मंगलवार, 1 अक्टूबर 2013

सेक्‍स के दौरान जरा इन्‍हें भी आजमाएं

सेक्‍स के दौरान जरा इन्‍हें भी आजमाएं ----सेक्‍स का सीधा संबध हमारे स्‍वास्‍थ्‍य से हैं। इस बात को समझना बेहद जरूरी है कि हमारी अन्‍य जरूरतों की तरह सेक्‍स भी शरीर की एक अहम जरूरत है, पति-पत्‍नी के बीच एक अच्‍छी सेक्‍स लाइफ का होना बहुत जरूरी है। आजकल के व्‍यस्‍थ माहौल में ज्‍यादातर लोगों को अपनी सेक्‍स लाइफ इंज्‍वाय करने का समय नहीं मिल पाता, सेक्‍स को इंज्‍वाय करने का मतलब केवल संभोग करना ही नहीं है, बल्कि सेक्‍स से हमारे शरीर में एक नई स्‍फूर्ती और ताजगी आ जाती है। बस इसे दिमाग की जगह दिल से करें आज हम आपको कुछ ऐसे तरीकों के बारे में बताएंगे जिसे सेक्‍स के दौरन प्रयोग करके आप इसका मजा दुगना कर सकते हैं। इस बात को तो आप सभी जानते होंगे कि पुरूष की अपेक्षा स्‍त्रियां तुरंत उत्‍तेजित नहीं होती इसलिए सेक्‍स करने से पहले आप चाहे तो अपने पार्टनर से अंगो के बारे में बाते कर सकते हैं या फिर महिला पार्टनर के अंगों में हाथों द्वारा मसाज कर उसे सुखद एहसास दे सकतें है। या फिर कुछ ऐसे खेल खेल सकते है जो दोनों की उत्‍तेजना को और बढ़ाए। पार्टनर की आंखों में पट्टी बांध कर जगाएं उत्‍तेजना यौन क्रिया करने से पहले हम इसका अनुभव मानसिक तौर पर करने लगते हैं सेक्‍स के दौरान गंध, कंपन, स्‍पर्श या चरमोत्‍कर्ष की अनुभूति सबसे पहले मानसिक तौर पर होती है। इसलिए अपनी महिला पार्टनर को मानसिक सुख देने के लिए अपने साथी की आंखो पर पट्टी बांधे और उसके संवेदनशील अंगों को अपने हाथों या फिर किसी पंख के द्वारा सहलाएं इससे आपके साथी को रोमांचक उत्‍तेजना का अनुभव होगा इस दौरान आप उसके कपड़े भी धीरे-धीरे उतार सकते हैं। इस तरीके से आपके पाटर्न के न्‍यूरॉन्‍स में तीव्रता महसूस होगी और वह संभोग के लिए मचल उठेगी। एक दूसरे की यौन क्रियाओं को समझें सेक्‍स के दौरान एक दूसरे की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश करते रहें और एक दूसरे से पूछते रहें कि तुम्‍हें कैसा लग रहा है या फिर बदमाश कहीं, ऐसे कहीं करते हैं, दर्द तो नहीं हो रहा यकीन मानिए इससे न केवल एक दूसरे की पसंद को जान पाएंगे बल्कि सेक्‍स का एक अलग ही अनुभव आपको मिलेगा। साथ ही सेक्‍सुअल स्‍ट्रौक को तेज और कम करके एक दूसरे को चरमोत्‍कर्ष भी पहुंचा सकेंगे। यौन आसनों का करें भरपूर प्रयोग एक ही तरह की संभोग क्रिया से पुरुष और महिला पार्टनर दोनों बोर हो जाएंगे और सेक्‍स केवल कुछ देर की क्रिया मात्र बन कर रह जाएगा। इसे रोमांचक बनाने के लिए कुछ आसनों का प्रयोग करें, वात्‍स्‍यायन ने संभोग के दौरान 64 आसनों का उल्‍लेख किया है जिसमें से कुछ आसान का प्रयोग आप भी कर सकते हैं। अक्‍सर संभोग के दौरान पुरुष ऊपर और स्‍त्री नीचे की ओर रहती है और पुरुष द्वारा दिए गए स्‍ट्रोक को कंट्रोल में रखती है। अगर चाहें तो बैठ कर भी संभाग का एक अलग आनंद लिया जा सकता है इसके लिए पुरुष पीछे से स्‍त्री के साथ संभोग करता है इसके अलावा ऐसे कई आसन है जिसका प्रयोग आप कर सकते हैं।

