं। सेक्स से पहले ड्रग्स और अल्कोहल को लेना अवॉइड करें और इनके इस्तेमाल के ऊपर रोक या कमी करने की कोशिश करें।

अगर हो सके, तो एक रेगुलर सेक्सुअल पार्टनर की तलाश करें: अगर आप आमतौर पर सिर्फ डेट किया करते हैं, तो अब किसी एक के साथ सेटल होने का फ़ैसला कर लें। किसी एक ही इंसान के साथ इंटिमेट होना, सेक्स के दौरान और ज्यादा कम्फ़र्टेबल और कॉन्फिडेंट बनने में मदद कर सकता है। जब आप किसी के साथ कम्फ़र्टेबल होते हैं, तो ऐसे में उसके साथ मिलकर सेक्स लाइफ के ऊपर सुधार करने के बारे में बात करने में ज्यादा परेशानी नहीं होती है। 
सेक्स के दौरान टेक्निक्स का इस्तेमाल करके देखना 

पहले अपने पार्टनर को एक्साइटेड करने की कोशिश करें: खुद को एक्साइटेड किए बिना, अपने पार्टनर को कुछ अटेन्शन दें या उन्हें आपके सेंसिटिव पार्ट्स को छूने दें। इस तरह से वो आपके एक्साइटमेंट के लेवल से मेल खा सकेंगे और दोनों एक ही वक़्त पर क्लाइमेक्स तक पहुँच सकेंगे।

धीमे मूवमेंट्स यूज करें: अपना वक़्त लेकर आगे बढ्ने से आपको देर तक टिके रहने में मदद मिलेगी, इसलिए डेस्टिनेशन तक पहुँचने की कोशिश की बजाय, अपनी जर्नी को अहमियत देने की कोशिश करें। सेक्स को एक जल्दबाज़ी में खत्म किए जाने वाला काम समझने के बजाय, इसे एक सेन्सुअल डांस की तरह समझने की कोशिश करें।

नई पोजीशन्स अपनाकर देखें: पोजीशन बदलना, आपको उस मौजूदा स्थिति के ऊपर फिर से फोकस करने में मदद कर सकता है और आपके एक्साइटमेंट लेवल को रीसेट कर सकता है। इसके साथ ही नई पोजीशन्स को इस्तेमाल करने से आपके शरीर को इसके नॉर्मल रूटीन से हटके कुछ करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, अगर ऐसी कोई एक पोजीशन है, जो हमेशा आपके लिए कमाल का काम करती है,  तो उसे आखिर के लिए बचाए रखें।
जब आपको क्लाइमेक्स आता नजर आए, तब धीमी, गहरी साँसें लें: क्लाइमेक्स को भांपते ही अपनी साँसों को धीमा करने की वजह से ओर्गेज़्म रिफ़्लेक्स रुक जाता है। हल्की, धीमी साँसें लें और साँस लेते वक़्त अपने पेट को बढ़ाएँ। अपनी साँसों को 2 या 3 सेकंड्स के लिए रोककर रखें, फिर धीरे-धीरे साँसों को छोड़ें

जब तक कि आपको क्लाइमेक्स जाता हुआ नजर न आ जाए, तब तक इस तरह से धीमी साँसें लेना जारी रखें।

एक पल के लिए किसी और चीज़ के बारे में सोचें: जब आप करीब जाते हुए नजर आएँ, तो उस वक़्त पर कुछ ऐसी चीज़ के बारे में सोचकर खुद को डिस्ट्रेक्ट करने की कोशिश करें, जो नॉन-सेक्सुयल हों, जैसे कि आपका काम, एक टीवी शो, या स्कूल। अपने ध्यान को कुछ वक़्त के लिए भटकाने से आपको धीमा पड़ने में और रिलेक्स होने में मदद मिल सकती हैअपना सारा वक़्त बस किसी और चीज़ के बारे में सोचते हुए ही न बिता दें। आपको अभी भी उस पल में शामिल रहना है और आपके पार्टनर को खुश करने की कोशिश भी करना है।

