गुरुवार, 26 अक्टूबर 2017

गोनोरिया के बारे में कुछ खास जानने योग्य बातें

गोनोरिया के बारे में कुछ खास  जानने योग्य बातें


गोनोरिया, निसेरिया गोनोरीए नामक बैक्टीरिया से होता है । यह वायरस बहुत तेजी से फैलता है । असुरक्षित यौन, गुदा या मुख मैथुन गोनोरिया के मुख्‍य कारण हो सकते हैं । इसके दुष्‍प्रभावों को रोकने के लिए सही समय पर इलाज किया जाना जरूरी है ।
1. क्‍या होता है गोनोरिया
गोनोरिया, निसेरिया गोनोरीए नामक बैक्टीरिया से होता है । यह वायरस बहुत तेजी से फैलता है । यह आपके गले, मूत्र नली, योनि और गुदा को संक्रमित कर सकता है । हालांकि इसका इलाज संभव है, लेकिन इसके दुष्‍प्रभावों को रोकने के लिए सही समय पर इलाज किया जाना जरूरी है ।
2. कैसे होता है गोनोरिया
असुरक्षित यौन, गुदा या मुख मैथुन गोनोरिया के मुख्‍य कारण हो सकते हैं । इसके लिए किसी दूसरे व्यक्ति का वीर्यपात का होना जरूरी नहीं है । यह संक्रमण गर्भवती महिलाओं से उनके होने वाले बच्‍चों में भी हो सकता है । किसी नए साथी के साथ सेक्स करने या एक से अधिक लोगों के साथ सेक्स करने से गोनोरिया का खतरा बढ़ जाता है ।
3. कैसे बचें गोनोरिया से
संभोग करते समय हमेशा कंडोम का प्रयोग करें। साथ ही जरूरी है कि आप अपने साथी के साथ गोनोरिया की जांच कराएं। ताकि एक दूसरे से संक्रमण फैलने की आशंका से निपटा जा सके। किसी नए साथी से यौन संबंध बनाने से पहले भी इस प्रकार की जांच जरूरी है । पेशाब करते समय असामान्य स्राव होना, घाव या दर्द होना यौनसंचारित रोग के लक्षण हो सकते हैं, ऐसे में फौरन चिकित्‍सीय जांच करवायें ।
4. गोनोरिया को कैसे पहचानें
अधिकांश मामलों में गोनोरिया के लक्षण नजर नहीं आते । संक्रमण के लक्षण नजर नहीं आने पर भी संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है । गोनोरिया के लक्षण दो से दस दिनों में दिख जाते हैं। इसके लक्षण आपके सेक्‍स करने के तरीके पर निर्भर करता है ।  
5. महिलाओं में गोनोरिया के लक्षण
योनि से अधिक स्राव, योनि से पीला या हरा स्राव , योनि से तेज बदबू, पेशाब करते समय दर्द, संभोग करते समय दर्द, सेक्स करने के बाद खून आना, गुदा में खुजली, गुदा से खूनी या मवाद जैसा स्राव, मलत्याग में परेशानी और पेट में दर्द आदि गोनोरिया के संभावित लक्षण हो सकते हैं । हालांकि कई बार लक्षण नजर नहीं भी आते। इसलिए यदि आपको कोई शंका हो, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करवायें।

