शनिवार, 11 जनवरी 2020

इनफर्टिलिटी ( शुक्राणुओं की कमी) की समस्या का मुख्य कारण आपकी ख़राब लाइफ स्टाइल हो सकती है -


इनफर्टिलिटी ( शुक्राणुओं  की कमी) की समस्या का मुख्य कारण आपकी ख़राब लाइफ स्टाइल हो सकती है -



पुरुषों में इनफर्टिलिटी की समस्या का मुख्य कारण शुक्राणुओं की संख्या में कमी होना होता है। रोज की कुछ आम आदतें भी पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या को प्रभावित कर सकती हैं। रोजाना इन आदतों की वजह से शुक्राणुओं का उत्पादन बहुत कम हो जाता है।

किसी भी पुरुष की फर्टिलिटी सामान्य तौर पर उसके स्पर्म काउंट पर निर्भर करती है। अगर किसी व्यक्ति में शुक्राणुओं की संख्या कम है या उसके शुक्राणुों की गुणवत्ता खराब है तो उस व्यक्ति का दांप्त्य जीवन इससे प्रभावित हो सकता है। पुरुषों में इनफर्टिलिटी की समस्या का मुख्य कारण शुक्राणुओं की संख्या में कमी होना हो सकता है।
किसी भी पुरुष में शुक्राणुओं का उत्पादन ना होने की कई वजहें हो सकती है जैसे ड्रग्स का सेवन करना, मस्ल्स बढ़ाने के लिये सप्लीमेंट्स का सेवन करना, एल्कोहल या सही खानपान ना होना। ऐसी ही कुछ रोजाना की आदते हैं जो पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या को कम कर सकती हैं।
अधिक मात्रा में पनीर का सेवन: 
साल 2014 में आए एक शोध में पता चला है कि अधिक पनीर के सेवन से पुरुषों के शरीर में शुक्राणुओं की संख्या कम हो सकती है। खासकर वो लोग जो धूम्रपान करते हैं या पहले करते थे। हालांकि कम वसा वाला आहार जैसे दूध का सेवन करने से स्पर्म काउंट में बढ़ोतरी होती है।
बहुत अधिक मीठे पेय पदार्थ:
मीठे पेय पदार्थ का सेवन भी आपके शुक्राणुओं की संख्या के लिये हानिकारक हो सकती हैं। मीठे पेय पदार्थों का अत्यधिक सेवन करने से पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या कम होने लगती है, खासतौर पर उन पुरुषों में जो पतले हैं। साथ ही इन पदार्थों का जरुरत से ज्यादा सेवन फॉलिकल स्टीमुलेटिंग हार्मोन(एफएसएच) की मात्रा को भी घटाता है। यह हार्मोन स्पर्म के उत्पादन के लिये जिम्मेदार होते हैं।
गर्म पानी से नहाना:
 गर्म पानी से नहाने से भी शुक्राणओं की संख्या और उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्योंकि इसके कारण टेस्टिकल्स(अंडकोष) का तापमान बढ़ जाता है जिससे स्पर्म काउंट पर बुरा असर पड़ता है। निजी अंगो को साफ करने के लिये ठंडे पानी का इस्तेमाल करें जिससे इस समस्या से बचाव होगा और निजी अंगो को स्वस्थ रख पाएंगे।
अधिक टीवी देखना:
अगर टीवी देखना आपका पसंदीदा टाइम-पास है तो आपको इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरुरत है। एक शोध जर्नल में छपे शोध पत्र में कहा गया है कि जो पुरुष 20 घंटे से ज्यादा समय तक टीवी देखते हैं उनमें शुक्राणु की संख्या(sperm concentration) बाकी लोगों की तुलना में 44 प्रतिशत कम होता है। 
सोया का अधिक सेवन:

