Wednesday, 27 June 2018

टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन का शरीर पर प्रभाव

टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन का शरीर पर प्रभाव

टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन का निर्माण शरीर में युवा होने के साथ ही शुरू हो जाता है। जबकि कुछ शोधकर्ता मानते हैं कि इसका निर्माण गर्भावस्था से ही शुरू हो जाता है और युवा होने पर यह पूरी तरह सक्रीय हो जाता है। इस कारण ही लड़के-लड़कियां देखते ही देखते बड़े होने लगते हैं। किशोर से युवावस्था में प्रवेश करने की प्रक्रिया 10 से 12 साल की उम्र में ही शुरू हो जाता है। इस आयु में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन के कारण ही यौनांगों का विकास होने लगता है।
सेक्स एक ऐसा विषय है जो हमारे जीवन के लिए बहुत अहम है और सेक्स का शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है इसके बारे में सही जानकारी होना हमारे लिए बेहद जरूरी है ।
1. सेक्स और शरीर
सेक्स ऐसा विषय है जिससे हर इंसान खुद को जुड़ा महसूस करता है। क्योंकि यह विषय हमारे देश में थोड़ा दबा हुआ व छुपाया जाने वाला है, इस कारण लोगों में इसकी सही जानकारी का अभाव है और वे इसके बारे में अधिक जानना चाहते हैं। इसी के चलते सेक्स को लेकर कई गलतफहमियां भी मौजूद हैं। लेकिन असल में तो सेक्स कई लिहाज से फायदेमंद है। वहीं इसके कुछ नुकसान भी हैं। कुल मिला कर सेक्स से हमारे शरीर और हेल्थ पर काफी असर पड़ता है। चलिए जानते हैं कि शरीर पर सेक्स का क्या प्रभाव पड़ता है।
2. सेक्स करते रहना सेहत के लिए लाभदायक होता है
खासतौर पर प्रतिबद्ध और अपने प्यारे साथी के साथ सुरक्षित सेक्स, चिकित्सा स्वास्थ्य लाभ युक्त होता है। यह एक व्यायाम की तरह लाभ प्रदान कर सकता है। ऐसे में बिस्तर एक अच्छी एक्ससाइज मशीन की तरह काम करता है और यौन गतिविधि 200 कैलोरी तक बर्न कर सकता है। सेक्स फिटनेस सुधारने में योगदान करता है।
3. सेक्स शरीर में दर्द भी पैदा कर सकता है
हां यह जानकारी शायद आपको अच्छी न लगे। लेकिन कभी कभी संभोग के दौरान शरीर दर्द का अनुभव करता है। दर्द के कई कारणों हो सकते हैं, जैसे योनि का सूखापन, एसटीडी, मूत्र मार्ग में संक्रमण, एन्डोमीट्रीओसिस व कुछ अन्य कारण। यदि सेक्स में दर्द अधिक हो तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। रक्त स्राव या सेक्स के बाद दर्द योनि संक्रमण या किसी अन्य समस्या का परिणाम हो सकता है। सेक्स के दौरान पीठ के निचले हिस्से में दर्द भी हो सकता है।
4. शरीर के हार्मोन होते हैं प्रभावित
सेक्स से हमारे जीवन को चार तरह के हार्मोन प्रभावित करते हैं। ये चार हार्मोंन ऑक्सिटोसिन हार्मोन, वैसोप्रेसिन हार्मोन, फेनाइलेथैलामाइलिन हार्मोन तथा टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन होते हैं।
5. ऑक्सिटोसिन हार्मोन का शरार पर प्रभाव
शोधकर्ताओं द्वारा ऑक्सिटोसिन हार्मोन का शोध करने पर ज्ञात हुआ कि शरीर में मौजूद यह हार्मोन कुछ गौंद की तरह का होता है, जो पुरुष और स्त्री के बीच आकर्षण पैदा कर उत्तेजित करता है। यह हार्मोन स्त्रियों के स्तनों में दूध बनाने का काम भी करता है। सेक्स करने के बाद जब लिंग में उत्तेजना समाप्त हो जाती है तो उसे दोबारा उत्तेजना करने का काम भी यही ऑक्सिटोसिन हार्मोन ही करता है।
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