ब्रेक्स लेने की कोशिश करें: इस स्टॉप एंड स्टार्ट मेथड में, जब आप आखिरी पल आता महसूस करते हैं, उस वक़्त जरा सी देर के लिए अपने पार्टनर से दूर जाना शामिल है। लगभग 30 सेकंड्स का एक ब्रेक लें, फिर दोबारा सेक्स करना शुरू कर दें। इस स्टॉप एंड स्टार्ट टेक्निक को उस वक़्त तक रिपीट करते रहें, जब तक कि आप और आपका पार्टनर, दोनों ही क्लाइमेक्स तक पहुँचने को तैयार न हो जाएँ।
आप ब्रेक के दौरान गहरी साँसें ले सकते हैं या फिर किसी और चीज़ के बारे में भी सोच सकते हैं।

एक मोटा कंडोम पहनें: अपने लोकल ड्रगस्टोर में क्लाइमेक्स कंट्रोल कंडोम्स की तलाश करें। ये काफी मोटे होते हैं और कुछ ब्रांड्स में एक तरह का नंबिंग एजेंट होता है, जो कुछ वक़्त के लिए सेंसिटिविटी को कम करने में मदद करता है।

एक कपल्स थेरेपी लेने के बारे में सोचें: परफ़ोर्मेंस से जुड़ी हुई परेशानियों की वजह से रिश्तों के ऊपर एक तरह का तनाव सा बन जाता है। हालांकि इस परिस्थिति को एक टीम की तरह अप्रोच करना फायदेमंद होता है, लेकिन फिर भी आपको अपनी सारी फीलिंग्स को लेकर भी ईमानदार रहना होगा, जिसमें आपकी हताशा भी शामिल है। कपल्स काउंसलिंग आपके और आपके पार्टनर के बीच के कॉम्प्लेक्स इमोशन्स को सुलझाने में मदद करेगी और साथ ही उन सारी समस्याओं को समझने में मदद करेगी, जो आपकी इंटिमेसी पर असर डाल रही है।
आप जब काउंसलिंग के ऊपर डिस्कस कर रहे हों, तो इसे नेगेटिव ढंग से न लें। इसकी बजाय, आप कुछ ऐसा बोल सकते हैं, “हम दोनों अलग-अलग तरह के इमोशन्स को फील कर रहे हैं और मुझे लगता है, कि एक काउंसलर हमें एक नया नजरिया देने में मदद कर सकता है। अपनी फीलिंग्स को एक-दूसरे के ऊपर निकालने के बजाय, बेहतर होगा अगर हम अपनी फीलिंग्स को समझ लें।”


अधिक जानकारी के लिए Dr.B.K.Kashyap से संपर्क करें 9305273775



Kashyap Clinic Pvt. Ltd.



Blogger:  https://drbkkashyap.blogspot.com/   


Justdial:

https://www.justdial.com/Allahabad/Kashyap-Clinic-Pvt-Ltd-in-Civil-Lines/group


Website:  http://www.drbkkashyapsexologist.com/


Gmail: dr.b.k.kashyap@gmail.com


Fb: https://www.facebook.com/DrBkKasyap/


Youtube https://www.youtube.com/channel/UCE1Iruc110axpbkQd6Z9gfg


Twitter: https://twitter.com/kashyap_dr


Lybrate:  https://www.lybrate.com/allahabad/doctor/dr-b-k-kashyap-sexologist


Sehat :  https://www.sehat.com/dr-bk-kashyap-ayurvedic-doctor-allahabad


Linkdin:


https://www.linkedin.com/in/dr-b-k-kashyap-24497780/?