साथी को कैसे करें आ‍कर्षित

साथी को कैसे करें आ‍कर्षित----किसी भी लड़की को अपनी तरफ आकर्षित करना एक बेहद ही मुश्किलों भरा काम होता है। यदि जीवन में आकर्षण न हो तो सेक्‍स लाइफ दिन प्रतिदिन बोर होती जाती है। लेकिन यदि आप कुछ उपायों के माध्‍यम से अपने महिला साथी को आकर्षित करतें है तो आपकी सेक्‍स लाइफ हमेशा रोमांच से सराबोर रहेगी। अपने साथ को आकर्षित करना अब आपके लिए मुश्किल नहीं रहेगा क्‍योंकि आज हम आपको इस लेख में इसी बारें में बतायेंगे कि किस तरह से अपने साथी को अपनी तरफ आ‍कर्षित करें। बस आपको ध्‍यान देना है कुछ उपायों पर और इन्‍हे अपना कर आप भी अपनी लाईफ में सेक्‍स का पूरा मजा ले सकेंगे। महिला को कैसे करें आकर्षित: आंखों का प्रयोग: आंखें हमारे शरीर का वो अंग होती है जो खामोश रहतें हुए भी बहुत कुछ कह जाती है। मसलन आखों का भी अपना एक अलग एक्‍सप्रेशन होता है। जिसके माध्‍यम से आप अपने साथी को अपनी इच्‍छाओं से अवगत करा सकतें है। इस दौरान आपको बस अपनी साथी के आंखों में आंखें डालकर देखना चाहिए। इस समय आंखों में देखतें हुए थोड़ी देर के लिए भी ध्‍यान नहीं भंग करना चाहिए। अंत में आंखों में देखतें हुए ही साथी के करीब आना चाहिए। हाथों का खेल: अपने हाथों को साथी के शरीर पर धिमें धिमें स्‍पर्श करें। साथी के उन अंगों पर अपने हाथों से स्‍पर्श करे जहां पर छूने पर साथी को आनंद की अनुभूति होती है। अपने उंगलियों से साथी के होंठों को धिमें से छूऐ और अपने अंगुठे से उनके होठों को थोड़ा सा दबाऐं। आपको बता दें कि हाथों के स्‍पर्श मात्र से साथी को आपके पूरे इरादे जाहिर हो जायेंगे। भावनाओं का रखें ख्‍याल: सेक्‍स लाइफ में साथी के भावनाओं का समझना बेहद जरूरी होता है। बेड पर जाने से पहले अपने साथी के मूड का भी पूरा ख्‍याल रखें। कभी भी जबरन सेक्‍स करने की कोशिश कत्‍तई न करें। इस दौरान अपने साथी को बहुत ही प्‍यार से अपने बाहों के आगोश में ले और अपने शरीर के स्‍पर्श से उन्‍हे तैयार करें। परफ्यूम: यह एक बेहद ही शानदार तरीका होता है। जब भी आप बिस्‍तर पा जायें उससे पहले अपने साथी के पसंद का परफ्यूम इस्‍तेमाल करें। इससे आपकी साथी पूरी तरह से आपके आगोश में आने को बेकरार हो जायेगा।

जूस से पाईये 'कामुकता'

जूस से पाईये 'कामुकता' -----दोस्तों गर्मी का मौसम है..इस चुभती गर्मी में सिर्फ एक गिलास जूस अगर आप सुबह-शाम पीते है तो आप को किसी हेल्थ टॉनिक की जरूरत नहीं पड़ेगी। ये जूस जहां आपके शरीर में होने वाली पानी की कमी को पूरा करेगा वहीं आपको तरो-ताजा भी रखेगा। आपको बता दें एक गिलास फ्रूट जूस या वेजिटेबल जूस पीने से आपके शरीर में रक्त संचार अच्छे से होगा जिसके चलते आपकी त्वचा कील मुहांसों से दूर रहेगी। सब्जियों के जूस तो त्वचा को निखारने का भी काम करते हैं। जूस का नियमित प्रयोग करने से आंखे, दिल, दिमाग सब स्वस्थ रहते है। एक नयी रिसर्च के मुताबिक फल के रस इंसान को सेक्सी भी बनाते हैं। खासकर तरबूज और बेल के रस का सेवन करने से मनुष्य में सेक्स क्षमता का भी विकास होता है। जूस से शरीर में प्रतिरोधकता की क्षमता बढती है जिससे इंसान रोगों की चपेट में नहीं आता है। लेकिन हां जो भी जूस आप पीजिये वो साफ-सुथरा और ताजे फल या सब्जियों का बना होना चाहिए। जूस से आपकी खुराक भी बढ़ती है। जिससे आपके पाचन संबधित रोग दूर होते है। सारी बीमीरियां पेट के कारण होती है इसलिए अगर पेट सही रहेगा तो इंसान खुद ब खुद स्वस्थ और सुंदर हो जायेगा इसलिए आप आज से ही बाजार के शीतल पेय को बंद करके स्वस्थ और ताजा फल-सब्जियों के जूस का सेवन शुरू कर दीजिये फर्क आप खुद ही महसूस करेगें।

