शुक्रवार, 23 मार्च 2018

What are the symptoms of erectile dysfunction?

What are the symptoms of erectile dysfunction?


Erectile dysfunction will cause the penis to be unable to acquire or maintain a satisfactory erection. It is important to specify to the doctor the rapidity of onset, the presence of nocturnal erections, and the quality of the erection if it can be attained but not maintained. The quality of an erection can be judged according to the rigidity and the functionality (Is the penis erect enough to allow for vaginal penetration?).
Erectile dysfunction with sudden onset and no previous history of sexual dysfunction suggests a psychogenic cause, unless there was a previous surgery or a genital trauma. The loss of nocturnal erections will suggest a neurologic or vascular cause. Finally, when an erection is not sustained, its loss may be due to an underlying psychological cause or vascular problem. Talk to your doctor if you have noticed any problems with your erectile function.

What is the treatment for erectile dysfunction?
Nowadays, there are many options for men who suffer from erectile dysfunction. Before suggesting pharmacological help, the doctor may suggest a change in lifestyle habits. Since many causes of erectile dysfunction are disorders in which lifestyle changes will have a positive effect, addressing these issues can be helpful. Therefore, regular exercise, a healthy diet, smoking cessation, and limiting alcohol consumption can all have an impact on erectile function. Lifestyle changes can also include the use of a more genitalia-friendly bicycle seat.

इरेक्टाइल डिसफंक्शन होने का मतलब है सेक्चुअल अर्ज होने के बावजूद इरेक्शन नहीं होना। इंटरकोर्स के दौरान मानसिक और शारीरिक तौर पर उत्तेजित होने पर जब पुरूषों को इरेक्शन नहीं हो पाता उस अवस्था को ई.डी. या इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहते हैं। इसके कारण पुरूष बहुत ही चिंतित और स्ट्रेस में रहने लगते हैं। साथ में उनकि पर्सनल और सेक्स लाइफ दोनों डिस्टर्ब हो जाती है।
असल में जब पुरूष उत्तेजित होते हैं तब पेनिस के नर्व का नेटवर्क दिमाग को सिग्नल भेजता है जिससे ब्लड के वेसल में ब्लड का फ्लो पूरी तरह से होने लगता है और वह अपनी क्षमता के अनुसार पूरी तरह से खुल जाता है। पेनिस में टिशू के दो कॉलम होते हैं जिसको कॉरपस कॉवेनोसम (corpus cavernosum) कहते हैं, जो ऑर्गन में फैला होता है और वह दो धमनियों में विभाजित होता है। दूसरा कॉलम जिसको कॉरपस स्पॉनजियोसम कहते हैं वह पेनिस के सामने के तरफ होता है। और ब्लड वेसल और नर्व के जाल में होता है। पेनिस के टिप में जो यूरेथ्रा होता है वह कॉरपस स्पॉनजियोसम (corpus spongiosum) के मदद से खुलता है। इससे यूरीन और सिमेन दोनों निकलता है।
जैसे ही ब्रेन से सिग्नल मिलता है कॉरपस कॉवेनोसम के धमनियों में ब्लड फ्लो होने लगता है। इस अवस्था में पेनिस के नर्व में दबाव पड़ता है जिसके कारण कॉरपस कॉवेनोसम पर भी प्रेशर पड़ता है जो पेनिस को इरेक्ट और एक्सपैंड होने में मदद करता है। अगर इस प्रोसेस या प्रक्रिया में जब असुविधा होती है तो इरेक्शन में प्रॉबल्म आने लगता है।
स्ट्रेस, सेक्स के दौरान परफॉर्मेंस के बारे में सोचकर घबड़ाहट, स्मोकिंग या अल्कोहल पीने के कारण इरेक्शन में प्रॉबल्म आ सकता है। सामान्यतः 40 के उम्र के बाद इरेक्टाइल डिसफंक्शन का प्रॉबल्म होता है।
साधारणतः  इन कारणों से इरेक्टाइल डिसफंक्शन होता है-
पेनिस में पर्याप्त मात्रा में ब्लड का फ्लो न होना- 40 के उम्र के बाद ये प्रॉबल्म होने का सबसे बड़ा कारण हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, कार्डियोवसकुलर डिज़ीज़ होता है। क्योंकि इससे कारण पेनिस की धमनियां सिकुड़ जाती है जो ब्लड फ्लो को सही तरह से होने से रोकता है और इरेक्शन में प्रॉबल्म आने लगता है।
ब्रेन सिग्नल नहीं दे पाता है- अगर आपको अल्जाइमर डिज़ीज़, मल्टीप्ल स्क्लेरोसीस (multiple sclerosis), पार्किंसन डिज़ीज़ (Parkinson’s disease) है तो ब्रेन रिप्रोडक्टिव ऑर्गन यानि प्रजनन तंत्र को सिग्नल नहीं भेज पाता जिसके कारण इरेक्शन में प्रॉबल्म आता है।