Sunday, 8 December 2019

यौन शक्ति बढानें की कुछ घरेलु और आयुर्वेदिक उपचार:



यौन शक्ति बढानें की कुछ घरेलु और आयुर्वेदिक उपचार: 

हम जो भी चीजें खाते हैं उसका हमारे शरीर और सेक्स लाइफ पर बहुत बड़ा असर पड़ता है। कुछ फूड बहुत हेल्दी होते हैं जिन्हें खाने से हमारे जरूरी न्यूट्रिशन प्राप्त हो जाता है। जबकि कुछ फूड ऐसे होते हैं जो सेहत के लिए हानिकारक तो होते ही हैं, साथ में सेक्स ड्राइव पर भी निगेटिव इफेक्ट डालते हैं। इसलिए एक हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए हेल्दी फूड पर भी ध्यान देना जरूरी होता है। कुछ भी खाने की आदत के कारण कई बार हम गंभीर समस्याओं से घिर जाते हैं। प्रत्येक फूड में कोई ना कोई कंपाउंड होता है जो हमें एक्टिव करने के साथ ही इनएक्टिव भी करता है। यदि आपका सेक्स करने का मन नहीं होता है, या मूड बिगड़ जाता है और ऐसी अन्य दिक्कतें होती हैं तो इसके पीछे आपका खानपान भी जिम्मेदार हो सकता है। 
आपकी कामेच्छा की हानि के पीछे का रहस्य शायद आपके भोजन की थाली में छिपा है। चूंकि टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन दोनों पुरुषों और महिलाओं के शरीर में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इनमे किसी तरह का असंतुलन या तो आपकी सेक्स ड्राइव को कम या बढ़ा भी सकता है। रिसर्च से पता चलता है कि कुछ खाद्य पदार्थ आपके हार्मोनल स्तर को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकते हैं 

ऐसे बढ़ाए यौन-शक्ति:
अकसर लोग यौन-शक्ति को बढ़ाने कि लिए तरह-तरह के उपचार, उपाए और नुस्खे खोजते रहते है। कई लोग तो यौन-शक्ति की कमी को लेकर इतने परेशान हो जाते है कि वो महंगे से महंगा उपाए भी करने से परहेज नहीं करते। लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं है, अगर आप कुछ घरेलु नुस्खों को अपनाए तो आपकी सेक्स लाइफ की परेशानियां भी हो सकती है छूमंतर।

लहुसन:- कच्चे लहसुन की 2-3 कलियो का प्रतिदिन सेवन करना यौन-शाक्ति बढ़ाने का बेहतरीन घरेलु उपचार है।

प्याज:- लहसुन के बाद प्याज एक और कारगर उपाय है। सफेद कच्चे प्याज का प्रयोग अपने नित्य आहार मे करें।

काले चने:- काले-चने से बने खाद्य-पदार्थ जैसे डोसा आदि का हफ्ते मे 2-3 बार प्रयोग काफी लाभकारी होता है।
सफे द मूसली:- आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार सफेद मूसली का प्रयोग भी बेहद लाभदायक होता है। 15 ग्राम सफेद मूसली को एक कप दूध मे उबालकर दिन मे दो बार पीने से यौन-शक्ति बढ़ती है।

अश्वगंधा:- अश्वगंधा का चूर्ण, असगंध तथा बिदारीकंद को 100-100 ग्राम की मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें। चूर्ण को आधा चम्मच मात्रा में दूध के साथ सुबह और शाम लेना चाहिए। यह मिश्रण वीर्य को ताकतवर बनाकर शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा दिलाता है।

कौंच का बीज:- 100 ग्राम कौंच के बीज और 100  ग्राम तालमखाना को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें फिर इसमें 200 ग्राम मिश्री पीसकर मिला लें। हल्के गर्म दूध में आधा चम्मच चूर्ण मिलाकर रोजाना इसको पीना चाहिए। इसको पीने से वीर्य गाढ़ा हो जाता है और नामर्दी दूर होती है।