पैंतालीस के बाद दोगुने सेक्स संक्रमण

पैंतालीस के बाद दोगुने सेक्स संक्रमण--------एक नए शोध से पता चला है कि 45 से ज़्यादा उम्र के लोगों में सेक्स के माध्यम से होने वाले संक्रमण अधिक तेज़ी से बढ़ते हैं जो काफ़ी चिंता की बात है. 'द हेल्थ प्रोटेक्शन एजेंसी' का अध्ययन बताता है कि इसके लिए इंटरनेट डेटिंग और शक्तिवर्धक दवाएँ कुछ हद तक ज़िम्मेदार हैं. पुरुषों को हरपीज़, सिफ़लिस, गनोरिया और जननांगों के मस्सों से पीड़ित होने की आशंका ज़्यादा रहती है. 'सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफ़ेक्शंस' में प्रकाशित एक अध्ययन में क्लीनिक में आने वाले मरीज़ों पर गौर किया गया. इस अध्ययन में पाया गया कि सेक्स के लिए स्वास्थ्य अभियानों के बावजूद युवा और प्रौढ़ दोनों में ही यौन संक्रमणों की संख्या बढ़ती जा रही है. द हैल्थ प्रोटेक्शन एजेंसी (एचपीए) ने 1996 से 2003 के बीच पश्चिम मिडलैंड्स के क्लीनिकों में आनेवाले लोगों का अध्ययन किया. दोगुने से ज़्यादा इनमें से ज़्यादातर लोग युवा थे जो 2003 में क्लीनिकों में आए लोगों का 95 फ़ीसद थे. जबकि 45 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों में यह अनुपात इससे पहले के आठ सालों के मुक़ाबले बढ़ा है. कुल मिलाकर यह संक्रमण 4,445 प्रौढ़ लोगों में पाया गया जबकि इनमें से आधे लोगों में जननांगों पर मस्से पाए गए. इसके बाद सबसे ज़्यादा पाई जाने वाली बीमारी थी हरपीज़ जो बीमारी से ग्रस्त पाँच लोगों में से एक को थी. पचपन से 59 की उम्र वाले पुरुषों और महिलाओं में सेक्स संक्रमण होने की आशंका सबसे ज़्यादा पाई गई जबकि महिलाओं से ज़्यादा पुरुष संक्रमित मिले. आठ साल के अंतराल में एक लाख की जनसंख्या पर संक्रमण की दर 16.7 से 36.3 यानी दोगुने से भी ज़्यादा हो गई. बर्मिंघम में एचपीए की स्थानीय निगरानी इकाई के डॉ बेबतुंडे ओलोकुरे कहते हैं, "सेक्स स्वास्थ्य के अभियान फ़िलहाल 25 से कम उम्र के युवा वर्ग पर केंद्रित हैं लेकिन हमारे परिणाम यह दर्शाते हैं कि सेक्स मामलों में रिस्क लेने की प्रवृत्ति युवाओं तक ही सीमित नहीं है बल्कि 45 से ज़्यादा उम्र के लोगों में भी यह मामला बढ़ रहा है." अनदेखी उन्होंने कहा कि इस उम्र के लोगों में कंडोम का कम प्रयोग करने के संकेत मिले हैं, शायद इसलिए क्योंकि तब गर्भधारण का ख़तरा नहीं रहता. डॉ बेबतुंडे ओलोकुरे ने कहा, "बढ़ती अंतरराष्ट्रीय यात्राएँ, इंटरनेट डेटिंग, नई शक्तिवर्धक दवाएं भी इसके कारण हो सकते हैं." एफ़पीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जूली बेंटली ने कहा, "हमने यह भी ग़ौर किया है कि हमारी हेल्पलाइन पर फ़ोन करने वाले 45 से ज़्यादा उम्र के लोगों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है." उन्होंने कहा, "दुखद बात है कि इस उम्र वर्ग के पुरुषों और महिलाओं के सेक्स संबंधी मामलों को बहुत अनदेखा किया जाता है और यही एक ऐसी बात है जिस पर हम सबसे ज़्यादा चिंतित हैं." उनके अनुसार ऐसी सभी सेवाएं 25 साल के युवाओं पर ही केंद्रित हैं और 45 से ज़्यादा उम्र के लोग सोचते हैं कि उन्हें सेक्स संबंधी स्वास्थ्य से कुछ लेना-देना नहीं है और ख़तरा मोल लेते वक्त उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी तक नहीं होती. एचआईवी से संबंधित एक चैरिटी से जुड़ी लीज़ा पावर कहती हैं, "सेक्स केवल युवाओं की बपौती नहीं है और गनोरिया और सिफ़लिस उम्र को नहीं देखते. लंबे समय के संबंधों से बाहर निकलने वाले लोग शायद कंडोम इस्तेमाल न करने के ख़तरों को नहीं जानते."