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सोमवार, 12 मार्च 2018

क्या लिंग टूट सकता है (Penis rapchar) ?

 क्या लिंग टूट सकता है (Penis rapchar) ?




हाँ, घबराने की बात नहीं है, ऐसा बहुत ही कम होता है। लेकिन ऐसा हो सकता है, किसी का भी लिंग टूट सकता। जैसा की हम सभी जानते है पेनिस में हड्डी नहीं होती है और जब यह खड़ा होता है तो इसके नसों में खून भर जाता है। अगर  लिंग को कोई बहुत जोर से मोड दे या किशी कारणवश  नसे फट सकती हैं। ऐसा सेक्स के दौरान लिंग के फिसलने से भी हो सकता है और इसमें आप नशों की टूटने की आवाज भी सुन सकते हैं। इसके बाद लिंग में सूजन हो जायेगी और दर्द होगा। ऐसे में तुरंत बर्फ से सेकाई करेऔर तुरन्त किसी डॉक्टर  की सलाह ले।

बहुत सरे लोगों का औसत लम्बाई का लिंग होता है लेकिन ये )उनके दिमाग में बैठ जाता है की उनका बहुत छोटा है। यह एक साइकोलोजिकल कंडीशन होती है जीसे( penile dysmorphic disorder )  कहते हैं। जो की ज्यादा परेसानी वाली बात नहीं है ये कंडीशन एनोरेक्सिया के जैसे होती है जिसमें लोगों को लगता है की वो बहुत मोटे हैं जब की वो बहुत पतले होते हैं।



सोते समय या सुबह उठाने से समय लिंग(Penis) का उत्तेजित होना सामान्य है, एक रात में 4-5 बार लिंग का उत्तेजित होना बहुत सामान्य होता है, ऐसा सपना देखते वक़्त भी होता है। ऐसा क्यों होता है इसका किसी को कारण नहीं पता लेकिन ऐसा स्वस्थ्य पेनिस के लिए होता है।
अगर किसी को सेक्सुअल समय होती है तो डॉक्टर रात के इरेक्शन को चेक करने के लिए बोलते हैं। यदि किसी का रात में खड़ा होता है तो उसकी सेक्सुअल प्रॉब्लम stress और anxiety की वजह से है।

1. अंडकोष का सिकुड़ना क्या सामान्य होता है?
हाँ
स्पर्म को स्वस्थ्य रखने के लिए शरीर अंडकोष का तापमान नियंत्रित करती है। जब वो ठंढे होते हैं तो शरीर उनको सिकोड़ लेती है ताकि वो गर्म रहें और गरमी में अंडकोष लटकते रहते हैं ताकि वो ठंढे रहें।

पेनिस भी कसरत के दौरान या जब ज्यादा मानसिक तनाव में सिकुड़ जाता है, ऐसा इस लिए है की आप का शरीर आप के खून को दूसरी जगह भेज रही है जहाँ ज्यादा जरूरत है।
2 - लिंग का एक तरफ झुकना नार्मल होता है?
हाँ

