Wednesday, 17 January 2018

मेनोपॉज या (मासिकधर्म) के दौरान वजाइना में होने वाले बदलाव और उनका उपचार

मेनोपॉज  या (मासिकधर्म) के दौरान वजाइना में होने वाले बदलाव और उनका उपचार


जीवन में बहुत सी अच्छी बातें घटती हैं, समय के साथ इंसान की उम्र भी कम होने लगती है और वह बूढ़ा भी होने लगता है। महिलाओं की बात करें तो उनके साथ कई घटनायें ऐसी होती हैं जो पुरुषों से अलग हैं। मेनोपॉज उम्र के एक पड़ाव के बाद होने वाली एक ऐसी ही प्राकृतिक क्रिया है। सामान्यतया मेनोपॉज का समय 40 के बाद का माना जाता है। इस दौरान महिलाओं के शरीर में बदलाव होते हैं साथ ही महिला के योनि में भी बदलाव दिखते हैं। इस लेख में जानते हैं उन बदलावों के बारे में और उनके उपायों के बारे में।
सूखेपन की समस्या

मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस दौरान महिलाओं की योनि में सबसे अधिक समस्या सूखेपन की होती है। इस समस्या के कारण महिला बहुत असहज हो जाती है। इस दौरान यौन संबंध बहुत ही कष्टकारी होता है। क्योंकि महिला के शरीर से नैचुरल लुब्रीकेंट निकलना बंद हो जाता है।
एस्ट्रोजन की कमी

महिलाओं में एस्ट्रोजन नामक हार्मोन होता है, मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का स्राव कम होने लगता है जिसकी वजह से योनि में सूखेपन की समस्या अधिक होती है।
ढीलेपन की समस्या

एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी के कारण महिलाओं की शारीरिक क्षमता कम होने लगती है। एस्ट्रोजन हार्मोन वजाइना को शिथिल यानी गीलापन बनाये रखने में मदद करता है, लेकिन जब यह कम हो जता है तो योनि ढीली होने लगती है। इसके कारण ही महिलाओं में यौन इच्छा समाप्त होने लगती है।
क्या तरीके आजमायें

इस दौरान महिला के अंदर चिड़चिड़ेपन की समस्या बढ़ जाती है जिसे संभालना महिला के लिए मुश्किल भी हो सकता है। योनि में सूखेपन के कारण अधिक समस्या होती है। इसे दूर करने के लिए महिला को मॉइश्चराइजर का प्रयोग करना चाहिए। नारियल का तेल योनि पर लगाना बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो संक्रमण से भी बचाता है। इस दौरान हार्मोन थेरेपी कराने के कई खतरे हो सकते हैं, ऐसे में बेहतर और सुरक्षित विकल्प के लिए एस्ट्रोजन थेरेपी का सहारा आप ले सकती हैं। इससे योनि में सूखेपन की समस्या दूर हो जाती है। अगर मूड स्विंग और अनिद्रा की समस्या अधिक हो तो आप एस्ट्रोजन की गोलियां या फिर इंजेक्शन ले सकती हैं। इसके अलावा हमेशा चिकित्सक के संपर्क में रहें और उसे हर बात बतायें।
मेनोपॉज के लक्षण

- महिलाओं में मेनोपॉज का समय 40 साल या उससे अधिक होता है, इस दौरान मासिक धर्म बंद हो जाता है।
- वजन बढ़ने लगता है, खासकर कूल्हों और नितंबों के पास की चर्बी बढ़ने लगती है।
- योनि संकीर्ण होने लगती है और उससे तरल पदार्थ निकलना बंद हो जाता है।
- मूड स्विंग, अवसाद, सिरदर्द, अनिद्रा आदि समस्या होने लगती है।
- जोड़ों में दर्द की समस्या होने लगती है।
- इससे बचने के लिए नियमित व्यायाम करें, नियमित रूप से चिकित्सक के संपर्क में रहें।

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