केला खाईये...टेस्ट, हेल्थ, सेक्स और ब्यूटी पाइये

केला खाईये...टेस्ट, हेल्थ, सेक्स और ब्यूटी पाइये----केला एक ऐसा फल है जो आसानी से हर जगह आसानी से मिलता है। और लोगों को खाने में काफी पसंद होता है। पूजा पाठ से लेकर सौदर्य प्रसाधन तक में केले का प्रयोग बहुतायत में होता है। केले को लोग बड़े ही चाव से खाना पसंद करते हैं क्योंकि इसे खाने में मेहनत नहीं करती पड़ती है। केले को लोग संपूर्ण आहार मानते हैं। आपको बता दें कि केले में आयोडीन,आयरन और प्रोटीन पाया जाता है। कच्चे केले में कैल्शियम की मात्रा ज्यादा पायी जाती है। केले को खाना खाने के बाद खाने से भोजन अच्छे से पच जाता है। तो वहीं अगर आप रोज सवेरे एक केला और एक गिलास दूध नाश्ते में लेते हैं तो आप का वजन नियंत्रित हो जाता है । ये आपको भूख लगने नहीं देता जिसके चलते आप उन ऊंट-पटांग चीजों को खाने से बच जाते है जो आपका वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। आपको बता दें कि केला खाने से पुरूषों में स्पर्म की मात्रा बढ़ जाती है, जो उनके अंदर सेक्स पावर को भी बढ़ाता है। साथ ही केले खाने से स्त्रियों को मासिक धर्म के समय परेशानी का कम सामना करना पड़ता है। केला कमर दर्द और बदन दर्द में निजात दिलाता है क्योंकि इसे खाने से अंदर से शरीर को मजबूत बनाता है। केले में मौजूद आयरन महिलाओं को मासिक चक्र के समय कमजोर नहीं होने देते। केला आपके दिल का भी ख्याल रखता है। हाई ब्लड प्रेशर और यूरीन समस्या को भी दूर करता है। केले को लोग ब्यूटी प्रोडक्ट्स के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं। कच्चे केले को दूध के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा निखर उठती है। उसमें चमक तो आती ही है, साथ ही ये चेहरे को कांतियुक्त और शीतलता प्रदान करता है। केले को गुलाब जल मिलाकर लगाने से मुहांसे दूर हो जाते हैं। केले का प्रयोग आज बहुतायत में बहुत सारी क्रीमों में भी होने लगा है। तो अब आप ही बताइये है ना केला कमाल की चीज जो स्वाद, सेहत और सेक्स और सुंदरता चारों ही चीज को प्रदान करता है।

स्त्री-पुरुष के विपरीत स्वभाव पर दिलचस्प जानकारियाँ


पुरुष और महिलाएं भले ही हमराही हो गए हों, लेकिन दोनों का मूल स्वभाव आज भी अलग-अलग है। हर काम करने का दोनों का अंदाज़ एक-दूसरे से बिल्कुल जुदा होता है। पुरुषों को स्वभाव से आक्रामक, प्रतियोगिता में विश्वास रखने वाला और अपनी बातों को छिपाने में माहिर माना जाता है। दोस्तों से बातचीत में पुरुष अपने सारे राज़ भले ही खोल दें, लेकिन किसी अजनबी से गुफ्तगू में पूरी सावधानी बरतते हैं। कारण, उनकी किसी बात से विरोधी फायदा न उठा सकें। पुरुष आमतौर पर अपने कामकाज़ में किसी तरह की दखलंदाज़ी बर्दाश्त नहीं करते।