सभी लोगों के लिंग एक जैसे नहीं हो सकते हैं, सबके अलग अलग दिखाते हैं। सामान्य तौर पर लिसी का दायीं तरफ तो किसी का बायीं तरफ झुका होता है। दाहिना अंडकोष बड़ा होता है और बयां छोटा होता है। लिंग में तनाव के दौरान यह दायें या बाएं झुक सकता है और अंडकोष ज्यादा लटक सकते हैं। अगर आप के पेनिस बहुत जयादा मुड़ा हुआ है और इससे खड़ा होने के दौरान दर्द होता है तो आप को डॉक्टर को दिखाना चाहिए। ऐसा Peyronie’s disease की वजह से हो सकता है।

3- हफ्ते में 5 बार से ज्यादा हस्तमैथुन नुकसान पहुंचता है?
नहीं
क्या आप बहुत ज्यादा हस्तमैथुन करते हैं? नहीं ऐसा नहीं है, बहुत सारे लोग गिनाते बहुत हैं। लेकिन कितनी बार नार्मल है? ऐसा कोई डाटा नहीं है की कितनी बार masturbation नार्मल होता है, बहुत सारे लोग बहुत बार करते हैं जबकि बहुत सारे कम या बहुत कम करते हैं। अगर आप के बहत ज्यादा masturbation से आप के काम, स्कूल या अन्य चीजों पर असर पद रहा है तब समाया है नहीं तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता की आप कितनी बार masturbation करते हैं।



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सोमवार, 5 मार्च 2018

शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के उपचार

शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के उपचार 


शुक्राणुओं की संख्या कम होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे पर्यावरण से हुआ प्रदूषण, विषैले ड्रग्स से संपर्क (drugs), धूम्रपान करना, रेडिएशन (radiation), केमिकल (chemical) के संपर्क में आना, भारी धातुओं के संपर्क में आना आदि ।

पुरुषों में औसत शुक्राणुओं की मात्रा 120 से 350 मिलियन पर क्यूबिक सेंटीमीटर (million per cubic centimeter) होती है। शुक्राणु की कमी के कारण, शुक्राणुओं की संख्या तब काफी कम मानी जाती है, जब यह 40 मिलियन पर क्यूबिक सेंटीमीटर से भी कम हो जाए ।

गर्मी भी एक महत्वपूर्ण कारक है, जो शुक्राणुओं के कम होने का कारण माना जाता है। गर्म पानी से स्नान करना, लम्बे समय तक पानी से भरे टब में आराम करना, लम्बे समय तक कुछ ज्यादा ही चुस्त अंतर्वस्त्र पहनकर समय बिताना आदि से भी शुक्राणुओं की संख्या कम हो जाने की काफी संभावनाएं पैदा हो सकती हैं ।

शुक्राणु बढ़ाने के लिए केमिकल के संपर्क में आने से बचें (Reduce chemical exposure)