गोखरू:- सूखा आंवला, गोखरू, कौंच के बीज, सफेद मूसली और गुडुची सत्व- इन पांचो पदार्थों को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। एक चम्मच देशी घी और एक चम्मच मिश्री में एक चम्मच चूर्ण मिलाकर रात को सोते समय इस मिश्रण को लें। इसके बाद एक गिलास गर्म दूध पी लें। इस चूर्ण से सेक्स कार्य में अत्यंत शक्ति आती है।

उड़द की दाल:- आधा चम्मच उड़द की दाल और कौंच की दो-तीन कोमल कली को बारीक पीसकर सुबह तथा शाम को लेना चाहिए। यह उपाय काफी फायदेमंद है। इस नुस्खे को रोजाना लेने से सेक्स करने की ताकत बढ़ जाती है।

त्रिफला:- एक चम्मच त्रिफला के चूर्ण को रात को सोते समय 5 मुनक्कों के साथ लेना चाहिए तथा ऊपर से ठंडा पानी पिएं। यह चूर्ण पेट के सभी प्रकार के रोग, स्वप्नदोष तथा वीर्य का शीघ्र गिरना आदि रोगों को दूर करके शरीर को मजबूती प्रदान करता है।

सहजन:- 15 ग्राम सहजन के फूलो को 250 मिली दूध मे उबालकर सूप बनाए। यौन-टौनिक के रूप मे इसका सेवन करे।

छुहारे:- चार-पांच छुहारे, दो-तीन काजू और दो बादाम को 300 ग्राम दूध में खूब अच्छी तरह से उबालकर तथा पकाकर दो चम्मच मिश्री मिलाकर रोजाना रात को सोते समय लेना चाहिए। इससे यौन इच्छा और काम करने की शक्ति बढ़ती है।

किशमिश:- 30 ग्राम किशमिश को गुनगुने पानी मे धोए, 200 मिली दूध मे उबाले तथा दिन मे तीन बार सेवन करे। ध्यान रखिए की प्रत्येक बार ताजा मिश्रण तैयार करे। धीरे धीरे 30 ग्राम किशमिश की मात्रा को 50 ग्राम तक करें।

ताजे फलो का सेवन:- यौन-शक्ति कमजोरी से पीडित रोगियो को शुरू में 5-5 घंटे के अंतराल से विशेष रूप से ताजा फलो का आधार लेना चाहिए उसके बाद वह पुन: अपनी नियमित खुराक धीरे-धीरे प्रारंभ कर सकते है। रोगी को धूम्रपान , शराब चाय तथा कॉफी के सेवन से बचना चाहिए, और विशेष रूप से सफेद चीनी तथा मैदे या उनसे बने उत्पादो का परहेज करना चाहिए।


अधिक जानकारी के लिए Dr.B.K.Kashyap से संपर्क करें 9305273775



Kashyap Clinic Pvt. Ltd.



Blogger:  https://drbkkashyap.blogspot.com/   


Justdial:

https://www.justdial.com/Allahabad/Kashyap-Clinic-Pvt-Ltd-in-Civil-Lines/group


Website:  http://www.drbkkashyapsexologist.com/


Gmail: dr.b.k.kashyap@gmail.com


Fb: https://www.facebook.com/DrBkKasyap/


Youtube https://www.youtube.com/channel/UCE1Iruc110axpbkQd6Z9gfg


Twitter: https://twitter.com/kashyap_dr


Lybrate:  https://www.lybrate.com/allahabad/doctor/dr-b-k-kashyap-sexologist


Sehat :  https://www.sehat.com/dr-bk-kashyap-ayurvedic-doctor-allahabad


Linkdin:


https://www.linkedin.com/in/dr-b-k-kashyap-24497780/?


