शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2021

लिंग (पेनिस) पर होने वाले छोटे-छोटे दाने कही यौन संचारित बीमारी की तरफ इशारा तो नहीं ? जाने डॉ0 बी0 के0 कश्यप (sexologist ) से -



लिंग (पेनिस) पर होने वाले छोटे-छोटे दाने कही यौन संचारित बीमारी की तरफ इशारा तो नहीं ? जाने डॉ0 बी0 के0 कश्यप (sexologist ) से -


कई बार पुरुषों के लिंग पर छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं, जिसे वे सामान्य दाना समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। आप ये जान लें कि पेनिस पर पिंपल्स या रेड बंप्स की समस्या कई बार किसी गंभीर इंफेक्शन या यौन संचारित बीमारी की तरफ भी इशारा करते हैं।

पेनिस  के प्रति लापरवाही आपके लिए हानिकारक और अनहेल्दी हो सकता है। इससे लिंग की सेहत प्रभावित हो सकती है। कई बार पुरुषों के लिंग पर छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं, जिसे पुरुष सामान्य दाना या फोड़े समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। आप ये जान लें कि पेनिस पर पिंपल्स या रेड बंप्स की समस्या (Pimples on male penis) कई बार किसी गंभीर इंफेक्शन (penis infectleion) या यौन संचारित बीमारी (Sexually transmitted disease) की तरफ भी इशारा करते हैं। इसके साथ ही कई बार लिंग पर कई अन्य कारणों से भी दानें, फोड़े या संक्रमण हो सकते हैं। जानें, लिंग पर छोटे बंप्स (Bumps) या पिंपल्स होने के अन्य कारण क्या हैं:-
 
पेनिस में फोर्डाइस स्पॉट्स (Fordyce Spots)

फोर्डाइस स्पॉस्ट (Fordyce Spots) सफेद-पीले धब्बे होते हैं, जो आपके होंठों के किनारे या आपके गालों के अंदर हो सकते हैं। साथ ही पुरुषों के लिंग  या अंडकोश (Scrotum) पर दिखाई दे सकते हैं। यह महिलाओं की लेबिया (labia) पर भी हो सकता है। ये स्पॉट्स बढ़ी हुए तेल ग्रंथियां होती हैं, जो पूरी तरह से सामान्य, हानिरहित और दर्द रहित होते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, फोर्डाइस स्पॉस्ट 70 से 80 प्रतिशत वयस्कों में होते हैं। यह लिंग या आंतरिक सतह पर भी स्थित होते हैं। ये लाल या सफेद रंग के होते हैं। यह खुद ब खुद ठीक हो जाता है।

सावधानी :-

बेशक, ऐसी समस्याएं दर्दरहित होती हैं, लेकिन यदि आप अपने जननांगों पर धब्बे पाते हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें। वे Fordyce स्पॉट की बजाय STD के लक्षण भी हो सकते हैं।

पर्ली पेनाइल पेप्युल्स (Pearly Penile Papules)

पर्ली पेनाइल  पेप्युल्स पुरुषों के लिंग के मुंह पर होता है। यह एक अदृश्य दाने जैसा होता है, जो लगभग प्रत्येक पुरुषों के पेनिस (Penis problem) पर इस जगह पर मौजूद होता है। जब यह दाने बड़े हो जाते हैं, तो दर्द होने लगता है। इन बड़े दानों को ही पर्ली पेनाइल पेप्युल्स कहते हैं। हालांकि, इसमें ना तो पस होता है, ना खुजली, ना रक्तस्राव और ना ही ये बहुत ज्यादा हानिकारक होता है। रंग भी मांसपेशियों की ही तरह होता है। ये दाने एक या एक से अधिक पंक्ति में होते हैं। ये होता क्यों है, इसके कारण मालूम (penis ke rog aur ilaj in hindi) नहीं, लेकिन यह कोई यौन संबंध बनाने से होना वाला रोग नहीं है।

मॉल्युस्कम कॉन्टेजियोसम (Molluscum Contagiosum)

मॉलुस्कम कन्टेजियोसम देखने में पेनिस की त्वचा के रंग समान होते हैं। हालांकि, इसमें भी दर्द या खुजली नहीं होती है और धीरे-धीरे खुद ही ठीक हो जाते हैं।

जेनाइटल वॉर्ट्स (Genital Warts)

जेनाइटल वॉर्ट्स को खतरनाक माना गया है, क्योंकि ये कई बार यौन संचारित बंप्स होते हैं। इनमें दर्द नहीं होता, ये त्वचा के रंग के समान ही होते हैं, लेकिन धीरे-धीरे ये बढ़ने लगते हैं। फिर ये समूह में घाव के रूप में बदल जाते हैं। ऐसी समस्या आपको दिखे, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

लिंग में खुजली होना (Itching In Penis)