आजकल के दौर में पुरुष आज से 50 वर्ष पहले के पुरुषों की तुलना में शुक्राणुओं की कमी की समस्या से ज्यादा जूझ रहे हैं। केमिकल से ज्यादा संपर्क शुक्राणुओं की कमी का एक महत्वपूर्ण कारण है। ज़ेनोएस्ट्रोजन्स (xenoestrogens), जैसे डाइअॉॉक्सिन, कीटनाशक, प्लास्टिक्स, PCB और कारखानों के प्रदूषक तत्व (dioxin, pesticides, plastics, PCB’s and industrial pollutants) आप पर काफी हानिकारक प्रभाव छोड़ते हैं। ज़ेनोएस्ट्रोजन्स के आपके स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव को दूर करने के लिए नीचे दिए गए नुस्खे अपनाए जा सकते हैं : –
खाद्य पदार्थों को जमा करके रखने के लिए प्लास्टिक के पात्रों का प्रयोग ना करें ; 
प्लास्टिक की बोतलों, बर्तनों तथा ढकने वाली वस्तुओं से भी परहेज करें।
शीघ्रपतन रोकने के घरेलू उपाय
शराब और कैफीन (caffeine) का सेवन कम कर दें। अगर आपको प्रभावी परिणाम चाहिए तो इनका सेवन पूरी तरह से बंद कर दें।
क्लोरीन (chlorine) युक्त नल के पानी, क्लोरीन के ब्लीच (bleach) तथा अन्य क्लोरीन युक्त उत्पादों का प्रयोग ना करें। इसके स्थान पर हाइड्रोजन पेरोक्साइड (hydrogen peroxide) का प्रयोग करना ज़्यादा अच्छा विकल्प साबित होगा।
शुक्राणु बढ़ाने वाला आहार, आपके लिए चारकोल (charcoal) में उबले, तले तथा भुने हुए खाद्य पदार्थों के सेवन से भी परहेज करना अच्छा साबित होगा।
ऐसे भोजन ग्रहण करने का प्रयास करें, जो एंटी ऑक्सीडेंटस (antioxidants) से भरपूर हों । हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, गाजर, गोभी आदि का ज्यादा सेवन करें ।
शुक्राणु बढाने के उपाय – स्पर्म काउंट के लिए खानपान सही करें (Improve diet)
शुक्राणु बढाने के उपाय, उर्वरता (fertility) में वृद्धि करने के लिए अपने खानपान में काफी मात्रा में फल, सब्जियों और साबुत या अंकुरित अनाज का सेवन करें। स्पर्म काउंट के लिए धूम्रपान, तम्बाकू, शराब, चाय, कॉफ़ी तथा रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स (refined carbohydrates) से परहेज करने का प्रयास करें। स्पर्म काउंट के लिए अपने वज़न को नियंत्रण में रखें, क्योंकि ज़रुरत से ज्यादा वज़न बढ़ना भी शुक्राणुओं में कमी का एक बड़ा कारण हो सकता है।