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शनिवार, 21 अक्टूबर 2017

सम्बन्ध बनाने के दौरान दर्द क्यूँ होता है

         सम्बन्ध बनाने के दौरान दर्द क्यूँ होता है 


  • अगर प्यार करने के दौरान आपको दर्द का एहसास होता है तो सबसे महत्वपूर्ण यह नोट करना है कि आपको किस जगह पर होता है यानी दर्द आपको योनि (vagina) के अंदर होता है या योनि के मुह के आसपास | सेक्स के दौरान होने वाले दर्द को( दाईस्पेरेनिया) के मेडिकल टर्म से जाना जाता है | दाईस्पेरेनिया करीब-करीब महिलाओ के लिए है मगर कभी कभी यह पुरुषो को भी प्रभावित करता है |महिलाओ के लिए असामान्य नहीं है सेक्स के दौरान दर्द होना हालाँकि उनमे दाईस्पेरेनिया, अगर वगीनिस्मुस के साथ अक्सर होता है | वगीनिस्मुस एक सामान्य अवस्था है जिसमे योनि की मांसपेशीया , लिंग प्रवेश के दौरान, में ऐंठन आ जाती है और यह मुख्यतः डर के कारण होता है कि लिंग या पेनिस के कारण उन्हें बहुत दर्द होगा |
  • जब लिंग योनि में प्रवेश करता है तब एक बहुत तेज़ जलन की अनुभूति होती है और इस जलन के साथ साथ बहुत तेज़ खुजली और कॉटेज-चीस की तरह योनि से डिस्चार्ज होता है | खमीर(Yeast) संक्रमण महिलाओ में बेहद आम होता है और इस संक्रमण के कारण होने वाले सूजन के कारण लिंग प्रवेश के समय बहुत ज्यादा दर्द होता है | जब तक इस संक्रमण को ठीक ना हो जाए और सेक्स करने के कारण संक्रमण अपने पार्टनर को पास हो सकता है और आपका पार्टनर च्लाम्य्डिया या ( गोनोरिया ) से भी संक्रमित हो सकता है और ऐसा होने पर महिला चिकित्सा विशेषज्ञ से  तुरन्त मिले | 
  • सेक्स के दौरान अगर आपकी पार्टनर पेट के निचले हिस्से और कमर में बहुत तेज़ दर्द अनुभव होता है जब आपका लिंग या आपकी ऊँगली गर्भाशय ग्रीवा(  cervix ) को टच करती है | श्रोणि सूजन की बीमारी (Pelvic Inflammatory Disease ) जननागो का संक्रमण के कारण इस तरह का दर्द होता है और यह आपके पार्टनर के च्ला म्य्डिया या गोनोरिया से संक्रमित होने के संकेत हो सकता है और ऐसा होने पर अपना खुद का इलाज़ करवाए क्यूंकि आपके पार्टनर को इन्फेक्शन या संक्रमण  हो सकता है और आपको यह इन्फेक्शन अपने पार्टनर से मिल सकता है| 
  • सेक्स करते करते अचानक से अगर तेज़ दर्द का अनुभव हो और ऐसा हमेशा  ना हो और यह कभी कभी होता हो तो इसका मतलब है कि आपने अपने लिंग से या अपनी ऊँगली से अपने पार्टनर के cervix को आघात किया है और सेक्स पोजीशन बदल कर इस दर्द से बचा जा सकता है |

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रविवार, 8 अक्टूबर 2017

महिला साथी को सेक्स के लिए उतेजित करने के विशेष तरीके

महिला साथी को सेक्स के लिए उतेजित करने के विशेष तरीके 



महिलायें बहुत ही रोमांचित महसूस करती है जब पुरुष उसके नीचे के अंगो की तरफ मुखातिब होता है। मुख मैथुन या ओरल सेक्स सम्भोग के दौरान किया जाने वाली एक बहुत ही नैसर्गिक आनंददायी और रोमांचकारी क्रिया है। इसके इस्तेमाल से आप अपने वैवाहिक जीवन या सम्बन्ध में एक नयी उमंग भर सकते हैं। अपने साथी को सम्भोग के दौरान नए अहसास दे सकते हैं। मुख मैथुन वर्षो से चली आ रही प्रक्रिया है ये कोई अब की नयी बात नहीं है जिसे आजकल ज्यादातर पोर्न फिल्मो में दिखाया जाता है। मुख मैथुन का वर्णन कामसूत्र में भी है। आज हम आपको बताते हैं मुख मैथुन से जुड़े ऐसे सुझाओं से जिसके इस्तेमाल से आप अपने यौन जिंदगी में नयी उमंग लाकर अपने महिला पार्टनर को अदभुत रोमांच दे सकते है |

साफ़ सफाई का विशेष ध्यान दे पहले दोनों पार्टनर अपने जनांगो को अच्छी तरह से साफ़ करले 