 साल 2008 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, सोया का अधिक मात्रा में सेवन करने से शुक्राणुओं के उत्पादन और गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। खासतौर पर वो लोग जो मोटापे का शिकार है, अगर सोया का अधिक सेवन करते हैं तो यह आदत उनमें शुक्राणुओं की संख्या पर बुरा असर डाल सकती है। हालांकि सोया की मात्रा से भरपूर आहार खाने से पुरुषों के शुक्राणुओं, ऐजाकुलेशन और मोर्फोलॉजी पर कोई असर नहीं होता है।


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रविवार, 5 जनवरी 2020



पहली बार यौन संबंध बनाते समय शीघ्रपतन होना ये पुरुषो की आम समस्या है:-

पहली बार यौन संबंध बनाना काफी पुरुषों के लिए काफी तनावपूर्ण होता है क्योंकि उनके ऊपर दबाव अधिक होता है। यौन संबंध के दौरान पुरुषों को अच्छा प्रदर्शन करना पड़ता है ताकि वो अपनी महिला साथी को पूरी तरह से संतुष्ट कर पाए। कुछ समस्याओं की वजह वो लंबे वक्त नहीं ले पाते हैं।

हर इंसान अपने पार्टनर के साथ बनाए पहली बार यौन संबंध को नहीं भूलते हैं क्योंकि वो पल उनके लिए बहुत खास होता है। इस पल का हर कोई आनंद उठाता है। लेकिन पहली बार यौम संबंध बनाना काफी आशंकित हो सकता है, खासकर पुरुषों के लिए। हर किसी के पास अपने पहले यौन संबंध से जुड़ी कुछ यादें होती हैं। यह विभिन्न कारणों से लंबे समय तक नहीं रह पाता है। यौन संबंध के दौरान, पुरुषों को अच्छा परफॉर्म करना पड़ता है, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ पुरुष जल्दी से इजैकुलेट हो जाते हैं। यह कई लोगों के लिए आम समस्या होती हैं। लेकिन अगर यह समस्या आपको अक्सर देखने को मिलती है तो आपको डॉक्टर से परामर्श करने की जरूरत है

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन:
यह पुरुषों में एक आम समस्या होती है जिसके कारण वो यौन संबंध का पूरी तरह आनंद नहीं उठा पाते हैं। यह समस्या बड़ी नहीं होती है लेकिन इसकी वजह से पुरूषों पर दबाव बना रहता है। लेकिन इस समस्या का पल खुद निकाला जा सकता है। शुरूआती दौर में ये परेशान करता है, लेकिन धीरे-धीरे ये परेशानी कम हो जाती है। लेकिन यदि ये समस्या समय के साथ बढ़ती जाए तो आपको डॉक्टर से परामर्श करने की जरूरत है। ये एक कारण होता है जिसकी वजह से पुरूष यौन संबंध बनाते वक्त कम समय लेते हैं।

शीघ्रपतन(प्रीमैच्योर इजैकुलेशन):
पहली बार यौन संबंध बनाते वक्त पुरूष अपनी परफॉर्मेंन्स को लेकर बहुत चिंतित और परेशान रहते हैं जिसके कारण उन्हें प्रीमैच्योर इजैकुलेशन की समस्या हो जाती है। इसलिए, बिस्तर पर बेहतर परफॉर्म करने के दबाव के कारण उन्हें प्रीमैच्योर इजैकुलेजशन हो जाता है। इसके अलावा, पुरुष इस समस्या को अपने साथी के साथ नहीं शेयर कर पाते हैं और इसलिए ये समस्या बढ़ जाती है। इसके अलावा, समय से पहले प्रीमैच्योर इजैकुलेशन अधिक उत्तेजना के कारण होता है।

नियंत्रण शक्ति के बारे में कम जानकारी:


यदि आप पहली बार यौन संबंध बना रहे हैं तो यह स्पष्ट है कि आपको पहले कोई अनुभव नहीं हुआ है और इस वजह से आप अपनी उत्तेजना को नियंत्रित करने में विफल हो सकते हैं। यही कारण है कि यौन संबंध बनाते वक्त पुरूष कम समय लेते हैं। लेकिन, यह समस्या समय के साथ कम हो जाती है। जितना अधिक आप यौन संबंध बनाएंगे उतनी आपको जानकारी होगी।

इन समस्याओं के कारण पुरूष पहली बार यौन संबंध बनाते वक्त कम समय लेते हैं। पुरुषों को हमेशा याद रखना चाहिए कि मास्टरबेशन करना और यौन संबंध बनाना दोनों अलग बात होती है। इसलिए, अगर किसी व्यक्ति को मास्टरबेशन करते समय अधिक समय लगता है तो यह इस बात को नहीं दर्शाता है कि पहली बार यौन संबंध बनाते वक्त अधिक समय लगे। लेकिन अगर यह समस्या जल्दी खत्म नहीं होती है तो आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करने की जरूरत है।


सोमवार, 23 दिसंबर 2019


 सेक्स टाइमिंग बढ़ाना चाहते है तो करें लाइफस्टाइल में बदलाव :-


सेक्स के दौरान अपने पार्टनर की अपेक्षा जल्दी से क्लाइमेक्स पर पहुँच जाना एक बहुत कॉमन बात है, तो इसकी वजह से खुद को कम न आँकें। खुशकिस्मती से, ऐसे वो सारे लोग, जो इस तरह से जल्दी क्लाइमेक्स पर पहुँच जाते हैं, वो बेड पर ज्यादा वक़्त तक ठहरे रहना सीख सकते हैं। एक्सर्साइजेज़ और लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव लाने से, इसके ऊपर कंट्रोल पाने में मदद मिल सकती है और लंबे समय तक टिके रहने के लिए ऐसी बहुत सारी टेक्निक्स मौजूद हैं, जिन्हें आप सेक्स के दौरान यूज कर सकते हैं। क्लाइमेक्स को कंट्रोल करने वाले प्रोडक्ट्स और दवाइयों को भी इस्तेमाल करके देखा जा सकता है। अगर आपका पार्टनर बहुत जल्दी रुक जाता है, तो उसके साथ मिलकर, एक टीम की तरह, इस टॉपिक पर  बात करें। उसके ऊपर सारा दोष मढ़ने से बचें और उसे ये मालूम होने दें, कि आप उसके साथ मिलकर फिजिकल और इमोशनल इंटिमेसी को सुधारने के लिए  काम करना चाहते हैं।


लाइफस्टाइल में बदलाव करना 

रिलेक्स रहें और खुद को प्रोत्साहित करें: चिंता और अपने ऊपर भरोसे की कमी, मूड को बरबाद करने की सबसे बड़ी वजह होती हैं, तो इसलिए आशावादी नजरिया अपनाने की कोशिश करें। सेक्स की तरफ कोन्फ़िडेंस, सेल्फ रिस्पेक्ट और पॉज़िटिव एटिट्यूट के साथ अप्रोच करना, आप दोनों ही पार्टनर के बीच में एक काफी बड़ा बदलाव ला सकता है। अपने परफ़ोर्मेंस से जुड़े हुए नेगेटिव विचारों को अपने  ऊपर मत हावी होने।


मास्टरबेशन के दौरान लंबे वक़्त तक टिके रहें:
मास्टरबेशन के दौरान जल्दी से जल्दी क्लाइमेक्स पर पहुँचने की कोशिश करना भी आपके शरीर को जल्दी से रुकने या सबकुछ जल्दी खत्म करने की आदत डाल देता है। हफ्ते में कुछ बार और सेक्स के कुछ घंटे पहले मास्टरबेशन करना, क्लाइमेक्स को कुछ वक़्त तक आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है, खासकर कि अगर आप मास्टरबेट करते वक़्त लंबे वक़्त तक बने रहने की प्रैक्टिस करते आ रहे हों।