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सोमवार, 26 फ़रवरी 2018

पुरुषों में, इरेक्टाइल डिसफंक्शन का आयुर्वेदिक उपचार

पुरुषों में, इरेक्टाइल डिसफंक्शन का आयुर्वेदिक उपचार



पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन के घरेलू उपचार | पति-पत्नी के बीच अंतरंग संबंध उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। लेकिन कई बार कुछ छोटी-मोटी समस्याएं इस महत्वपूर्ण हिस्से को कमजोर बना सकती हैं। फिर इसके लिए दवाएं और महंगे उपचार द्वारा करवाने में पुरुष शर्मिंदगी भी महसूस कर सकते हैं। ऐसे में, यदि उन्हें यह जानकारी हो कि यदि वह नियमित तौर पर कुछ ऐसे खाद्य-पदार्थों का सेवन करते रहें, जो प्राकर्तिक तौर पर सेक्स लाइफ को बूस्ट करने में मदद करते हैं, तो शायद उन्हें मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत ही न पड़े। साथ ही यह फल सिर्फ पुरुषों में सेक्स से जुड़ी कमजोरी ही को ही नहीं दूर करते बल्कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या भी इससे ठीक हो सकती है। यहाँ कुछ ऐसे फल और अन्य खाद्य-पदार्थों की जानकारी दी जा रही है, जो पुरुषों को यौन ऊर्जा प्रदान करते हैं।
जैसे:-
तरबूज- तरबूज का नियमित सेवन न सिर्फ, पुरुषों में सेक्स ड्राइव को बूस्ट करता है बल्कि इसे इरेक्टाइल डिसफंक्शन जैसी समस्या से भी राहत मिलती है। तरबूज में पाये जाने वाले यौगिक, इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लिए दवाओं की ही तरह काम करते हैं। तरबूज रक्त वाहिकाओं के सुचारू संचालन के लिए बहुत फायदेमंद है। यहाँ तक कि अध्ययनों में यह बात भी सामने आई है कि तरबूज में पाए जाने वाले तत्व शरीर की रक्त वाहिकाओं पर वियाग्रा जैसा ही असर डालते हैं। वहीं तरबूज में भरपूर मात्रा में पानी होता है, जिसमें लाइकोपीन नामक तत्व मौजूद होता है। यह तत्व शरीर में एंटीऑक्सीडेंट के तौर पर काम करता है और ह्रदय, प्रोस्टेट, और त्वचा के लिए फायदेमंद होता है।
डार्क चॉकलेट- डार्क चॉकलेट के जरिए भी व्यक्ति अपनी सेक्स क्षमता को बढ़ा सकता है, खासकर इरेक्टाइल डिसफंक्शन से पीड़ित व्यक्ति। क्योंकि डार्क चॉकलेट में कोकोआ होता है, जिसके कारण फ्लेवेनाइड्स और एंटीआक्सिडेंट काफी मात्रा में पाए जाते हैं। जो शरीर में रक्त संचार को बढ़ाने में मदद करता है और साथ ही यह रक्तचाप के स्तर को भी कम करता है, जिसके कारण यौन अंगों में उत्तेजना में मदद मिलती है। इसके अलावा डार्क चॉकलेट शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड, को बनाने में मदद करता है जिससे कि इरेक्शन की क्षमता में मदद मिलती है।
सूखे मेवे- अखरोट में आर्जीनिन और एमिनो एसिड पाए जाते हैं, जो शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बनाने में मदद करता है। इसके अलावा सूखे मेवे विटामिन ई, फोलिक एसिड और फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है, जो व्यक्ति में यौन क्षमता को बढ़ाता है। हालंकि इसका ज्यादा उपयोग भी घातक होता है, क्योंकि बादाम में बहुत अधिक मात्रा में कैलोरी पायी जाती है।
जूस- इरेक्टाइल डिसफंक्शन से जूझ रहे लोगों में जूस काफी कारगर माना गया है, खासकर अंगूर का जूस। क्योंकि, अंगूर के रस में पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड की मात्रा में वृद्धि करता है। इसके अलावा अनार का जूस भी सेक्स के लिए प्राकृतिक बूस्टर माना जाता है। ऐसे में जूस का नियमित सेवन करने से सेक्स क्षमता बढ़ती है और यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन से भी बचाता है।
लहसुन- लहसुन सेक्स क्षमता को बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभाता है, क्योंकि लहसुन में कोमोत्तेजक गुण पाए जाते हैं, जो रक्त संचार और और यौन क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। लहसुन में एलीकीन होता है जो कि जननांगों में खून के प्रवाह को बढ़ाता है। इसके अलावा सेक्स क्षमता को बढ़ाने के लिए लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है। लहसुन की दो-तीन कलियां कच्चा चबाकर खाने से धमनियाँ स्वस्थ रहती हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां- हरी पत्तेदार सब्जियों में भी काफी मात्रा में नाइट्रिक ऑक्साइड पाए जाते हैं। खासकर पालक, मेथी, अजवाइन के सेवन से खून का संचालन और लिंग उत्तेजना बढ़ता है। एमिनो एसिड और फोलेट से भरपूर पालक खाने और पालक का सूप पीने से सेक्स क्षमता को बढ़ावा मिलता है और साथ ही इरेक्टाइल डिसफंक्शन से भी निजात पाया जा सकता है। क्योंकि हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन , खनिज और ओमेगा-3s भरपूर मात्रा में होते हैं।
जैतून का तेल- शरीर को अधिक टेस्टोस्टेरोन बनाने के लिए जैतून का तेल काफी कारगर माना जाता है। शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल और असंतृप्त वसा से छुटकारा दिलाने में भी यह मदद करता है। क्योंकि, जैतून के तेल में एंटीऑक्सीडेंट काफी मात्रा में पाया जाता है जो शरीर के लिए अच्छा माना जाता है।
किसी भी व्यक्ति के जीवन में यौन सुख का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। जिस तरह शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अच्छे भोजन की आवश्यकता होती है, उसी तरह खुशहाल दांपत्य जीवन के लिए अच्छी सेक्सुअल लाइफ का होना भी जरूरी है और सही आहार से सेक्स लाइफ में भी सुधार किया जा सकता है। खासकर उन पुरुषों के लिए जो इरेक्टाइल डिसफंक्शन के शिकार हैं, वे अपनी खानपान की आदतों में कुछ सुधार लाकर अपनी सेक्स लाइफ को काफी मजेदार बना सकते हैं।