नारी  का संवेदनशील अंग भग्न शीश स्पर्श मात्र से प्रेम और उतेजक उमड़ता है 
उसे अच्छा लगता है जब आपका ध्यान उसके भग्न शीश (क्लिटोरिस) की तरफ जाता है। भग्न शीश महिलाओं के जननेन्द्रियों का सबसे सवेंदनशील हिस्सा होता है। यहाँ किसी भी तरह का स्पर्श महिलाओं को उत्तेजना से भरपूर कर देता है। पर अगर बस इसी जगह पर ज्यादा ध्यान देना और हिस्से को चूमना महिलाओं को थोड़ा बोर भी कर सकता है। मुख मैथुन की क्रिया के दौरान अपनी जीभ का इस्तेमाल पूरी तरह करें। जीभ को सीधे कर के उसके उस हिस्से को छुएं, कभी हलके से कभी जोर से उसके क्लिटोरिस को जीभ से छुएं। अपनी जीभ में आप जितने भी अलग वैरीएशन देंगे मुख मैथुन का मजा उसके लिए और भी ज्यादा होगा।

मुख मैथुन में सतर्कता बरते 

मुख मैथुन की क्रिया जल्दी जल्दी रोटियां सेंक कर खाने जैसी नहीं है। इसे आराम से करें । ये किसी पांच सितारा होटल में पुरानी शराब को चखने जैसी प्रक्रिया है जिसे जितने आहिस्ता जितने आराम से करें मजा उत ना ही आएगा। उसके जाँघों की निचली सतहों को चूमें, अपने होठों से उसके भगोष्ठ (labia) को चूमें, उस जगह गर्म साँसे छोड़े। ऐसा करना उसको आनंद की पराकाष्ठा पर पहुंचा देगा।

प्रेम और उतेजना का ज्वार चरम्पर

वो आपकी जिंदगी का एक हिस्सा है, आपकी पत्नी है, प्रेमिका है या महिला मित्र है। वो एक सामान्य सी लड़की है कोई पोर्नस्टार नहीं है इसलिए मुख मैथुन के समय पोर्न फिल्मों में अपनाएं गए तरीकों से बचे। उसके भग्न शीश के पास अपने जीभ को गोल गोल घुमाएं कभी क्लॉकवाइज तो कभी एंटीक्लॉकवाइज। आपको कुछ ही पलों में अंदाजा हो जाएगा की आप जो कुछ भी कर रहे हैं सही जगह कर रहे हैं और आपके इन मूवमेंट्स से उसे स्वर्ग जैसा सुख मिल रहा है।

परमानन्द की अनुभूति स्वत: होगी 

अगर आप बिस्तर पर ये सोचकर जा रहे हैं की आज उसे चात्मोत्कर्ष के उत्कर्ष पर पहुंचा देंगे तो थोड़ा सचेत हो जाइए।आप बिस्तर पर बस ये सोचकर जाएँ की आज की रात आप उसे अपने प्रेम अपने स्पर्श से किसी और लोक की सैर कराएँगे। आपकी सोच बस आनंद तक सिमित रहनी चाहिए। आप ये कतई सोचकर बिस्तर पर न जाएँ की आज आप उसे इजैकुलेट करने पर मजबूर कर देंगे। वो इस पल में खोना चाहती है। अगर आप अपने आप में समां लेंगे तो वो खुद ब खुद आनंद के समंदर में डूब जायेगी।

प्रेमभाव को प्रदर्शन को विशेष निर्देशक सदेव याद रखे 

उन सारी बातो को ध्यान में रखे जब वो आपके पुरुषार्थ के स्तम्भ, आपके शिश्न को चूमती है। क्या आपको उसका आपके शिश्न को हौले हौले चूसना या चूमना पसंद है, या थोड़े जंगली तरीके से या फिर आप अपने शिश्न पर उसके दाँतो के स्पर्श को महसूस करना पसंद करते हैं। मुख मैथुन के समय आप जैसा भी महसूस करते होंगे या आपको जो कुछ भी अच्छा लगता होगा उसे भी कुछ ऐसा ही लगता होगा। इसलिए अगली बार जब उसके नाभि के नीचे उतरें तो इन बातों को ध्यान में रखें। 

सेक्स के दौरान दोनों एक दूसरे में समा जाये 

मुख मैथुन की प्रक्रिया में अगर एक बार भी उसे ऐसा लगने लगे की आप अब बोर और असहज मह्सुश कर रहे हैं तो वो तुरंत ही आपसे अलग हैट जायेगी और मुख मैथुन से पर हो जायेगी। इसलिए हमेसा प्यार के इस खेल को दो तरफ़ा बनाये रखने में अपनी कोई कसर ना छोड़ें। उसे यह जताते रहे की प्रेम की यह अभिव्यक्ति कितनी पवित्र और कितनी आनंदमयी है। उसे कभी यह महशुस करने का मौक़ा न दे की वो बस एक ऑब्जेक्ट है, उसे अपने प्यार से अपने स्पर्श से जीवंत होने का अहसास करते रहें