पेल्विक फ्लोर (pelvic floor) एक्सर्साइज़ करना शुरू करें: शीघ्रपतन (ejaculation) को कंट्रोल करने वाली मसल्स की एक्सर्साइज़ करना, आपको लंबे वक़्त तक टिकाए रखने में मदद करेगा। इन मसल्स की पहचान करने के लिए, यूरिन करते वक़्त बीच में रुक जाएँ और उन मसल्स को टाइट कर लें, जो गैस को पास होने से रोकती हैं। इनकी एक्सर्साइज़ करने के लिए, इन्हें 3 सेकंड्स के लिए टाइट करके रखने की कोशिश करें, 3 सेकंड्स के लिए रिलेक्स करें, फिर इसे 5 से 10 बार दोहराएँ।

इन एक्सर्साइजेज़ को शुरुआत में लेटकर या बैठकर करना आसान लगेगा, लेकिन इन्हें खड़े होकर भी करने की कोशिश करें। जब आप मसल्स को स्ट्रेंथ दे रहे हों, रोजाना 10 रिपीटीशन के 3 सेट्स करने का लक्ष्य बनाएँ।

एक्सर्साइज़ करते वक़्त नॉर्मल तरीके से साँस लें और अपनी साँसों को रोककर रखने से बचें।

अल्कोहल या और दूसरे ड्रग्स को लेना कम करें: अल्कोहल और इसी तरह के दूसरे सब्सटेन्स प्रीमेच्योर इजेक्यूलेशन (शीघ्रपतन), इरेक्टाइल डिसफंक्शन (erectile dysfunction) और परफ़ोर्मेंस से जुड़ी दूसरी प्रॉब्लम्स को खड़ा कर देती हैं। सेक्स से पहले ड्रग्स और अल्कोहल को लेना अवॉइड करें और इनके इस्तेमाल के ऊपर रोक या कमी करने की कोशिश करें।

अगर हो सके, तो एक रेगुलर सेक्सुअल पार्टनर की तलाश करें: अगर आप आमतौर पर सिर्फ डेट किया करते हैं, तो अब किसी एक के साथ सेटल होने का फ़ैसला कर लें। किसी एक ही इंसान के साथ इंटिमेट होना, सेक्स के दौरान और ज्यादा कम्फ़र्टेबल और कॉन्फिडेंट बनने में मदद कर सकता है। जब आप किसी के साथ कम्फ़र्टेबल होते हैं, तो ऐसे में उसके साथ मिलकर सेक्स लाइफ के ऊपर सुधार करने के बारे में बात करने में ज्यादा परेशानी नहीं होती है। 
सेक्स के दौरान टेक्निक्स का इस्तेमाल करके देखना 

पहले अपने पार्टनर को एक्साइटेड करने की कोशिश करें: खुद को एक्साइटेड किए बिना, अपने पार्टनर को कुछ अटेन्शन दें या उन्हें आपके सेंसिटिव पार्ट्स को छूने दें। इस तरह से वो आपके एक्साइटमेंट के लेवल से मेल खा सकेंगे और दोनों एक ही वक़्त पर क्लाइमेक्स तक पहुँच सकेंगे।

धीमे मूवमेंट्स यूज करें: अपना वक़्त लेकर आगे बढ्ने से आपको देर तक टिके रहने में मदद मिलेगी, इसलिए डेस्टिनेशन तक पहुँचने की कोशिश की बजाय, अपनी जर्नी को अहमियत देने की कोशिश करें। सेक्स को एक जल्दबाज़ी में खत्म किए जाने वाला काम समझने के बजाय, इसे एक सेन्सुअल डांस की तरह समझने की कोशिश करें।