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शुक्रवार, 16 फ़रवरी 2018

सुरक्षित सेक्स के सुनिश्चित तरीके

सुरक्षित सेक्स के सुनिश्चित तरीके



रिश्‍ते शुरू होते हैं, रिश्‍ते खत्‍म हो जाते हैं। लेकिन एक रिश्‍ता ऐसा होता है जो वक्‍त के साथ-साथ और गहरा हो जाता है। वो रिश्‍ता है प्‍यार और सेक्‍स का रिश्‍ता। आकर्षण रिश्‍ते का बीजारोपण तो कर देता है, लेकिन कितनी दूर तक लेकर जाना है यह आप पर निर्भर करता है। और अगर दोनों अपने रिश्‍ते को सेक्‍स तक लेकर जा रहे हैं, तो फिर आपको कुछ बातों का खयाल रखना जरूरी है। क्‍योंकि बात जब सेक्‍स की हो तो आप सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिये।
सेक्‍स के बारे में बात करें
हमारा कहने का अर्थ यह नहीं कि आप अश्‍लील बातें करने लग जाएं। अगर आप अपने साथी के साथ पहली बार सेक्‍स करने जा रहे हैं, तो कुछ बातों पर जरूर बात करें। यौन रोग, यौन साथी और अन्‍य बातों के बारे में बात कर लेनी चाहिये। सेक्‍स से पहले आप दोनों का एक ही धरातल पर होना जरूरी है।
कण्‍डोम का उपयोग
चाहे आप पहली बार संभोग करने जा रहे हों या फिर आप अनुभवी हों, कण्‍डोम सुरक्षा का सबसे बड़ा जरिया है। यह न केवल आपको अनचाहे गर्भ से बचाता है, बल्कि यह एचआईवी/एड्स और अन्‍य कई यौन रोगों से भी आपकी रक्षा करता है। ओर हां, एक समय में एक ही कण्‍डोम पहनें, दो कण्‍डोम पहनने से आपको नुकसान ही होगा।
 लुब्रिकेटेड कण्‍डोम
संभोग के लिए लुब्रिकेट कण्‍डोम ही इस्‍तेमाल करें। लुब्रिकेशन न सिर्फ कण्‍डोम को फटने से बचाता है, बल्कि इससे पहनना और इस्‍तेमाल करना भी आसान होता है। इतना ही नहीं अधिक लुब्रिकेशन से आपकी महिला साथी को संभोग का अधिक आनंद आता है।
साथी के लिए रहें वफादार
अपने साथी के प्रति वफादार रहकर आप यौन संचारित रोगों के खतरों को कम कर सकते हैं। याद रखें, जब आप किसी साथी के साथ संभोग करते हैं, तो कहीं न कहीं अपरोक्ष रूप से आप उन सब लोगों के साथ जुड़ जाते हैं, जिनके साथ उस व्‍यक्ति का संबंध रहा है। तो ऐसे में बेहतर है कि आप अपने साथी के प्रति वफादार रहें। 
कण्‍डोम फिर भी है जरूरी
भले ही आप केवल अपने साथी के साथ ही संबंध बना रहे हों, लेकिन फिर भी कण्‍डोम का कोई विकल्‍प नहीं है। और आप इसकी अनदेखी नहीं कर सकते।
शराब से फैसले पर असर
कई गलत फैसले शराब और ड्रग्‍स के प्रभाव में लिये जाते हैं। तो सेक्‍सुअल क्रिया से पहले और दौरान अल्‍कोहल या अन्‍य नशीले पदार्थों का सेवन न करें।
ओरल सेक्‍स से बचें
ओरल सेक्‍स से कई प्रकार के संक्रमण हो सकते हैं। कई ऐसे उदाहरण भी सामने आये हैं, जब ओरल सेक्‍स से व्‍यक्ति को कैंसर होने की बात सामने आयी है। इससे बचने का एक तरीका यह है कि ओरल सेक्‍स करते हुए आप कण्‍डोम का उपयोग करें। बाजार में आजकल फ्लेवर कण्‍डोम उपलब्‍ध हैं। हां, संभोग के लिए सामान्‍य लुब्रिकेटेड कण्‍डोम का ही इस्‍तेमाल करें।