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गुरुवार, 5 अक्टूबर 2017

बांझपन या ( infertility) की समस्या किन कारणों से पाया जाता है

बांझपन  या ( infertility) की समस्या किन कारणों से पाया जाता है


एक आदमी या पुरुष के लिए सबसे बड़ी ख़ुशी में से एक दुसरे जीवन को धरती पर लाना है मगर कई पुरुष समय से पहले अपनी पौरुष या बच्चे पैदा करने कि क्षमता खो कर अपनी ख़ुशी को लुटवा चुके होते  है | हमारे कुछ आदतो का दुष्परिणाम हमारी इस क्षमता के लिए बहुत हानिकारक और नुक्सानदेह है क्यूंकि कोई भी आदमी (Infertility) या बांझपन की समस्या से वास्तव में बचा हुआ नहीं है इसलिए यह बहुत जरुरी है कि हम इसके कारण और निदान को जाने |

अपनी पॉकेट में सेलफोन रखना

यूनिवर्सिटी ऑफ़ एक्सेटर के एक रिसर्च के अनुसार सेलफोन जब आप अपने पॉकेट या जेब में रखते है तो सेलफोन के रेडिएशन का बुरा असर आपके स्पर्म की गुणवता और गति पर पड़ता है| सेलफोन के रेडिएशन के कारण स्पर्म की गतिशीलता 8% तक कम हो जाती है और स्पर्म की जीवन क्षमता 9% से इसलिए यह कोशिश करे कि सेलफोन को अपने जेब या पॉकेट में कम से कम रखे |

शराब का अत्यधिक सेवन

शराब या अल्कोहल शरीर को जस्ता या zinc अवशोषित करने की क्षमता कम कर देता है जो स्वस्थ स्पर्म के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है | अल्कोहल जर्म कोशिकाओं में टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन और म्यूटेशन कम कर देता है और जिसका सीधा असर स्पर्म काउंट पर पड़ता है | यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है की अल्कोहल या शराब की कितनी मात्रा नुकसानदायक है मगर हमारी राय है की शराब या अल्कोहल के सेवन से जितनी दूर रहा जाय , उतना स्पर्म के स्वास्थ्य के लिए वो सही है |

कैफीन की खपत अधिक

हमारी आदत जिसका सबसे बुरा असर हमारे पौरुष पर पड़ता है है वो है कैफीन का अध्यधिक सेवन| कैफीन चाय और कॉफ़ी में अल्प मात्रा में और अध्याधिक मात्रा में सिगरेट, सिगार और शीशा में पाया जाता है| किसी भी रूप में 300 mg कैफीन का सेवन स्पर्म काउंट और उसकी गतिशीलता को कम कर देता है| शोधकर्ताओं ने पाया है कि एक दिन में 20 सिगरेट का सेवन 50% स्पर्म को मार देता है| 2 कप कॉफ़ी, छह कप चाय और caffeinated कोला का सेवन प्रतिदिन करने से स्पर्म काउंट और उसकी गतिशीलता पर बुरा असर डालता है |

अत्यधिक गर्मी

यह सबको पता है कि हमारे अंडकोष ,शरीर के तापमान से 2 डिग्री सेंटीग्रेड के तापमान पर ज्यादा अच्छे ढंग से काम करता है और स्पर्म का स्वस्थ्य स्पर्म का निर्माण करता है और यही कारण है कि वृषण अंडकोषीय थैली में जन्म के समय में उतरता है और जब अंडकोष का तापमान शरीर के तापमान के बराबर या ज्यादा हो जाता है तो अंडकोष के स्पर्म की निर्माण कि क्षमता पर बहुत असर पड़ता है|

मानसिक तनाव 

यह अभी तक विवादास्पद है कि तनाव और डिप्रेशन के कारण इनफर्टिलिटी होती है मगर शोधकर्ताओ ने यह साबित किया है डिप्रेशन और तनाव के दौरान हाईपोथेलेमिक पिट्यूटरी – एड्रि‍नल धुरी बाधित होती है और थाइरोइड शिथिलता के कारण सेक्स करने की चाहत में कमी आती है तो बाद में इनफर्टिलिटी का कारण बनती है |