Sunday, 1 December 2019

लम्बे समय तक सेक्स का आनंद उठाना है तो बढ़ाये मर्दो वाला हार्मोन्स (टेस्टेस्टोरॉन ): डॉ.बी. के. कश्यप


लम्बे समय तक सेक्स का आनंद उठाना है तो बढ़ाये  मर्दो वाला हार्मोन्स (टेस्टेस्टोरॉन ): 

 युवावस्था के दौरान सेक्स होर्मोन, यौन विशेषताओं के विकास के लिए जिम्मेदार होते है। 
पुरुषों और महिलाओं में सेक्स होर्मोन या प्रजनन हार्मोन के अनेक कार्य होते हैं। वयस्कता के दौरान, ये प्रजनन चक्र को विनियमित करने के लिए उत्तरदायी होते हैं। महिलाओं में सेक्स हार्मोन, अंडाशय से मुक्त होते हैं। ये सेक्स हार्मोन महिलाओं के मासिक धर्म चक्र और एंडोमेट्रियल के विकास को नियंत्रित करते हैं। 
पुरुषों में ये हार्मोन्स वृषण में उत्पादित होते हैं और शुक्राणु उत्पादन प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

पुरुष सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन – टेस्टोस्टेरोन (टीएसटी), मुख्य रूप से पुरुष सेक्स हार्मोन है। टीएसटी मुख्य रूप से शुक्राणु (वीर्य) के उत्पादन को उत्तेजित करता है। हालांकि, जब रक्त में टेस्टोस्टेरोन के स्तर में वृद्धि होती है, तो मस्तिष्क को ल्यूटिनकारी हार्मोन (LH) के स्राव को रोकने के लिए एक संकेत भेजा जाता है, और उसी के बाद टेस्टोस्टेरोन मुक्त होता है। टीएसटी एक प्रकार का स्टेरॉयड हार्मोन है, जो कोलेस्ट्रॉल से बना होता है। अतः टेस्टोस्टेरोन सेक्स हार्मोन के पुरुषों में निम्न महत्वपूर्ण कार्य होते हैं।
पुरुष भ्रूण में प्रजनन प्रणाली (लिंग और वृषण) विकसित करना। 
युवावस्था के दौरान लिंग, अंडकोष (टेस्टिकल्स) और हार्मोन स्राव के विकास को बढ़ावा देना। 
पुरुष सेक्स विशेषताओं जैसे – मांसपेशी द्रव्यमान, अस्थि की सघनता, शरीर के बाल, सेक्स ड्राइव में वृद्धि तथा आवाज परिवर्तन इत्यादि, इन सभी के विकास को बढ़ाना।
 पुरुषों में एक ओर महत्वपूर्ण हार्मोन inhibin (INH) पाया जाता है, इसे सर्टोली कोशिकाओं द्वारा मुक्त किया जाता है। inhibin (INH) का कार्य शुक्राणुजन्य को नियंत्रित करना है। इस हार्मोन्स का कार्य टेस्टोस्टेरोन के विपरीत है।  शुक्राणु उत्पादन में यह हार्मोन FSH के स्तर को कम करने के लिए मस्तिष्क को सिग्नल भेजता है।

महिला सेक्स हार्मोन – फीमेल सेक्स हार्मोन वे हार्मोन हैं, जो युवावस्था के दौरान महिलाओं में माध्यमिक यौन विशेषताओं के लिए उत्तरदायी होते है। इन माध्यमिक यौन विशेषताओं में स्तन वृद्धि, मासिक धर्म, कूल्हों की चौड़ाई (widening of the hips) और त्वचा के संवहनीकरण में वृद्धि शामिल हैं। ये हार्मोन आम तौर पर मादा जननांग में उत्पादित होते हैं। वे महिलाओं में शारीरिक और लैंगिक विकास के साथ-साथ अंडाशय चक्र (ovulation cycle) को भी नियंत्रित करते हैं। महिला में मुख्यतः दो सेक्स हार्मोन, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन (estrogen and progesterone) होते हैं। यद्यपि टेस्टोस्टेरोन (testosterone) को पुरुष हार्मोन माना जाता है, लेकिन महिलाओं में भी यह हार्मोन बहुत कम मात्रा में उत्पन्न होता है। 