जो न हो पसंद वो न करें
सेक्‍स पूरी तरह से आपकी निजी पसंद का मामला है। किसी प्रकार के दबाव में आकर सेक्‍स न करें। जब तक आप पूरी तरह से आश्‍वस्‍त न हों, इस क्रिया से दूर ही रहें।  सुरक्षित रहें, तभी आप बेहतर और आनंददायक सेक्‍स का आनंद उठा पायेंगे।

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शनिवार, 10 फ़रवरी 2018

वीर्य के पतलेपन का रामबाण इलाज है गाय का देशी घी

वीर्य के पतलेपन का रामबाण इलाज है  गाय का देशी  घी 

स्वाद ना पसंद होने के कारण कई लोग घी नहीं खाते । लड़कियां तो वजन बढ़ने के कारण घी नहीं खाती । लेकिन लड़कों द्वारा घी ना खाने का कारण आज तक समझ नहीं आया । जबकि एक चम्मच घी नामर्दी और नपुंसकता से जुड़ी हर तरह की समस्या का इलाज करता है । वीर्य के पतलेपन का तो घी रामबाण इलाज है ।
सामान्य है ये समस्या
आज के भागते-दौड़ते जीवन में हर इंसान शारीरिक तौर पर कमजोर हो रहा है । लड़कों की इस शारीरिक कमजोरी का असर उनकी मर्दानगी पर पड़ता है । इस शारीरिक कमजोरी और रोजाना खाने वाले फास्टफुड का सबसे ज्यादा प्रभाव पुरुषों के वीर्य पर पड़ता है। जिसके कारण पुरुषों को वीर्य के पतलेपन की समस्या होती है। ऐसे में पुरुष शर्म के कारण डॉक्टर के पास जा नहीं पाते और हकीमों के चक्कर लगाते रहते हैं। अगर आपको भी ऐसी ही समस्या है और आप भी शर्म के कारण किसी डॉक्टर के पास नहीं जा पा रहे हैं तो आज ही घर बैठे घी द्वारा अपनी समस्या का समाधान करें।

घी इन बीमारियों का करता है इलाज
  • शीघ्र पतन
  • स्वपनदोष
  • काम वासना में कमी
  • काम की अनिच्छा
  • वीर्य का पतलापन
  • वीर्य के अन्य विकार
  • कमजोर स्पर्म

घी में होते हैं उपयोगी रसायन
माना जाता है की घी में कुछ जरूरी रसायन होते हैं जो जवानी को कायम रखने और बुढ़ापे को दूर रखने का काम करते हैं। इसकी पुष्टि वैज्ञानिकों ने भी की है। 
पुराने जमाने में बुजुर्गों का मानना था कि काली गाय का घी खाने से पुरुष कभी बूढ़ा नहीं होता । अब गाय काली हो या सफेद, घी तो घी होता है। इसलिए रोज सुबह-शाम एक चम्मच घी खाएं और जवान बने रहें। दरअसल गाय के घी में स्वर्ण छार पाए जाते हैं, जिसमे अदभुत औषधिय गुण होते है । जो की गाय के घी के अलावा किसी अन्य तरह के घी या मक्खन में नहीं रहते। गाय के घी से बेहतर कोई दूसरी चीज नहीं है ।