टाइट जीन्स पहनना या बहुत टाइट ( Undergarments ) पहनना

नए दौर का फैशन, टाइट जीन्स पहनना , का भी बुरा असर पुरुष में इनफर्टिलिटी का कारण बन कर आया है| यह अंडकोष के क्षेत्र में गर्मी का अधिक उत्पादन तो करता है ही करता है और साथ ही साथ जननांग पथ सूजन और रक्त के संचार को भी रोकता है और इसका सीधा असर पुरुष के पौरुष पर पड़ता है |

मोटापा 

मोटापे के कारण हाइपोथेलेमस से हार्मोन जारी होने वाले हॉर्मोन गोनाडोट्रोपिन के निर्माण में कमी आ जाती है और किसके कारण पुरुष में हायपोगोनादिस्म( Hypogonadism ) की स्थिति आ जाती है और फलस्वरूप अंडकोष अपनी कार्यक्षमता पूरी तरह से खो सकता है और आदमी पूरी तरह से नपुंशक बन सकता है |

लम्बे समय तक बैठे रहना

लम्बे समय तक बैठे रहने के कारण पेल्विक क्षेत्र में रक्त के सप्लाई में कमी आ जाती है और फलस्वरुप जनन अंग में जरुरत के अनुसार रक्त या ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है और रक्त या ऑक्सीजन की कमी के कारण कोशिकाए गलने लगती है इसलिए एक्सपर्ट यह suggest करते है की हमे कम से कम 45 मिनट तक प्रतिदिन लगातार खड़े रहना चाहिए या कम से कम 30 मिनट के लिए व्यायाम करना चाहिए |

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गुरुवार, 28 सितंबर 2017

प्यार करने का सबसे बेहतर समय कब रहता है

प्यार करने का सबसे बेहतर समय कब रहता है

प्यार दिन के किस समय में बेहतर है यह बात प्रेमी जोड़ों के दिमाग में आता रहता है तो यह आश्चर्य करने के लिए यह असामान्य नहीं है और जब आप अपने  पार्टनर के साथ किसी भी समय अकेले हो, आप और आपके  पार्टनर दोनों उत्तेजित  हो सकते है और यह सोचना बिलकुल सामान्य है कि सेक्स ज्यादा उत्तेजनापूर्ण हो सकता है अगर उसे दिन के किसी खास समय पर किया जाए | यहाँ तक सेक्स विशेषज्ञों कि भी राय है कि ऐसा करने का कोई समय नहीं है जिसे पूर्णत; यह कहा जा सके कि वो सेक्स करने के लिए सबसे उपयुक्त  समय है मगर समय के कारण हमारे शरीर अलग अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है और समय के चुनाव में वो प्रतिक्रियाये एक बहुत महत्वपूर्ण कारण बन सकता है |

एक शोध के अनुसार पुरुषो के लिए सुबह का समय और महिलाओ के लिए दोपहर का समय सेक्स करने के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है| हम कुछ शोध और आंकड़े के अनुसार घंटे दर घंटे के हिसाब से आपके लिए सेक्‍स करने का सबसे अच्छा समय लेकर आये हैं जो आपके और आपके पार्टनर के लिए शारीरिक जरुरत और हॉर्मोन के हिसाब से ज्यादा सही हो सकता है |
सुबह  4:00 से 5:00 के बीच का समय 