खुजली की समस्या सिर्फ शरीर की त्वचा पर ही नहीं, बल्कि प्राइवेट पार्ट्स पर भी हो सकती है। यह एक कॉमन प्रॉबल्म है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों को हो सकता है। पुरुषों के जन्नांग में खुजली होने से घाव हो सकते हैं। इसमें पिंपल्स जैसे दाने होते हैं, जिसमें आपको खुजली महसूस होती है। डॉक्टर की सलाह जरूर लें, क्योंकि इसे नजरअंदाज करने से इंफेक्शन बढ़ कर आसपास की त्वचा को भी प्रभावित कर सकता है।

मंगलवार, 16 फ़रवरी 2021

सेक्स टाइमिंग, पौरुष शक्ति और वीर्य बढ़ाने के घरेलू उपाय:




सेक्स टाइमिंग, पौरुष शक्ति और वीर्य बढ़ाने के घरेलू उपाय:


सेक्स पावर बढ़ाने के लिए घरेलू उपायों को अधिक कारगर माना जाता है। ये नेचुरल चीजें आसानी से मिल जाती हैं। इसलिए इनका सेवन करना सही होता है। मगर किसी को पौरुष शक्ति (सेक्शुअल पॉवर) बढ़ाने के घरेलू उपायों की सही जानकारी नहीं होने पर वे अंग्रेजी दवाओं या नीम-हकीम के चक्कर में पड़ जाते हैं।

ऐसे में पैसे के साथ सेहत को भी नुकसान पहुंचता है। जीवन या पैसे दोनों को दाव पर लगाने से बचाने से पहले एक बार इन घरेलू चीजों के बारे में जान लें ताकि आपकी सेक्स टाइमिंग या सेक्स पावर बढ़ जाए। आप अपनी सेक्स लाइफ का आनंद भरपूर तरीके से ले सकें। इन चीजों को खाने से यदि फायदा न हुआ तो यकीनन नुकसान भी नहीं पहुंचने वाला है। चलिए हम इस तरह की कुछ चीजों के बारे में जान लेते हैं।

कमजोर पौरुष शक्ति के कारण सेक्स लाइफ बोरिंग हो जाती है। इस वजह न आप खुश रह सकेंगे और न ही आपकी पार्टनर। यदि आपको ऑर्गेज्म चाहिए तो सेक्स पावर बढ़ानी चाहिए। इसको प्राकृतिक तरीके से बढ़ाएं ताकि आगे चलकर आपके शरीर पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव न हो। अक्सर लोग इस खुशी के लिए खतरनाक दवाइयों का सेवन करना शुरू कर देते हैं। इस वजह से बाद में वे कई प्रकार की बीमारी का शिकार हो जाते हैं।
 
सेक्स पावर कम होने के कारण

यौन शक्ति कम होने के कई कारण हैं। मानसिक और शारीरिक दो मुख्य कारक माने जाते हैं। अब आपको अपने कारण को समझना होगा। उसके अनुरूप ही उपचार करना चाहिए। ये घरेलू उपाय उन पुरुषों के लिए अधिक कारगर हैं जो शारीरिक रूप से दुर्बल होते हैं। वैसे अधिकतर पुरुष शारीरिक कमजोरी के कारण सेक्स लाइफ का आनंद नहीं ले पाते हैं।

· अनहेल्दी फूड (Junk Foods)

· प्रोटीन की कमी (Less Protein)

· स्ट्रेस भरी लाइफ (Stressful Life)

· नशीले पदार्थों का अत्याधिक सेवन (Drug Addiction)

अगर आपको उपरोक्त में से किसी भी चीज की आदत है तो उसको फौरन छोड़ें। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो शायद ये घरेलू उपचार भी काम न करें। इसलिए इस तरह की अनहेल्दी आदतों को छोड़ दें।

· लिंग साइज के बारे में सोचना

· पोर्न साइट देखकर क्रेजी होना

· घंटों सेक्स करने के बारे में सोचना

कई लोग इस तरह की गलतफहमी में भी घिर जाते हैं। इस वजह से भी अपनी सेक्स पावर को अनदेखा कर देते हैं जबकि उनका सब कुछ ठीक होता है। इसलिए अपनी सेक्स परफॉर्मेंस का सही आकलन करें।

घरेलू उपाय: 


1. छुहारा ( Chuhare / Dry Dates)

छुहारे में कैल्शियम की मात्रा भरपूर मिलती है। सेक्स पावर बढ़ाने के लिए इसका नियमित रूप से सेवन करना लाभकारी होता है। छुहारे को दूध में उबालकर रात में खाने से यौन इच्छा और यौन शक्ति बढ़ सकती है। सेक्स पावर बढ़ाने के लिए रोजाना 100 ग्राम छुहारे खाएं। इसके अलावा आप खजूर का सेवन भी कर सकते हैं।
 
2. आंवला (Amla)

आंवले को सेहतमंद बताया गया है। आंवला के सेवन से आंख, बाल को फायदा मिलता है। इसके अलावा आंवले का सेवन सेक्स पावर बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। अगर सेक्स लाइफ बेहतर करने के लिए इसका सेवन करना चाहते हैं तो आंवले के चूर्ण में एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार खाएं।
 
3. अश्वगंधा (Ashwagandha)

