Tuesday, 15 June 2021

सफेद मूसली के फायदे और उपयोग









सफेद मूसली -

सफेद मूसली (safed musli) को शक्तिवर्द्धक जड़ी बूटी माना जाता है, इसलिए आयुर्वेद में औषधि के रूप में इसका बहुत इस्तेमाल किया जाता है। सफेद मूसली की जड़ और बीज, विशेष रूप से औषधि के रूप में बहुत फायदेमंद होते हैं। इसकी जड़ों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम आदि अत्यधित मात्रा में पाए जाते हैं। 

सफेद मूसली क्या है? (What is Safed Musli?)

मूसली फूल सफेद रंग के होते हैं। इसकी जड़ मोटी तथा गुच्छों में होती है। इसका कंद (bulb) मीठा, कामोत्तेजक और कफ को कम करने में मदद करता है। यह स्तनों में दूध को बढ़ाने में मदद करता है। यहां तक सफेद मूसली मोटापा  (obesity), अर्श या पाइल्स (piles), सांसों के रोग, खूनी की कमी या एनिमिया (anemia) में भी लाभ पहुंचाता है। आप इसका लाभ ह्रदय विकार (heart disease) तथा डायबिटीज (diabetes) जैसे रोगों में भी ले सकते हैं। सफेद मूसली का वानस्पतिक नाम Chlorophytum borivilianum (क्लोरोफायटम बोरिबिलिएनम्) है। सफेद मूसली Liliaceae (लिलिएसी) कुल का है।



सफेद मूसली के फायदे उपयोग (Safed Musli Benefits & Uses )-



ब्रेस्टमिल्क को बढ़ाने में उपयोगी सफेद मूसली -


माताओं के स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए सफेद मूसली फायदे का लाभ उठाना चाहिए। इसके लिए सफेद मूसली का प्रयोग इस तरह से करना चाहिए। 2-4 ग्राम सफेद मूसली के चूर्ण में बराबर भाग मिश्री मिला लें। इसे दूध के साथ सेवन करें। इससे स्तनों में दूध की वृद्धि होती है।


दस्त को रोकने में सफेद मूसली के फायदे -

सफेद मूसली का सेवन करने पर दस्त की परेशानी से निजात मिल सकता है। 2-4 ग्राम सफ़ेद मूसली की जड़ के चूर्ण को दूध में मिला लें। इसका प्रयोग करने से दस्त, पेचिश तथा भूख की कमी जैसी परेशानियों में लाभ मिलता है।

पेट की बीमारी में सफेद मूसली के फायदे -

पेट में गड़बड़ी, पेट दर्द, खाना ना खाने की इच्छा, दस्त जैसी समस्याएं होने पर सफेद मूसली का सेवन करें। इसके लिए सफेद मूसली के कंद के चूर्ण का सेवन करना चाहिए। 1-2 ग्राम कंद (bulb) के चूर्ण का सेवन करने से दस्त, पेट की गड़बड़ी, पेट दर्द और भूख ना लगने की समस्या ठीक होती है।

मूत्र संबंधी समस्या में सफेद मूसली के फायदे -

कई लोग को पेशाब करते समय दर्द होता है। इस रोग में मूसली बहुत फायदेमंद होता है। मूसली जड़ के चूर्ण को 1-2 ग्राम की मात्रा में सेवन करें। इससे राहत मिलती है।



सुजाक रोग में सफेद मूसली चूर्ण के फायदे -

सुजाक एक तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन से संबंधित रोग है, जो यौन संपर्क के कारण होता है। अगर इसका समय पर इलाज ना किया गया तो नपुंसक होने की संभावना भी रहती है। सफेद मूसली के चूर्ण का सेवन करने से सुजाक में लाभ मिलता है।

ल्यूकोरिया में सफेद मूसली के फायदे -

ल्यूकोरिया महिलाओं को होने वाली एक बीमारी है। इस रोग के कारण महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। आप सफेद मूसली का प्रयोग करके ल्यूकोरिया को ठीक करने में मदद पा सकते हैं। इसको ठीक करने के लिए 1-2 ग्राम सफेद मूसली के कंद चूर्ण का सेवन करें।

कमजोरी दूर करने में सफेद मूसली के फायदे- 

कभी-कभी संतुलित आहार नहीं ले पाने, या फिर अन्य कारणों से लोगों को शारीरिक कमजोरी की शिकायत हो जाती है। इसमें सफेद मूसली चूर्ण का सेवन करने से लाभ मिलता है। सफेद मूसली के कंद के 2-4 ग्राम चूर्ण में मिश्री मिला लें। इसे दूध के साथ सेवन करें। सफेद मूसली का उपयोग सामान्य कमजोरी तथा लिंग से संबंधित कमजोरी दूर करने में होती है। आप 2-4 ग्राम मूसली के चूर्ण में, समान मात्रा के शर्करा डाल लें। इसे गाय के दूध के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है।

· 1-2 ग्राम जड़ के चूर्ण में समान मात्रा में मिश्री मिला लें। इसका सेवन करने से कमजोरी दूर होती है, और वीर्य दोष (Semen) ठीक होता है।

· सफेद मूसली की जड़ के 1-2 ग्राम चूर्ण में बराबर भाग में मिश्री मिला लें। इसका सेवन करने से सामान्य शारीरिक दुर्बलता और शुक्र-दुर्बलता की परेशानी ठीक होती है।

गठिया के दर्द में सफेद मूसली के फायदे -

गठिया के लिए सफेद मूसली बहुत फायदेमंद होता है। सफेद मूसली के कंद (bulb) को पीसकर लगाने, या सफ़ेद मूसली चूर्ण का सेवन करने से गठिया के दर्द से आराम मिलता है।

कामेच्छा को बढ़ाने में लाभकारी सफेद मूसली -

कई बार काम के तनाव के कारण, या किसी शारीरिक समस्या के कारण, या फिर दवा के साइड इफेक्ट के कारण सेक्स करने की इच्छा में कमी आ जाती है। सफेद मूसली के साथ, समान मात्रा में गुडूची सत्त्, कौंञ्च बीज, गोखरू, सेमलकंद, आँवला तथा शर्करा लें। इनका चूर्ण बना लें। इसे 2-4 ग्राम की मात्रा को घी तथा दूध में मिलाकर पीने से सेक्स करने की इच्छा बढ़ती है। पुरूषों के इस यौन समस्या में सफेद मूसली का उपयोग बहुत लाभकारी होता है।

सफेद मूसली का उपयोगी भाग -

आयुर्वेद में सफेद मूसली के कंद, जड़ और बीज का प्रयोग औषधि के लिए सबसे ज्यादा किया जाता है।





No comments:

Post a Comment

पेरोनीज रोग (लिंग का टेढ़ा होना), जानें इसके कारण, लक्षण और ठीक करने के उपाय-

                                                         पेरोनीज रोग (लिंग का टेढ़ा होना), जानें इसके कारण, लक्षण और ठीक करने के उपाय- पुर...