सुबह में सेक्स कभी कभी एक कल्पना से ज्यादा और कुछ नहीं लगता है , क्यूंकि इस समय हमारे आँखों में नींद होती है, रात के पसीने से शरीर में बदबू , ड्रैगन की तरह बदबूदार साँसे और शायद हैंगओवर मगर वास्तव में सुबह में सेक्स करना स्वास्थ्यप्रद  है क्यूंकि इस समय पुरुष के शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर पूरे दिन की तुलना में सबसे ज्यादा होता है |सुप्रसिद्ध सायको सेक्सोलाजिस्ट  डॉ० बी० के० कश्यप  के अनुसार जब पुरुष के शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर अधिक हो और उसने अच्छे से आराम किया हो , उसके पास सेक्स के दौरान खर्च करने के लिए बहुत अच्छी ऊर्जा होती है और इस अधिक एनर्जी के कारण वो सेक्स में लम्बे समय तक परफॉरमेंस दे पाता है | आपकी महिला पार्टनर इस बात को नहीं समझ पाएंगी कि आपके अन्दर क्या आया है मगर जो उनके अंदर गया है उसके कारण वो आपसे और ज्यादा प्यार करेंगी |
जिन पुरुषो को स्पंदन दोष (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) की शिकायत है , उनके लिए सेक्स करने के लिए सुबह का समय सबसे उपयुक्त होता है और इसी समय हार्मोन ऑक्सीटोसिन का स्तर अपने शरीर में सबसे अधिक हैं| यह हार्मोन न केवल मूड में सुधार लाने के लिए मदद करता है और यह एक प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में भी कार्य करता है और सेक्स को अधिक सुखद बना सकता हैं| सुबह सेक्स के कारण एंडोर्फिन हॉर्मोन रक्त दवाब और मानसिक तनाव के स्तर को कम करता है जिससे दिन को और अधिक आराम के लिए बनाता है | सुबह का सेक्स शरीर में IgA के स्तर को बढ़ा कर हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है | IgA एक एंटीबॉडी है जो संक्रमण से हमारी रक्षा करती है | सेक्स के क्लाइमेक्स के समय एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन नामक रसायन रिलीज़ होते है जिससे हमारी त्वचा और बालो के टोन और बनावट में सुधार होता है|

दोपहर 12:00 से 15:00 के बीच का समय 

जो जोड़े संतान की कामना करते है उन्हें दोपहर के समय सेक्स का आनंद जरुर उठाना चाहिए क्यूंकि एक महिला की प्रजनन प्रणाली इन घंटों के दौरान सबसे अच्‍छी होने के साथ साथ वीर्य उत्‍पादन की भी अच्छी गुणवत्ता होती है| यह बात गौर करने लायक है कि इन समय के दौरान असुरक्षित सेक्स करने का फल आपकी महिला पार्टनर के गर्भवती बन कर हो सकता है | कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी मानते है कि दोपहर में किये सेक्स से लम्बे और मजबूत ओर्गास्म तक पहुचने की संभावना भी बढ  जाती है |
रात 8:00 से 11:00 के बीच का समय 

लंबे दिनों की मेहनत, व्यस्त कार्यक्रम और तनाव के कारण कुछ पुरुषों के लिए रात में सो पाना कठिन हो जाता है चाहे वो कितने भी थके हुए क्यूँ ना हो | एक सुरक्षित और प्राकृतिक विधि जिसमे आपको चैन की नींद सोने में मदद करता है, वह है सम्भोग या सेक्स की क्रिया में संलग्न होना है |
सेक्स हमारे दिमाग में कुछ रासायनिक प्रतिक्रियाओं के बाद हमें उत्साह की भावनाओं को प्रदान करता है | चरमोकर्ष के बाद हमारा शरीर ऑक्सीटोसिन , एंडोर्फिन और सेराटोनिन जैसे हार्मोंस को रिलीज़ करता है जो संतोष प्रदान करने वाला और दर्द निवारक का काम करता है और इसके साथ साथ सेक्स तनाव और अवसाद को भी कम करता है और जिसके कारण शरीर के अंदर आराम और शांतिपूर्ण भावना आती है और पुरुष चैन की नींद सो पाता है |

अन्तिम निष्कर्ष 
अगर सेक्स चिकित्सक से यह पुछा जाए कि दिन का कौन सा समय सेक्स के लिए सबसे उपयुक्त है तो जवाब आएगा कोई नहीं क्यूंकि दिन या रात के किसी भी समय आप सेक्स कर सकते हो जब तक आप और आपकी पार्टनर संतुष्ट और खुश है मगर समय का प्रभाव केवल शरीर में होने वाले बदलाव पर निर्भर करता है और उस हिसाब से सुबह में किया हुआ सेक्स सबसे महत्वपूर्ण है ठीक उसी तरह जैसे भोजन में सुबह में की जाने वाली नाश्ता | मगर अगर दिन कि शुरुवात ओर्गास्म या परम सुख से किया जाए तो इसमें क्या परेशानी है | यही आप सेक्स को नींद और रिलैक्स के लिए करना चाहते है तो रात्री सबसे उपयुक्त समय है मगर आप संतान प्राप्ति के लिए सम्भोग का आनंद लेना चाहते है तो दिन का समय और अगर आप अपने दिन को उर्जावान बनाना चाहते है तो सुबह सबसे उपयुक्त समय है | इसका मतलब यह हुआ कि परिस्तिथि और इंसान के जरुरत के अनुसार सेक्स का समय निश्चय किया जा सकता है |

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शनिवार, 23 सितंबर 2017

पहली बार टॉप सेक्स पोजिशन कैसा होना चाहिए ?