यह एक सदियों पुरानी रसायन औषधि है। इसके सेवन से खासतौर पर शुक्र धातु की मात्रा काफी बढ़ जाती है। अश्वगंधा टेस्टोस्टेरॉन (Testosterone) को बूस्ट करने का काम करती है। अश्वगंधा का इस्तेमाल अधिकतर पुरुष सेक्स पावर बढ़ाने के लिए करते हैं। इससे वाकई फायदा भी मिलता है। इसके बेहतर परिणाम के लिए आधा चम्मच अश्वगंधा के चूर्ण को दूध के साथ सुबह-शाम लें।
 
4. उड़द की दाल

चना, मूंग, मसूर, अरहर दाल की तरह उड़द की दाल को बहुत कम लोग खाना पसंद करते हैं। मगर अब आप इसका सेवन करने से खुद को रोक नहीं सकते हैं। उड़द की दाल का इस्तेमाल यौन शक्ति बढ़ाने में मदद करता है। आधा चम्मच उड़द की दाल को कौंच (Kaunch) के साथ पीसकर खाएं। इसके अलावा आप खाने में भी इस दाल का सेवन करें।
 
5. लहसुन और प्याज का सेवन

हम हर दिन सब्जी के साथ लहसुन और प्याज का सेवन करते हैं। लेकिन इसका इस्तेमाल अलग तरीके से करना फायदेमंद हो सकता है। लहसुन को सेक्स शक्ति बढ़ाने में कारगर माना जाता है। हर दिन लहसुन की दो-तीन कलियां खाने से फायदा मिल सकता है। इसके अलावा प्याज भी सेक्स शक्ति बढ़ा सकती है। खासतौर पर सफेद प्याज का सेवन करना सही माना जाता है। सलाद में भी इसका उपयोग कर सकते हैं।
 
6. शिलाजीत

आयुर्वेद में शिलाजीत को सेक्सवर्धक और वीर्यवर्धक औषधि माना गया है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार शिलाजीत का सेवन दूध के साथ शुरू कर सकते हैं। शिलाजीत खरीदते वक्त नकली-असली का पहचान कर लें तब जाकर फायदा मिल सकता है।

डिस्क्लेमर : यदि आप दिल की बीमारी या मधुमेह से परेशान हैं तो किसी भी तरह की चीजों के सेवन से पहले एक बार डॉक्टर की परामर्श अवश्य लें।




सोमवार, 18 जनवरी 2021

संबंध बनाते समय क्या आप को भी होती है अपने परफॉर्मेंस की चिंता तो ये तरीके आजमायें -



यौन संबंध बनाते समय क्या आप को भी होती है अपने  परफॉर्मेंस की चिंता, तो  ये तरीके आजमायें -


रिलेशनशिप में कपल्स एक दूसरे की खुशी और संतुष्टि का ध्यान रखते हैं। शारीरिक संबंध बनाने के दौरान वो अपनी परफॉर्मेंस के बारे सोचते रहते हैं ताकि वो अपने पार्टनर का पूरा साथ दे सकें।        वो चाहते हैं कि पार्टनर, सेशन को पूरी तरह से एंजॉय करे। उनके उस सुख के लिए अपने प्रदर्शन को लेकर चिंतित रहते हैं। कई बार यह चिंता लोगों में विकार बन जाता है।
सेक्शुअल मेडिसीन रिव्यू में प्रकाशित शोध की मानें तो 9 से 25 फीसदी पुरुष स्तंभन दोष व शीघ्रपतन होने संबंधी चिंता से परेशान रहते हैं। वहीं 6 से 16 फीसदी महिलाओं में यौन संबंध स्थापित करने की इच्छा बड़ी अड़चन बनती है। यदि आप भी शारीरिक संबंध के दौरान अपनी परफॉर्मेंस के बारे में ही चिंतित रहते हैं तो इन टिप्स की मदद से आप उन पलों का बेहतर ढंग से आनंद ले सकते हैं।

शारीरिक संबंध बनाते समय चिंता को रखें खुद दूर - 

व्यक्ति जब किसी मामले को लेकर तनाव और अवसाद में रहता है तो इसका सीधा असर उसकी सेक्स लाइफ पर पड़ता है। सेक्शुअल मेडिसीन रिव्यू में प्रकाशित शोध के अनुसार शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा के दौरान जब चिंता या तनाव रहता है तो वह शरीर के नर्व सिस्टम को प्रभावित करता है। यदि कपल्स अपने परफॉर्मेंस को लेकर इस चिंता करने की आदत पर काबू पा लें तो उनकी सेक्स लाइफ काफी बेहतर हो सकती है। 

मेडिकल चेकअप करवाएं -

यदि किसी व्यक्ति को गठिया, शुगर या एंडोमेट्रियोसिस से जुड़ी परेशानी है तो वह शारीरिक संबंध बनाने के दौरान तनाव में आ सकते हैं। 
फिजिकल रिलेशन के समय में रक्त संचार प्रभावित होता है। ऐसी स्थिति में एक बार शारीरिक जांच जरूर करवा लेनी चाहिए। यदि इंटिमेट पलों के दौरान तनाव के सही कारणों का पता चल जाए तो उस स्थिति में सुधार लाना ज्यादा आसान होगा। 