टेस्टेस्टोरॉन के स्तर को बढ़ाने के उपाए :
बदलती लाइफस्टाइल, गलत खानपान और तनाव पुरुषों में सेक्स हार्मोन की कमी का मुख्य कारण है।
पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन ही सेक्स की इच्छा को बढ़ाता है। सामान्य तौर पर उम्र बढ़ने के साथ टेस्टोस्टेरॉन के स्तर में गिरावट देखने को मिलती है। हालांकि अब 30 की उम्र के पुरुषों में भी टेस्टोस्टेरॉन के स्तर में गिरावट देखने को मिल रही है। प्रभावित व्यक्ति के अंदर उपस्थित टेस्टोस्टेरॉन का स्तर उसके सामाजिक व्यवहारों को प्रभावित करता है। यह बहुत जरुरी है कि आप टेस्टोस्टेरॉन के स्तर को हमेशा बनाए रखें, नहीं तो आगे चल कर आपको बहुत सारी परेशानियों को झेलना पड़ सकता है। तो आइये जानते हैं कैसे  सेक्स हार्मोन को  बढ़ाया जा सकता है।

1. दिन की शुरुआत हाई प्रोटीन आहार से करें। इसके लिए आप ब्रेकफास्ट में अंडा, हरी पत्तेदार सब्जी और नट्स ले सकते हैं। कार्बोहाइड्रेट वाले ब्रेकफास्ट टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करते हैं।

2. पुरुषो के कमर की चर्बी जितनी अधिक होती है, टेस्टोस्टेरोन का स्तर उतना कम होता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी एब्स पर थोड़ा काम करें। एब्स के लिए कुछ एक्सरसाइज को अपने रुटीन का हिस्सा बनाएं। एक्सरसाइज से शरीर मजबूत होता और सेक्स पावर भी बढ़ती है।

3. नींद का भी टेस्टोस्टेरॉन की प्रोडक्शन पर प्रभाव पड़ता है | आप कितने घंटे सोते है इसका प्रभाव आपके टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की प्रोडक्शन पर पड़ता है |विशेषज्ञों के अनुसार रात में कम से कम 7-8 घंटों के लिए सोना चाहिए क्योकि शरीर में 70% टेस्टोस्टेरोन निद्रावस्था में उत्पन्न होता है।

4. एक शोध में पाया गया है कि जो पुरुष वेट लिफ्टिंग एक्सरसाइज करते हैं उनके टेस्टोस्टोरोन हार्मोन में 49 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। तो एक्सरसाइज में मसल्स के वर्कआउट पर काम करना चाहिए।

5. पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के उच्च स्तर को बनाएं रखने के लिए उन खाद्य पदार्थों का सेवन करना बहुत जरुरी है जो आपके शरीर में जिंक और मैग्नीशियम जैसे खनिजों से भरपूर हों।

6. अल्कोहल या किसी भी प्रकार से नशे से पुरुषों में सेक्स हार्मोन का स्तर कम हो जाता है। अनुसंधानों से यह पता चला है कि नशे का सेवन करने वाले लोगों का शरीर 50% कम टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन करता है।

7. मीठा कम खाएं, क्योंकि शरीर में शर्करा के स्तर के बढ़ने से इंसुलिन का स्तर बढ़ता है। जब आप मीठा खाते हैं तो आपके शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर अपने आप कम हो जाता है। इस हार्मोन के स्रवण और शारीरिक विकास के लिए जितनी हो सके उतनी कम मीठी चीज़े खाएं।


पुरुष बांझपन (Male Infertility) कारण एवं उपचार

                                  पुरुष बांझपन (Male Infertility) कारण एवं उपचार- पुरुषों में इनफर्टिलिटी की समस्या के कारण वे पिता बनने के...