पहली बार  टॉप सेक्स पोजिशन कैसा  होना चाहिए  ?


पहली बार या फर्स्ट टाइम सेक्स विशेष या स्पेशल होनी चाहिए क्यूंकि अंततः आप अपने सपनो के पार्टनर के साथ नए जीवन का अनुभव करने के लिए तैयार हो चुके है | चाहे यह आपकी सुहागरात हो या नहीं हो, फर्स्ट टाइम सेक्स का अनुभव ज़िन्दगी भर आपको सुखमय आनंद की अनुभूति दे सकता है| अगर आपको डर इस बात का है आपका (अनाड़ीपन ) या अनुभव की कमी इस अनमोल या अमूल्य मिलन को ख़राब ना कर दे तो हम आपके लिए ले कर आये ऐसे कुछ ख़ास सेक्स पोजीशन जिसमे आप और आपके पार्टनर इस पहली बार के सेक्स के अनुभव को हमेशा याद रख पायेंगे |
1) मिशनरी सेक्स पोजीशन
जब आप पहली बार सेक्स करते है तो बेहतर होगा की आप आराम से और धीरे धीरे कामुक माहौल बना कर पेनीट्रेट वाले अवस्था में पहुचे और अधिक से अधिक समय फोरप्ले में बिताये| जब आप और आपकी पार्टनर  तैयार हो गए हो,  तो अपनी पार्टनर को पीठ के बल पर लिटाये और उनके पैर को ऊपर की तरफ उठाए और तत्पश्चात अपनी पार्टनर को पेनीट्रेट करे और जूनून को आगे बढने दे| एक ताल के साथ आप आगे पीछे हो कर झटके दे और याद रखे कि अगर आपको इसे यादगार बनाना है तो कोई भी जल्दबाजी ना दिखाए और अपने हांथो से अपने पार्टनर के शरीर के अन्य हिस्सों , जैसे बूब्स, क्लिटोरिस को धीरे धीरे अच्छे से सहला कर अपने पार्टनर को अधिक से अधिक उतेजित करके उन्हें ओर्गास्म दिलाने की कोशिश करे |
2) गर्ल ऑन टॉप सेक्स पोजीशन
पुरुषो को सबसे ज्यादा पसंद आने वाले सेक्स पोजीशन में एक है और इस पोजीशन का नाम आते ही पुरुष उतेजित हो जाते है | इस पोजीशन में महिला पार्टनर अपने पुरुष पार्टनर के ऊपर होती है और जिसके कारण लिंग योनी के अन्दर पूरी तरह से समा जाता है और दोनों के लिए असीम आनंद का अनुभव होता है | पुरुष इस पोजीशन में महिला पार्टनर के शरीर( स्तन और क्लिटोरिस ) को उतेजित करके उन्हें ओर्गास्म दिलवा सकते है|
3) 69 सेक्स पोजीशन
इस पोजीशन में पुरुष और महिला दोनों
 अपने मुह और जीभ का इस्तेमाल करते है और इसमें penetrative सेक्स की जगह ओरल सेक्स होता है | इस पोजीशन में दोनों पार्टनर्स अपने अपने मुह से दुसरे पार्टनर के सेक्स ऑर्गन को उतेजित करते है | इस पोजीशन में पुरुष अपने जीभ और ऊँगली से वेजाइना और क्लिटोरिस के साथ खेलते है जबकि महिला अपने मुह और जीभ से पुरुष के लिंग को उतेजित करती है | इस पोजीशन में दोनों पार्टनर्स को ओर्गास्म प्राप्ति की संभावना बराबर होती है तभी इसे सबसे बेहतर सेक्स पोजीशन माना जाता है

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