नई पोजीशन्स अपनाकर देखें: पोजीशन बदलना, आपको उस मौजूदा स्थिति के ऊपर फिर से फोकस करने में मदद कर सकता है और आपके एक्साइटमेंट लेवल को रीसेट कर सकता है। इसके साथ ही नई पोजीशन्स को इस्तेमाल करने से आपके शरीर को इसके नॉर्मल रूटीन से हटके कुछ करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, अगर ऐसी कोई एक पोजीशन है, जो हमेशा आपके लिए कमाल का काम करती है,  तो उसे आखिर के लिए बचाए रखें।
जब आपको क्लाइमेक्स आता नजर आए, तब धीमी, गहरी साँसें लें: क्लाइमेक्स को भांपते ही अपनी साँसों को धीमा करने की वजह से ओर्गेज़्म रिफ़्लेक्स रुक जाता है। हल्की, धीमी साँसें लें और साँस लेते वक़्त अपने पेट को बढ़ाएँ। अपनी साँसों को 2 या 3 सेकंड्स के लिए रोककर रखें, फिर धीरे-धीरे साँसों को छोड़ें

जब तक कि आपको क्लाइमेक्स जाता हुआ नजर न आ जाए, तब तक इस तरह से धीमी साँसें लेना जारी रखें।

एक पल के लिए किसी और चीज़ के बारे में सोचें: जब आप करीब जाते हुए नजर आएँ, तो उस वक़्त पर कुछ ऐसी चीज़ के बारे में सोचकर खुद को डिस्ट्रेक्ट करने की कोशिश करें, जो नॉन-सेक्सुयल हों, जैसे कि आपका काम, एक टीवी शो, या स्कूल। अपने ध्यान को कुछ वक़्त के लिए भटकाने से आपको धीमा पड़ने में और रिलेक्स होने में मदद मिल सकती हैअपना सारा वक़्त बस किसी और चीज़ के बारे में सोचते हुए ही न बिता दें। आपको अभी भी उस पल में शामिल रहना है और आपके पार्टनर को खुश करने की कोशिश भी करना है।

ब्रेक्स लेने की कोशिश करें: इस स्टॉप एंड स्टार्ट मेथड में, जब आप आखिरी पल आता महसूस करते हैं, उस वक़्त जरा सी देर के लिए अपने पार्टनर से दूर जाना शामिल है। लगभग 30 सेकंड्स का एक ब्रेक लें, फिर दोबारा सेक्स करना शुरू कर दें। इस स्टॉप एंड स्टार्ट टेक्निक को उस वक़्त तक रिपीट करते रहें, जब तक कि आप और आपका पार्टनर, दोनों ही क्लाइमेक्स तक पहुँचने को तैयार न हो जाएँ।
आप ब्रेक के दौरान गहरी साँसें ले सकते हैं या फिर किसी और चीज़ के बारे में भी सोच सकते हैं।

एक मोटा कंडोम पहनें: अपने लोकल ड्रगस्टोर में क्लाइमेक्स कंट्रोल कंडोम्स की तलाश करें। ये काफी मोटे होते हैं और कुछ ब्रांड्स में एक तरह का नंबिंग एजेंट होता है, जो कुछ वक़्त के लिए सेंसिटिविटी को कम करने में मदद करता है।

एक कपल्स थेरेपी लेने के बारे में सोचें: परफ़ोर्मेंस से जुड़ी हुई परेशानियों की वजह से रिश्तों के ऊपर एक तरह का तनाव सा बन जाता है। हालांकि इस परिस्थिति को एक टीम की तरह अप्रोच करना फायदेमंद होता है, लेकिन फिर भी आपको अपनी सारी फीलिंग्स को लेकर भी ईमानदार रहना होगा, जिसमें आपकी हताशा भी शामिल है। कपल्स काउंसलिंग आपके और आपके पार्टनर के बीच के कॉम्प्लेक्स इमोशन्स को सुलझाने में मदद करेगी और साथ ही उन सारी समस्याओं को समझने में मदद करेगी, जो आपकी इंटिमेसी पर असर डाल रही है।
आप जब काउंसलिंग के ऊपर डिस्कस कर रहे हों, तो इसे नेगेटिव ढंग से न लें। इसकी बजाय, आप कुछ ऐसा बोल सकते हैं, “हम दोनों अलग-अलग तरह के इमोशन्स को फील कर रहे हैं और मुझे लगता है, कि एक काउंसलर हमें एक नया नजरिया देने में मदद कर सकता है। अपनी फीलिंग्स को एक-दूसरे के ऊपर निकालने के बजाय, बेहतर होगा अगर हम अपनी फीलिंग्स को समझ लें।”