वीर्य के पतलेपन में घी का ऐसे करे इस्तेमाल
गाय के घी से बल और वीर्य बढ़ता है और शारीरिक व मानसिक ताकत में भी इजाफा होता है । वीर्य के पतलेपन के लिए घी को मूसली के साथ इस्तेमाल करें। इसके लिए सबसे पहले सफेद मूसली का 250 ग्राम बारीक पिसा हुआ चूर्ण बना लें । अब इस मिश्रण को 2 लीटर दूध में मिलाकर खोया बना लें । फिर 250 ग्राम घी में डालकर इस खोए को भून लें । ठंडा हो जाने पर इसमें आधी किलो चीनी पीसकर मिलाएं। इस मिश्रण को सुबह - शाम 20 ग्राम खाने से काम शक्ति बढ़ती है और वीर्य गाढ़ा होता है । 

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गुरुवार, 1 फ़रवरी 2018

ऑलिव ऑयल सेक्स जीवन को और भी सेक्सी बनाने में अतिमहतवपूर्ण

ऑलिव ऑयल सेक्स जीवन को और भी सेक्सी बनाने में अतिमहतवपूर्ण


शीघ्रपतन और स्वप्नदोष जैसी समस्या शादी शुदा दंपति को संभोग सुख से वंचित कर देती है। जिससे उनकी सेक्सुअल लाइफ के साथ रोजाना की लाइफ भी बाधित हो जाती है। अगर आप भी इसी तरह की किसी समस्या का सामना कर रहे हैं और लज्जावश किसी विशेषज्ञ के पास नहीं जा पा रहे हैं तो खाने में जैतून के तेल का इस्तेमाल करें । जैतून तेल के जरिये आपकी  सेक्स से जुड़ी हर तरह की समस्या का समाधान हो जाता है।

यदि निम्न  समस्याएं आपके साथ है जैसे 
  • नपुंसकता
  • स्वप्नदोष
  • धातु दोष
  • शीघ्रपतन
  • वजाइना की ड्राईनेस
  • सेक्स की इच्छा नहीं होना
  • स्पर्म  काउंट में कमी
  • बहुत अधिक थकावट होना


ऊपर दी गई किसी भी तरह की समस्या है तो ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करें। ऑलिव ऑयल एक गुणकारी तेल है जो दिल को भी सेहतमंद रखता है और स्वास्थ्य को भी। इसके साथ ही यह  आपके वैवाहिक जीवन में  प्यार और रोमांस को भी बरकरार रखने में मदद करता है।


कैसे सहायक है ऑलिव ऑयल
अपितु ऊपर दी गई सारी समस्या व्यस्त जीवन शैली के जिंदगी में पड़ने वाले दुष्प्रभाव का परिणाम होती है। इसी परिणामों के बाद शरीर में थकावट और वीर्य के पतलेपन की वजह से शीघ्रपतन जैसी समस्या उत्पन्न होती है। साथ ही खराब अव्यवस्थित जीवन शैली के कारण पुरूष और नारी दोनों में कामोत्तेजना की कमी आ जाती है जिससे पुरुषों में नपुंसकता का खतरा पैदा हो जाता है और महिलाओं में वजाइना की ड्राईनेस की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

एक चम्मच ऑलिव ऑयल
प्रतिदिन खाने में एक चम्मच ऑलिव ऑयल डालें । अगर खाने के साथ सलाद खाते हैं तो सलाद में एक चम्मच ऑलिव ऑयल मिक्स कर सुबह-शाम खाएं। ऑलिव ऑयल के सेवन से शरीर में एस्ट्रोजेन (estrogen) हार्मोन का स्तर बढ़ता है जो सेक्स हार्मोन टेस्टास्टरोन की कमी को पूरा करने में मदद करता है जिससे पुरूषों में शीघ्रपतन की समस्या से राहत मिलती है।

वहीं महिलाओं में ऑलिव ऑयल कामेच्छा का संचार करता है। इसलिए ऑलिव ऑयल का संतुलित मात्रा में सेवन कर अपने सेक्स लाइफ को बेहतर बनाएं।


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