आपको यह जानकर हैरत होगी कि बड़े से बड़ा नुकसान होने और बहुत ज़्यादा खुशी दोनों ही हालत में पुरुष सेक्स की ज़रूरत शिद्दत से महसूस करते हैं। वे इसे तनाव से मुक्ति पाने वाला भी मानते हैं। वहीं, महिलाएं पुरुष-मित्र या पति से झगड़ा होने पर चाहती हैं कि उनकी बात को पूरी तरह सुना जाए, लेकिन अगर कोई प्रेमी अपनी प्रेमिका से झगड़े के बाद उसे अपनी मज़बूत बांहों का सहारा देता है और दिल से उससे माफी मांग लेता है, तो महिलाएं सब कुछ तुरंत भूल जाती हैं। महिलाएं तारीखों का काफी हिसाब-किताब रखती हैं। उन्हें अपने जीवनसाथी या पुरुष-मित्र के साथ-साथ दोस्तों, परिचितों और पारिवारिक सदस्यों के जन्मदिन और सालगिरह की तारीखें याद रहती हैं, जबकि पुरुष कभी-कभी अपनी महिला-मित्र या पत्नी का भी जन्मदिन भूल जाते हैं।

महिलायें एक समय पर कई काम कर सकती हैं। वे फोन पर बात करते-करते टीवी देख सकती हैं। डिनर तैयार करते समय बच्चों की निगरानी कर सकती हैं, लेकिन पुरुष एक समय में एक ही काम करने में विश्वास रखते हैं।
पुरुषों के मुकाबले महिलाएं संकेत पहचानने में ज़्यादा माहिर होती हैं, लेकिन वे दिल के मामले में अपनी बात किसी पर जल्दी ज़ाहिर नहीं करतीं। महिलाएं अपने साथी की आंखों, बातों और उसके चेहरे के हाव-भाव से उसकी चाहत का अंदाज़ा बखूबी लगा लेती हैं, लेकिन किसी से कुछ कहतीं नहीं। जबकि पुरुष 'वो मुझे चाहती है, वो मुझे नहीं चाहती' की भूलभुलैया में भटकते रहते हैं।

पुरुष किसी भी चीज़ की ज़रूरत होने पर बड़ी आसानी से उसकी मांग कर देते हैं, पर महिलाएं अपनी पसंद की चीज़ की तरफ पहले केवल इशारा ही करती हैं। इसे न समझने पर वह अपनी मांग शब्दों से ज़ाहिर करती हैं। महिलाएं आमतौर पर अपने बच्चों की तमाम ज़रूरतों के प्रति सजग रहती हैं। उनकी पढ़ाई, अच्छे दोस्तों, प्रिय खाद्य पदार्थ , उनकी आशाओं और सपनों से वे पूरी तरह वाकिफ होती हैं, जबकि पुरुषों का ज़्यादातर समय बाहर बीतता है, इसलिए वे अपने बच्चों को उतनी अच्छी तरह नहीं जान पाते।

महिलाएं टीवी देखते समय एक ही चैनल पर ज़्यादा समय तक टिक सकती हैं। किस चैनल पर उनका पसंदीदा प्रोग्राम कब आएगा, यह उन्हें अच्छी तरह पता होता है, वहीं पुरुष एक समय में छह या सात चैनल देखते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि कुछ समय पहले वे किस चैनल पर कौन-सा कार्यक्रम देख रहे थे! महिलाओं को सोने के लिए पूरी शांति की ज़रूरत होती है। हो सकता है कि एक बल्ब जलता रहने पर वह चैन से न सो पाएं, जबकि पुरुष शोर में भी 'घोड़े बेचकर' सो सकते हैं। चाहे कुत्ते भौंक रहे हों, तेज़ आवाज़ में गाना बज रहा हो या बच्चे ऊधम मचा रहे हों, अगर उन्हें सोना है, तो फिर कोई भी चीज़ उनके लिए कोई मायने नहीं रखती।

बुधवार, 19 दिसंबर 2012

योग से यौन शक्ति बढ़ाएँ: बेहतर यौन स्वास्थ्य के लिए योगासन, प्राणायाम और जीवनशैली

                    योग से यौन शक्ति बढ़ाएँ: बेहतर यौन स्वास्थ्य के लिए योगासन, प्राणायाम और जीवनशैली 'यौन स्वास्थ्य' व्यक्ति के शा...