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रविवार, 8 दिसंबर 2019

यौन शक्ति बढानें की कुछ घरेलु और आयुर्वेदिक उपचार:



यौन शक्ति बढानें की कुछ घरेलु और आयुर्वेदिक उपचार: 

हम जो भी चीजें खाते हैं उसका हमारे शरीर और सेक्स लाइफ पर बहुत बड़ा असर पड़ता है। कुछ फूड बहुत हेल्दी होते हैं जिन्हें खाने से हमारे जरूरी न्यूट्रिशन प्राप्त हो जाता है। जबकि कुछ फूड ऐसे होते हैं जो सेहत के लिए हानिकारक तो होते ही हैं, साथ में सेक्स ड्राइव पर भी निगेटिव इफेक्ट डालते हैं। इसलिए एक हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए हेल्दी फूड पर भी ध्यान देना जरूरी होता है। कुछ भी खाने की आदत के कारण कई बार हम गंभीर समस्याओं से घिर जाते हैं। प्रत्येक फूड में कोई ना कोई कंपाउंड होता है जो हमें एक्टिव करने के साथ ही इनएक्टिव भी करता है। यदि आपका सेक्स करने का मन नहीं होता है, या मूड बिगड़ जाता है और ऐसी अन्य दिक्कतें होती हैं तो इसके पीछे आपका खानपान भी जिम्मेदार हो सकता है। 
आपकी कामेच्छा की हानि के पीछे का रहस्य शायद आपके भोजन की थाली में छिपा है। चूंकि टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन दोनों पुरुषों और महिलाओं के शरीर में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इनमे किसी तरह का असंतुलन या तो आपकी सेक्स ड्राइव को कम या बढ़ा भी सकता है। रिसर्च से पता चलता है कि कुछ खाद्य पदार्थ आपके हार्मोनल स्तर को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकते हैं 

ऐसे बढ़ाए यौन-शक्ति:
अकसर लोग यौन-शक्ति को बढ़ाने कि लिए तरह-तरह के उपचार, उपाए और नुस्खे खोजते रहते है। कई लोग तो यौन-शक्ति की कमी को लेकर इतने परेशान हो जाते है कि वो महंगे से महंगा उपाए भी करने से परहेज नहीं करते। लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं है, अगर आप कुछ घरेलु नुस्खों को अपनाए तो आपकी सेक्स लाइफ की परेशानियां भी हो सकती है छूमंतर।

लहुसन:- कच्चे लहसुन की 2-3 कलियो का प्रतिदिन सेवन करना यौन-शाक्ति बढ़ाने का बेहतरीन घरेलु उपचार है।

प्याज:- लहसुन के बाद प्याज एक और कारगर उपाय है। सफेद कच्चे प्याज का प्रयोग अपने नित्य आहार मे करें।

काले चने:- काले-चने से बने खाद्य-पदार्थ जैसे डोसा आदि का हफ्ते मे 2-3 बार प्रयोग काफी लाभकारी होता है।
सफे द मूसली:- आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार सफेद मूसली का प्रयोग भी बेहद लाभदायक होता है। 15 ग्राम सफेद मूसली को एक कप दूध मे उबालकर दिन मे दो बार पीने से यौन-शक्ति बढ़ती है।