अपने शरीर को समझें 

पार्टनर के सामने अपनी शारीरिक बनावट को लेकर कई लोग खुद को हीन समझने लगते हैं। वहीं कई बार संबंध बनाने के समय अपने शरीर के प्रदर्शन को लेकर लोग शर्म करने लगते हैं। रिलेशनशिप में एक दूसरे पर भरोसा करना बहुत जरुरी है। साथ ही आपको अपने शरीर की बनावट को लेकर खुद सहज होना होगा। 

फिजिकल रिलेशनशिप से जुड़ी शिक्षा 

वर्तमान समय में भी लोग शारीरिक संबंध से जुड़ी किसी भी तरह की दिक्कत पर खुल कर बात नहीं करते हैं और डॉक्टर के पास जाने से भी हिचकिचाते हैं। इस वजह से कई बार छोटी सी परेशानी बड़ी समस्या बन जाती है। इस बारे में सही जानकारी होना जरुरी है। 

पार्टनर से करें बात 

आपको अपने पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत करनी चाहिए। इंटिमेट होने से पहले अच्छा संवाद काफी मदद करता है। आप फिजिकल रिलेशन के बारे में क्या सोचते हैं उस पर चर्चा करें और साथ ही पार्टनर की राय भी जानें। आप पार्टनर से जितनी शर्म रखेंगे आपकी परफॉर्मेंस पर उतना ही असर पड़ेगा। 

तनाव से बचने और मन शांत रखने के लिए टिप्स 

यदि आपका मन शारीरिक संबंध में अपने प्रदर्शन को लेकर परेशान रहता है तो आपको योग तथा ध्यान का सहारा लेना चाहिए। आपको अपने
खानपान में ज्यादा तेल या वसायुक्त भोजन को शामिल नहीं करना चाहिए।


सोमवार, 21 दिसंबर 2020




अश्वगंधा पुरुषों और महिलाओं के यौन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हर्ब्स-
 

अश्वगंधा प्राचीन जड़ी बूटियों में से एक है जो यौन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करता है। यह ना केवल प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने में मदद करता है बल्कि आपके शरीर को प्राकृतिक तरीकों से मजबूत करने में भी मदद करता है।

अश्वगंधा सबसे अच्छी जड़ी बूटियों में से एक है जो पुरुषों और महिलाओं दोनों के सेक्सुअल लाइफ और सेक्सुअल ड्राइव को बढ़ावा देने में मदद करता है। अश्वगंधा महिलाओं की फर्टिलिटी को बढ़ावा देने में भी मदद करता है।

लोगों में सेक्सुअल ड्राइव कम हो जाने की वजह से उनकी चिंता बढ़ जाती है। लोग इस समस्या से निपटने के लिए अलग-अलग दवाइयां या उपचार करने की कोशिश करते हैं। हालांकि अपने यौन जीवन को बढ़ावा देने के प्राकृतिक तरीकों को अपनाना सबसे बेहतर विकल्प होता है। अश्वगंधा यौन संबंधों कम रूची होने वाले लोगों के लिए एक बेहतर विकल्प है। यहां तक कि डॉक्टर भी यौन स्वास्थ्य की समस्या से ग्रसित लोगों को अश्वगंधा का सेवन करने की सुझाव देते हैं। आइए जानते हैं अश्वगंधा की मदद से यौन स्वास्थ्य को कैसे बेहतर किया जाता है।


यह तनाव को कम करने में मदद करता है:

तनाव यौन स्वास्थ्य की कमी के प्रमुख कारणों में से एक है। अश्वगंधा शरीर से तनाव को कम करने में मदद करता है। जब बहुत अधिक तनाव होता है तो उच्च स्तर के रक्तचाप के शिकार हो जाते हैं और इस वजह से उनकी फर्टिलिटि प्रभावित हो जाती है। इस प्रकार अश्वगंधा यौन स्वास्थ्य को बचाने में मदद करता है, जिससे यह एड्रेनल ग्लैंड को मजबूत बनाता है। यह ग्लैंड शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को कम करते हैं।

पुरुषों के शरीर में शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में मदद करता है:

अश्वगंधा पुरुषों की शरीर में कामेच्छा को बढ़ावा देने में मदद करता है। यह शरीर में शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाता है। अध्ययन के मुताबिक, पुरुषों के शरीर में कामुकता और शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के लिए आश्वगंधा सबसे अच्छा विकल्प होता है। 

टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है:

अश्वगंधा का उपभोग कामुकता को बेहतर बनाने के लिए सबसे अच्छा उपाय होता है। यह पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को भी बढ़ाने में मदद करता है। जैसे-जैसे हम बूढ़े होते हैं शरीर में टेस्टोस्टेरोन बूंदों का गठन होता है जिसमें बाल झड़ने लगते हैं, मांसपेशियां कमजोर होने लगती है और यौन संबंध बनाने में रूची कम होने लगती है। अश्वगंधा पुरुषों में हार्मोन के संतुलन को बनाएं रखने में मदद करता है। यह पुरुषों में बांझपन की समस्या को कम करने में भी मदद करता है।