अश्वगंधा:- अश्वगंधा का चूर्ण, असगंध तथा बिदारीकंद को 100-100 ग्राम की मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें। चूर्ण को आधा चम्मच मात्रा में दूध के साथ सुबह और शाम लेना चाहिए। यह मिश्रण वीर्य को ताकतवर बनाकर शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा दिलाता है।

कौंच का बीज:- 100 ग्राम कौंच के बीज और 100  ग्राम तालमखाना को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें फिर इसमें 200 ग्राम मिश्री पीसकर मिला लें। हल्के गर्म दूध में आधा चम्मच चूर्ण मिलाकर रोजाना इसको पीना चाहिए। इसको पीने से वीर्य गाढ़ा हो जाता है और नामर्दी दूर होती है।

गोखरू:- सूखा आंवला, गोखरू, कौंच के बीज, सफेद मूसली और गुडुची सत्व- इन पांचो पदार्थों को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। एक चम्मच देशी घी और एक चम्मच मिश्री में एक चम्मच चूर्ण मिलाकर रात को सोते समय इस मिश्रण को लें। इसके बाद एक गिलास गर्म दूध पी लें। इस चूर्ण से सेक्स कार्य में अत्यंत शक्ति आती है।

उड़द की दाल:- आधा चम्मच उड़द की दाल और कौंच की दो-तीन कोमल कली को बारीक पीसकर सुबह तथा शाम को लेना चाहिए। यह उपाय काफी फायदेमंद है। इस नुस्खे को रोजाना लेने से सेक्स करने की ताकत बढ़ जाती है।

त्रिफला:- एक चम्मच त्रिफला के चूर्ण को रात को सोते समय 5 मुनक्कों के साथ लेना चाहिए तथा ऊपर से ठंडा पानी पिएं। यह चूर्ण पेट के सभी प्रकार के रोग, स्वप्नदोष तथा वीर्य का शीघ्र गिरना आदि रोगों को दूर करके शरीर को मजबूती प्रदान करता है।

सहजन:- 15 ग्राम सहजन के फूलो को 250 मिली दूध मे उबालकर सूप बनाए। यौन-टौनिक के रूप मे इसका सेवन करे।

छुहारे:- चार-पांच छुहारे, दो-तीन काजू और दो बादाम को 300 ग्राम दूध में खूब अच्छी तरह से उबालकर तथा पकाकर दो चम्मच मिश्री मिलाकर रोजाना रात को सोते समय लेना चाहिए। इससे यौन इच्छा और काम करने की शक्ति बढ़ती है।

किशमिश:- 30 ग्राम किशमिश को गुनगुने पानी मे धोए, 200 मिली दूध मे उबाले तथा दिन मे तीन बार सेवन करे। ध्यान रखिए की प्रत्येक बार ताजा मिश्रण तैयार करे। धीरे धीरे 30 ग्राम किशमिश की मात्रा को 50 ग्राम तक करें।

ताजे फलो का सेवन:- यौन-शक्ति कमजोरी से पीडित रोगियो को शुरू में 5-5 घंटे के अंतराल से विशेष रूप से ताजा फलो का आधार लेना चाहिए उसके बाद वह पुन: अपनी नियमित खुराक धीरे-धीरे प्रारंभ कर सकते है। रोगी को धूम्रपान , शराब चाय तथा कॉफी के सेवन से बचना चाहिए, और विशेष रूप से सफेद चीनी तथा मैदे या उनसे बने उत्पादो का परहेज करना चाहिए।


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'सफेद मूसली' का यौन जीवन में योगदान, आयुर्वेद का प्राकृतिक 'शक्ति वर्धक' औषधि :

'सफेद मूसली' का यौन जीवन में योगदान, आयुर्वेद का प्राकृतिक 'शक्ति वर्धक' औषधि : परिचय आयुर्वेद में कई ऐसी औषधियाँ वर्णित हैं...