सेक्स ड्राइव को बढ़ावा देने में मदद करता है:

अश्वगंधा सबसे आम और शक्तिशाली एफ्रोडीसियाक प्रोडक्ट्स में से एक है। यह शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड को बढ़ावा देने में मदद करता है और रक्त वाहिकाओं के जरिए पूरे शरीर में खून के प्रभाव को बेहतर करने में मदद करता है। जब आपके जननांगों को पर्याप्त रक्त की आपूर्ति मिलती है तो वो स्वस्थ रहते हैं और यौन संबंध रखने की इच्छा पैदा करते हैं। यह पुरुषों में कामेच्छा को बढ़ावा देने और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या से लड़ने में भी मदद करता है।



शुक्रवार, 4 दिसंबर 2020





लहसुन खाने के फायदों के साथ ही साइड इफेक्ट भी हैं। तो जान लें लहसुन खाने की सही मात्रा:

भारतीय घरों में यूज होने वाले विभिन्न तरह के मसाले और जड़ी-बूटी (Spices & Herbs) टेस्ट को और बढ़ा देते हैं।वो तेजपत्ता (Bay leaf) हो, अदरक (Ginger) हो या दालचीनी (Cinnamon) हो। लहसुन भी इसी तरह की जड़ी बूटी (Herb) है। यह सेहत के लिए फायदेमंद होने के साथ ही खाने के स्वाद को भी बढ़ाता है।
लोग दवा के रूप में भी और सेक्शुअल हेल्थ के लिए भी लहसुन का सेवन करते हैं। 
इम्यूनिटी बढ़ाने (Boost immunity) के लिए भी लहसुन का सेवन करने के लिए कहा जाता है।

लहसुन खाने से होते हैं कई कमाल के फायदे  : 


· लहसुन ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में फायदेमंद है ।

· लहसुन वजन घटाने में भी लाभदायक है।

· उम्र बढ़ाने और स्वस्थ रहने में भी असरदार है ।

· शरीर को डिटॉक्स करने में भी कारगर है लहसुन ।

· लहसुन से कोलेस्ट्रॉल भी हो सकता है कंट्रोल।


आखिर क्यों दी जाती है खाली पेट लहसुन खाने की सलाह?

· लहसुन में शरीर के विषाक्त पदार्थों को साफ करने का गुण होता है। साथ ही ये पेट में मौजूद बैक्टीरिया को भी दूर करने में मददगार होता है। खासतौर पर जब इसे खाली पेट खाया जाए. कई रिपोर्ट में कहा गया है कि खाली पेट लहसुन का सेवन करने से नसों में झनझनाहट की समस्या दूर हो जाती है

लेकिन लहसुन खाने के फायदों के साथ ही लहसुन खाने के नुकसान / साइड इफेक्ट भी हैं।

अधिक लहसुन खाने से कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। कच्चा लहसुन खाने या लहसुन का अधिक सेवन करने से शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। निर्धारित मात्रा में लहसुन खाने से आप किसी भी प्रकार की परेशानी से बचे रहेंगे।


कच्चा या अधिक लहसुन खाने के नुकसान:

· लिवर को नुकसान पहुंचाता है।

· दस्त का कारण बन सकता है।

· मितली, उल्टी और पेट में जलन।

· ब्लीडिंग का कारण बन सकता है।

· चक्कर आने का कारण बनता है।

· अधिक पसीना निकलता है।

· अन्य नुकसान 

1. लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है :

लिवर शरीर का सबसे अहम अंग है। यह ब्लड प्यूरिफिकेशन, फैट मेटाबॉलिज्म, प्रोटीन मेटाबॉलिज्म और शरीर से अमोनिया को हटाने जैसे जरूरी काम करता है।यदि कोई लहसुन का अधिक सेवन करता है तो लिवर को नुकसान पहुंच सकता है।

कच्चे लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट क्षमता अधिक होती है। इसके अधिक सेवन से लिवर में टॉक्सिसिटी (Liver toxicity) हो सकती है।

स्टडी के मुताबिक शरीर के वजन का 0.5 ग्राम प्रति किलोग्राम से अधिक लहसुन खाने से लिवर को होने वाला नुकसान ज्यादा हो सकता है।

2. दस्त का कारण बन सकता है :

रिसर्च से सामने आया कि खाली पेट लहसुन का सेवन करने से दस्त लग सकते हैं। इसका कारण यह है कि लहसुन में सल्फर (sulfur) बनाने वाले यौगिक पाए जाते हैं। ये दस्त को ट्रिगर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


3. मितली, उल्टी और पेट में जलन :

खाली पेट लहसुन का सेवन करने से पेट में जलन, मितली और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

लहसुन में कुछ कंपाउंड होते हैं, जो जीईआरडी) (gastroesophageal reflux disease) पैदा कर सकते हैं।


4. ब्लीडिंग का कारण :

लहसुन ऐसा नेचुरल हर्ब है, जो प्राकृतिक रूप से ब्लड को पतला (Natural blood thinner) करता है। इसलिए यदि इसका अधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो ब्लीडिंग की आशंका बढ़ जाती है।

यदि कोई रक्त पतला करने वाली दवाएं जैसे वार्फरिन (Warfarin), एस्पिरिन (Aspirin) आदि का सेवन कर रहा है तो उसे लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए।

रक्त को पतला करने वाली दवा और लहसुन का सेवन खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा किसी भी प्रकार की सर्जरी से 7 दिन पहले लहसुन खाना बंद कर देना चाहिए। 

5. चक्कर आने का कारण बनता है :

हालांकि इस बारे में अभी पूरी तरह स्थिति साफ नहीं है। लेकिन मौजूदा रिसर्च के मुताबिक अधिक मात्रा में कच्चा लहसुन खाने से ब्लड प्रेशर कम (lower blood pressure) हो जाता है, जिससे चक्कर आ सकते हैं। 

6. अधिक पसीना निकलता है 

कई क्लिनिकल स्टडी में पता चला है कि लहसुन के सेवन से पसीना अधिक निकलता है। हालांकि यह समस्या हर लहसुन खाने वाले व्यक्ति के साथ नहीं होती। इस पर अभी और रिसर्च जारी है। 

7. अन्य नुकसान ;

अधिक मात्रा में लहसुन खाने वाले लोगों की स्किन पर कई बार रैशेज पड़ जाते हैं। इनमें जलन भी हो सकती है। अधिक सेवन से सिरदर्द की भी प्रॉब्लम हो सकती है। कुछ मामलों में लहसुन का ज्यादा सेवन करने वालों को विजन चेंज की समस्या भी हो जाती है।


लहसुन के सेवन की मात्रा:


आमतौर पर वयस्कों के लिए प्रतिदिन कच्चे लहसुन की 4 ग्राम यानी एक से दो कली बताई गई हैं। स्टडी के मुताबिक दैनिक आधार पर लहसुन की खुराक 0.1 ग्राम से 0.25 ग्राम प्रति किलोग्राम शरीर के वजन के बराबर सुरक्षित मानी जाती है।


निष्कर्ष (Conclusion): 

लहसुन कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है इसलिए इसलिए निश्चित मात्रा में इसका सेवन करें। यदि आपके लहसुन के सेवन से कोई एलर्जी या साइड इफेक्ट होते हैं तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना ठीक होगा।





शुक्रवार, 6 नवंबर 2020

क्या आप जानते है हेल्दी सेक्सुल लाइफ के लिए जरूरी नियम : डॉ0 बी0 के0 कश्यप


क्या आप जानते है हेल्दी सेक्सुल लाइफ के लिए जरूरी नियम : डॉ0 बी0 के0 कश्यप

हेल्दी सेक्स लाइफ (Healthy Sex Life) के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। जिनको हर उन कपल्स को जान लेना अतिआवश्यक है। जो फिजिकल रिलेशन में हैं।

ये नियम मानने वाले व्यक्ति सेक्स लाइफ में होने वाली परेशानी से बच जाते हैं।

इसलिए आप पहली बार सेक्स करने जा रहे हैं या आप पहले से रिलेशन में है, इससे इस बात का कोई लेना देना नहीं। क्योंकि ये नियम हर कपल्स के लिए आवश्यक हैं। अगर आप बेहतरीन सेक्स लाइफ चाहते हैं तो फिर इस तरह के सेक्स रूल्स को फॉलो करना अतिआवश्यक है।

सेक्स रूल्स सुरक्षा के साथ रिश्ते में इमोशन-लव बरकरार रखने में भी आप की मदद करती है।

क्यों जरूरी है ये नियम :

एक बेहतरीन रिश्ते के लिए जिस तरह रिलेशनशिप रूल्स (Relationship Rules) की जरूरत है, वैसे ही सक्सेसफुल सेक्स लाइफ के लिए सेक्स रूल्स की जरूरत है। कई लोग इस जानकारी के अभाव में अपनी सेक्स लाइफ को खत्म कर देते हैं। मगर वहीं इसको जानने वाले इन नियमों के अनुसार चलकर रिश्ते को बचा लेते हैं।

1. पहला नियम: फिज़िकल रीलेशन के समय हद मे रहे 


हम अपने पार्टनर पर एक सीमा तक ही अपना अधिकार जमा सकते हैं। आपकी पार्टनर हमराही है न कि आपकी दासी। इस बात का ध्यान रखकर ही कुछ भी करें। इसलिए सेक्स को लेकर किसी भी हद तक न जाएं वर्ना सोचिए आप में और किसी रेपिस्ट में क्या फर्क रह जाएगा। वैसे भी जोर-जबरदस्ती किया गया सेक्स मैरिटल रेप (Marital Rape) कहलाता है।


· कपड़ों को न फाड़ें

· जबरदस्ती न करें

· बाइट न करें

2. दूसरा नियम: फिज़िकल रीलेशन के समय फूहड़ बातें न करें


रोमांस और सेक्स इस जगत की सबसे सुंदर और मनोरम क्रियाएं हैं। इसलिए इनको सुंदर तरीके से ही बयां करें। कभी भी रोमांस करने के दौरान रोमांटिक बातें करें न कि फूहड़-अश्लील भाषा का प्रयोग करें। अगर आप अपनी पार्टनर के साथ फोन सेक्स कर रहे हैं तो भी इस बात को न भूलें। वैसे भी फूहड़-अश्लील बातें गाली की तरह होती हैं।


· पार्टनर को आवाज निकालने के लिए न कहें

· पॉर्न में यूज की गई बातों को न बोलें

· गुप्तांगों को सीधे न बोलें

3. तीसरा नियम: सुरक्षा से समझौता न करें 


सुरक्षा को ताक पर रखकर किसी काम को नहीं करना चाहिए। अगर आपके पास कंडोम या गर्भनिरोधक चीजें नहीं हैं तो उस दिन सेक्स न करें। आप फोरप्ले तक भी संतुष्ट रह सकते हैं। इसलिए सेक्स समस्या से दूर रहना है तो सुरक्षा के नियमों का पालन करें।

4. चौथा नियम: पार्टनर को पोर्नस्टार न समझें


आप खुद को जो भी समझते हों लेकिन अपनी पार्टनर को पॉर्न स्टार न समझें। कई लोग अपनी पार्टनर को पॉर्न फिल्मों की तरह कुछ करने को कहते हैं। जबकि वास्तविक जीवन में वैसा कुछ कर पाना सबके लिए संभव नहीं है। इसलिए पार्न को मोबाइल की दुनिया से बाहर न आने दें।

5. पंचवा नियम:  फिज़िकल रीलेशन के समय इनवालमेंट(सहभागिता) रक्खें


सेक्स क्रिया के लिए दो लोगों की जरूरत होती है। जब तक दोनों की सहभागिता नहीं होगी तब तक यह क्रिया पूरी नहीं हो सकती। इस बात को अगर आप समझ गए तो फिर ऑर्गेज्म का आनंद ले सकेंगे और अपनी पार्टनर को दे सकेंगे। क्योंकि 70% महिलाओं को ऑर्गेज्म (Orgasm) का मजा पुरुष नहीं दे पाते हैं।


· पार्टनर की मर्जी के खिलाफ कुछ न करें

· सेक्स के लिए दबाव न बनाएं

· पार्टनर को विवश न करें

अगर कोई भी कपल इन नियमों को तोड़ता है तो ये मान लें कि वे हेल्दी सेक्स लाइफ का मजा नहीं ले रहे। ऐसे में फिर सेक्स करने का क्या मतलब। इसलिए सेक्स रूल्स को फॉलो करने में कोताही न बरतें।





बुधवार, 30 सितंबर 2020

थायरॉइड की समस्या कैसे यौन जीवन को प्रभावित करता है ..



 


थायरॉइड की समस्या कैसे यौन जीवन को प्रभावित करता है :

थायरॉइड जैसी बीमारी के कई तरह के लक्षण नजर आते हैं। हालांकि, सेक्स ड्राइव यानी कामेच्छा में कमी आना सबसे परेशानी भरा हो सकता है। कई रिसर्च में इस बात की पुष्टि की गई है कि थायरॉइड में थोड़ी सी भी गड़बड़ी यौन जीवन को बुरी तरह से प्रभावित करती है।

थायराइड थाइराक्सिन नामक हार्मोन बनाती है। जिससे शरीर के ऊर्जा, प्रोटीन उत्पादन एवं अन्य हार्मोन के प्रति होने वाली संवेदनशीलता नियंत्रित होती है। थायराइड ग्लैंड शरीर के मेटाबोलिज्म को नियंत्रण करता है और आपके हृदय, मांसपेशियां और कोलेस्ट्रोल को भी प्रभावित करता है।

थायरॉइड में खासतौर पर हायपोथायरोडिज्म यानी थायरॉइड का कम होना धीरे-धीरे अपना असर दिखाता है। लो थायरॉइड के लक्षण अक्सर साफ तरह से नजर नहीं आते क्योंकि ये बढ़ती उम्र के लक्षणों की तरह ही होते हैं। इसका असर शरीर के कई अंगों पर भी पड़ सकता है और सेक्स ड्राइव में कमी का कारण भी बन सकता है।

यौन रोग(सेक्सुअल डिस्फंक्शन) आपके यौन इच्छा को कम कर सकता है| यह परेशानी हर उम्र के औरत या मर्द को हो सकती है और खासकर बढ़ती उम्र वाले इस परेशानी का सामना ज्यादा करते हैं।

थायरॉइड का सेक्स ड्राइव में प्रभाव :

ज्यादातर हायपोथायरोडिज्म के मरीजों ने इस बात की पुष्टि की कि उन्होंने कामेच्छा में भारी कमी देखी। कई मरीजों में सेक्स की इच्छा न के बराबर थी। बताया जाता है कि ये लक्षण हायपरथायरोडिज्म यानी बढ़े हुए थायरॉइड के मरीजों में भी देखे जाते हैं। हालांकिहायपरथायरोडिज्म के मरीजों में अत्यधिक सेक्स की इच्छा भी जन्म ले लेती है। उनकी सेक्स ड्राइव बढ़ने का कारण शरीर में अत्यधिक बढ़ा हुआ मेटाबॉलिज्म होता है।

हायपोथायरोडिज्म की तो इसमें मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है। नतीजतन हमारे सेक्स ऑर्गन और उन्हें उत्तेजित करने वाले हार्मोन्स भी धीमे पड़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में महिलाओं और पुरुष के सेक्स हार्मोन एस्ट्रोजन (estrogen) और टेस्टोस्टेरॉन (testosterone) में साफ तौर पर कमी देखी जा सकती है।

अच्छी बात यह है कि थायरॉइड असंतुलन का जैसे ही उपचार शुरू होता है, उसके साथ-साथ लोगों की सेक्स ड्राइव (कामेच्छा) में वापस सुधार आने लगता है। 

इन लक्षणों से पहचाने सेक्स ड्राइव में कमी :

·         पार्टनर के साथ सेक्स के साथ-साथ हस्तमैथुन या अन्य किसी भी प्रकार की यौन क्रिया में दिलचस्पी न होना  

·         यौन क्रियाओं की कल्पना या इस तरह की किसी भी एक्टिविटी में दिलचस्पी न दिखना

·         सेक्स कम करने के कारण खुद ही तनाव में भी रहना  

अगर आप थायरॉइड असंतुलन की वजह से अपनी सेक्स लाइफ से परेशान हैं तो निम्नलिखित टिप्स अपना सकते हैं-

·         थायरॉइड की दवाईयां समय पर लें  

·         वजन कम करें  

·         समय-समय पर हॉर्मोन्स चेक कराएं  

·         एक्सरसाइज करें  

·         टेस्टोस्टेरॉन या एस्ट्रोजन बढ़ाने के लिए डॉक्टरी सलाह से दवाई लें।

सेक्स ड्राइव बढ़ाने के लिए एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन्स भी हैं जरूरी :

आज की इस स्ट्रेसफुल लाइफस्टाइल का असर सेक्स ड्राइव पर भी पड़ता है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि आप अपनी रोज की डायट में कम से पांच से नौ हरी सब्जियां और फल ले ही और सही समय और सही मात्रा में इनका सेवन करें। इनसें मिलने वाले विटामिन्स और एंटी ऑक्सीडेंट्स आपको तरो ताजा रखने में मदद कर सकते हैं। साथ ही हरी सब्जियां और फल आपको जरूरी पोषण देने के साथ-साथ तरो-ताजा रखने में भी मदद करते हैं।

सेक्स ड्राइव बढ़ाने के लिए मसाज का सहारा लें :

किसी भी कारण से अगर आप महसूस करते हैं कि आपकी या आपके पार्टनर की सेक्स ड्राइव में कमी आ रही है, तो ऐसे में आप मसाज का सहारा ले सकते हैं। जब भी आपको लगे कि आप खुद या आपका पार्टनर स्ट्रेस में हैं या किसी और कारण बहुत ज्यादा कुछ सोच रहा है, तो उसे एक अच्छी मसाज दें। इससे उसे शारीरिक आराम तो मिलेगा है साथ ही सेक्स ड्राइव भी वापिस आएगी। वहीं अगर आपको मसाज की जरूरत हो, तो अपने पार्टनर से बेझिझक कहें। कई बार सिर्फ एक-दूसरे ख्याल रखना भी आपको एक बेहतर सेक्स लाइफ देने में मदद कर सकता है।

फील गुड फैक्टर भी बढ़ा सकता है सेक्स ड्राइव :

कई बार जब लोग स्ट्रेस में होते हैं, तो वे अपने बारे में सोचते हुए कई तरह की नेगेटिविटी को पालकर बैठ जाते हैं। लोग सोचने लगते हैं कि उनके जीवन का कोई मकसद ही नहीं है।या उनकी किसी को भी जरूरत ही नहीं है।वे कई बार खुद को इतना कम आंकने लगते हैं कि सुसाइडल टेंडेंसी तक विकसित होने की नौबत आ जाती है। ऐसे में जरूरी है कि  इंसान को वह करना चाहिए जिसमें वह बेहतर है या जिसे करने में उसे मजा आता है। ऐसा करने से इंसान को अच्छा फील होता है और साथ ही तनाव भी कम होता है। तनाव कम होने पर भी सेक्स ड्राइव पर सकारत्मक प्रभाव पड़ता है।

थायरॉइड का सही उपचार करेगा सेक्स लाइफ बेहतर :

ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि थायरॉइड के कई मरीजों को सही वक्त पर सही और सटीक इलाज नहीं मिलता। इस बीमारी के बारे में ज्ञान का अभाव और सटीक परीक्षण नहीं होने से कुछ डॉक्टर्स इसकी सही दवा मरीज को नहीं दे पाते। इसलिए जरूरी है कि इस बीमारी में अच्छा इलाज लिया जाए, जिससे सेक्स ड्राइव में भी सुधार आ सके।

अगर आपको अपनी समस्या को लेकर कोई सवाल है, तो कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लेना ना भूलें।

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